दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की आंधी में सारे विरोधी उड़ गए। जीत का दावा करने भाजपा सिर्फ 7 कदम चल सकी जबकि कांग्रेस पिछले चुनाव की तरह इस बार भी जीरो पर ही सिकुड़ी रही। राजनीतिक पंडित अब हार के मंथन में जुटे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वो दिल्ली की जनता के मूड को समझने में कहां चूक गए। हार पर सबकी राय अलग-अलग हो सकती है लेकिन जीत पर आकर ये एक हो जाती है। इस बीच लेखक और निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के कुछ ट्वीट अचनाक चर्चा में आ गए हैं।
मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह की जीत पर बॉलीवुड निर्देशक का तंज, कहा- दिल्ली की जनता ने...
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विवेक अग्निहोत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। एक में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है कि मनीष सिसोदिया तीन हजार से अधिक वोटों से जीते और अमानतुल्लाह खान सत्तर हजार से अधिक। अब मुझे पक्का विश्वास हो गया कि दिल्ली की जनता ने शिक्षा के लिए वोट दिया। बता दें कि मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी रविंद्र सिंह नेगी कड़ी टक्कर दी। जबकि ओखला विधानसभा सीट से अमानतुल्लाह ने बड़ी जीत दर्ज की।
Manish Sisodia - 3000+ margin
Amantullah Khan - 70,000+ margin
Now I am convinced that Delhi voted for Education.
सही में लोगों ने 'काम' के नाम पर वोट दिया है.
I asked the reception where is #ShaheenBagh and they gave me this map. pic.twitter.com/nd8q5Iu4JN
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) February 12, 2020
एक और ट्वीट में भाजपा पर तंज कसते हुए विवेक ने लिखा, 'सुषमा स्वराज के नेतृत्व के बाद दिल्ली वास्तव में कभी भाजपा से संबंधित नहीं थी। दिल्ली दृष्टिकोण में एक महानगरीय शहर नहीं है। यह एक स्थानीय राजनीति है। ऐसे नेतृत्व के लिए आपको सुषमा जी या फिर शीला जी जैसे लोगों को जरूरत है। भाजपा के पास दिल्ली में कोई चेहरा नहीं है। न पसंद करने के बावजूद मैंने केजरीवाल को वोट दिया।'
After the leadership of Sushma Swaraj ji, Delhi actually never belonged to BJP.
Delhi is not a cosmopolitan city in attitude. It’s a localite politics. You need one of their own to lead like Sushma ji. Or Sheila ji.
Despite not liking him, I’d have also voted for Kejriwal.
विवेक अग्निहोत्री केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सदस्य हैं। कुछ लोग उन्हें भाजपा का करीबी भी कहते हैं। निर्देशक के तौर पर वो ज्यादा सफल नहीं रहे हैं। उनकी कई फिल्में फ्लॉप रही हैं। साल 2019 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' की खूब चर्चा हुई लेकिन फिल्म क्रिटिक्स ने इसे खास नहीं सराहा। विवेक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और सामाजिक, राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं।
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