निर्देशक राजकुमार हिरानी की आने वाली फिल्म 'संजू' संजय दत्त की बायोपिक पर आधारित है। पिछले दिनों फिल्म के कई पोस्टर रिलीज किए जा चुके हैं। 'संजू' में एक-एक किरदारों का लुक पोस्टर के जरिए जारी किया जा रहा है। फिल्म बनने की चर्चा के बाद से ही लोग संजय दत्त की निजी जिंदगी के किस्से जानना चाहते हैं तो चलिए ऐसे में हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ बातें बताते हैं।
मां की मौत के वक्त भी नशे में धुत थे संजय दत्त, 'रॉकी' की रिलीज से पहले ही पड़ चुकी थी ड्रग्स की लत
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संजय दत्त हमेशा अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहे। 80 के दशक में जब संजय दत्त कॉलेज गोइंग स्टूडेंट थे उस वक्त मुंबई में ड्रग्स बहुत ट्रेंडी चीज थी। ऐसे में भला वो इस ट्रेंड को फॉलो करने में पीछे कैसे रहते। वैसे तो संजय दत्त को पढ़ाई में कोई रुचि नहीं थी लेकिन पापा के कहने पर उन्होंने कॉलेज जाना शुरू कर दिया था। कॉलेज में ही संजय गलत संगत में पड़ गए और उन्हें चरस, गांजा और ड्रग्स की लत लग गई।
शुरुआत में तो नरगिस को इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा कि उनका बेटा ड्रग्स के लत में फंस चुका है क्योंकि उनके घर में किसी ने ऐसा कुछ किया नहीं था लेकिन जब संजय दत्त कमरे में बंद रहने लगे तो नरगिस को शक हो गया। नरगिस को पता चलने के बावजूद उन्होंने ये बात सुनील दत्त को बताई नहीं और अपने हिसाब से ही उन्होंने केवल बेटे को समझाना शुरू किया। नरगिस को लगा कि वो समझा-बुझाकर बेटे को सही रास्ते पर ले आएंगी लेकिन एक बार जो ड्रग्स की लत लग जाए उसे छोड़ना कहां आसान होता है।
वो दौर ऐसा था कि ड्रग्स के बारे में ज्यादा किसी को जानकारी नहीं थी। मुंबई में उस समय कोई रिहैबिलिटेशन सेंटर नहीं था। संजय दत्त ने खुद बताया था कि मुंबई में इलाज नहीं होने के बाद वो अमेरिका के रिहैबिलिटेशन गए तो डॉक्टरों ने उन्हें उस समय ड्रग्स की एक लंबी लिस्ट दी। जिस पर संजय दत्त को निशान लगाना था कि उन्होंने इनमें से कौन-कौन सी ड्रग्स उन्होंने ली है। संजय दत्त ने जब वो लिस्ट देखी तो मन ही मन सोचा कि उन्हें तो इस पूरी लिस्ट पर ही निशान लगाना पड़ेगा यानि उस वक्त जितने भी ड्रग्स थे संजय दत्त ने सभी ले रखे थे।
बहरहाल, इन सबके बीच सुनील दत्त को लगा कि अगर संजय दत्त काम में बिजी हो जाएंगे तो उन्हें ड्रग्स से भी छुटकारा मिल सकता है। एक बार सुनील दत्त ने संजय दत्त को फोन करके ऑफिस बुलाया जिससे उनकी पहली डेब्यू फिल्म 'रॉकी' के शूटिंग शेड्यूल पर बात की जा सके। पिता ने बुलाया तो ऑफिस जाना ही पड़ता तो संजय दत्त ना चाहते हुए भी ऑफिस पहुंचे। उस वक्त भी संजय ने ड्रग्स का भारी डोज ले रखा था। आलम ये था कि उन्हें नशे की वजह से सुनील दत्त एक जलती हुई मोमबत्ती की तरह दिखाई देने लगे। कुछ ही देर में संजय दत्त सुनील दत्त के ऊपर कूद गए वो मोमबत्ती बुझाने के लिए। ये पहली बार था जब सुनील दत्त ने बेटे को इस हालत में देखा था।