उसे इश्क कहें, मोहब्बत या प्यार कहें, वो जब होता है तो इंसान को कहीं का नहीं छोड़ता। उस एहसास में एक अलग ही कशिश होती है। जिसकी वजह से हम एक अलग ही दुनिया में होते हैं। प्यार में पड़ा इंसान जब इसका आगाज करता है तो अंजाम की परवाह किए बगैर आगे बढ़ता जाता है। दिन-ब-दिन हमारी मोहब्बत बढ़ती जाती है। प्यार अमर है, जिसे न तो कोई सरहद रोक पाती है और न ही जाति की बेड़ियां जकड़ सकती हैं। मजहब या वक्त के दायरे में इसे बांधा नहीं जा सकता। मोहब्बत की कहानियां ऐसी होती हैं जो किरदारों के गुजर जाने के बाद भी जिंदा रहती हैं। इश्क के बारे में एक बात काफी मशहूर है कि ये मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते लड़खड़ा जाता है, भटक जाता है। ऐसी कई प्रेम कहानियां हैं जो शुरू तो हुईं, लेकिन कभी मुकम्मल न हो पाईं। कुछ ऐसी ही प्रेम कहानी है बॉलीवुड के लीजेंड कलाकार गुरुदत्त और दिग्गज अदाकारा वहीदा रहमान की, जिन्हें अधूरी ख्वाहिशों संग मरना पड़ा। तो चलिए आज हम आपको अपने इस लेख के जरिए बताते हैं कि कैसे शादीशुदा गुरुदत्त का दिल वहीदा रहमान पर आया और फिर दोनों को जुदाई का गम सहना पड़ा। पढ़ें अधूरे इश्क की दास्तां...
Love Story: वहीदा के इश्क में गिरफ्तार गुरुदत्त पत्नी को ही भुला बैठे, फिर भी प्यार के लिए 'प्यासा' रहा लीजेंड
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वहीदा के प्यार में पड़ने से पहले शादी कर चुके थे गुरुदत्त
जहां वहीदा रहमान का जिक्र हो और वहां गुरुदत्त का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। एक वक्त ऐसा था, जब दोनों के प्यार के किस्से हर किसी की जुबां पर थे। यूं तो गुरुदत्त ने साल 1953 में मशहूर गायिका और एक्ट्रेस गीता दत्त से शादी कर ली थी, लेकिन जब उनकी जिंदगी में वहीदा की एंट्री हुई तो वह उनके प्यार में डूबने से खुद को रोक नहीं पाए। वहीदा के प्यार में गुरुदत्त इस कदर खो गए थे कि उनकी पत्नी भी उनसे दूर चली गई थीं। दोनों के बीच वहीदा को लेकर काफी झगड़े होते थे। साल 1957 में गुरुदत्त की पत्नी उनसे अलग रहने लगी थीं।
इस तरह हुई थी गुरुदत्त और वहीदा के प्यार की शुरुआत
यह बात उन दिनों की है जब गुरुदत्त फिल्म सीआईडी के लिए एक अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे। उस समय वहीदा रहमान साउथ फिल्मों में काम कर रही थीं। एक समारोह के दौरान गुरुदत्त की नजर वहीदा पर पड़ी थी, जहां देखते ही वह उनको पसंद कर बैठे और वहीदा को अपनी फिल्म में स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया। वहीदा स्क्रीन टेस्ट में सेलेक्ट हो गईं। इसके बाद ही दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबने लगे। कहा जाता है कि इस फिल्म के सेट से ही दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे थे। वहीदा रहमान ने हिंदी, तमिल, तेलुगू, बंगाली और मलयालम भाषाओं में कई फिल्में की हैं।
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फिल्म 'प्यासा' में दोनों की जोड़ी हुई सुपरहिट
सीआईडी फिल्म के दौरान गुरुदत्त पर वहीदा के प्यार का नशा इस कदर चढ़ा कि अगली फिल्म 'प्यासा' में गुरुदत्त उनके अपोजिट बड़े पर्दे पर हीरो के तौर पर दिखे। कहा जाता है कि फिल्म 'प्यासा' के लिए गुरुदत्त की पहली पसंद दिलीप साहब थे, लेकिन फिल्म में अभिनेत्री वहीदा रहमान होने की वजह से उन्होंने खुद एक्ट्रेस के अपोजिट काम करने का फैसला किया। हालांकि इस फिल्म में दोनों की जोड़ी को दर्शकों का खूब प्यार मिला, लेकिन इसके बाद से वहीदा और गुरुदत्त के प्यार के चर्चे शुरू हो गए थे। इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा एक नई क्रांति ला दी थी। उस वक्त इस बात के काफी चर्चे थे कि गुरुदत्त वहीदा रहमान के लिए सीन्स खुद लिखते थे। इतना ही नहीं उनके नजदीक आने का बहाना ढूंढते रहते थे।
जब वहीदा से खफा हो गए थे गुरुदत्त
एक वक्त ऐसा भी आया जब गुरुदत्त वहीदा रहमान से खफा हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने वहीदा को मेकअप रूम तक में जाने की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि यह बात खुलकर सामने नहीं आई थी कि गुरुदत्त ने ऐसा क्यों किया था। कहा जाता है कि गुरुदत्त वहीदा को अपने हिसाब से चलाना चाहते थे। वे वहीदा के नजदीक रहना चाहते थे, वह नहीं चाहते थे कि वहीदा उनसे दूर रहे। इसलिए उन्होंने वहीदा के पास ही अपना मेकअप रूम बनवाया था। वहीं, अगर वहीदा किसी दूसरे बैनर की फिल्म में काम कर रही होती थीं तो भी गुरुदत्त के सेट पर मेकअप रूम का ही इस्तेमाल करती थीं।