मंगलवार को रियलिटी शो 'लॉक अप' के दूसरे सदस्य के नाम का खुलासा हो गया है। कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी कंगना रणौत के शो में हिस्सा लेने वाले हैं। प्रोमो रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर मुनव्वर फारुकी के बारे में चर्चाओं का दौरान शुरू हो गया है। सब लोग यही जानना चाहते हैं कि आखिर मुनव्वर फारुकी कौन हैं और उनका कंट्रोवर्सी से क्या नाता है।
Lock Upp: गृह मंत्री पर अभद्र टिप्पणी, मजहब पर विवाद; जानिए कौन हैं मुनव्वर फारुकी, जिन्हें कंगना रणौत के शो में मिली एंट्री
कौन है मुनव्वर फारुकी?
मुनव्वर फारुकी इंदौर के एक स्टैंड-अप कॉमेडियन। हाल ही में हिंदू देवी-देवताओं और गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की वजह से मुनव्वर फारुकी को जेल ही हवा खानी पड़ी थी। इतना ही नहीं जेल से छूटने के बाद मुनव्वर फारुकी के 12 शोज भी कैंसल हो गए थे।
हालिया विवाद क्या है?
बर्बरता की कथित धमकियों के कारण दो महीने में मुनव्वर फारूकी के 12 शो रद्द कर दिए गए। इसके तुरंत बाद जब उनकी बेंगलुरु पुलिस ने आयोजकों को "कानून और व्यवस्था" के मुद्दों का हवाला देते हुए 'डोंगरी टू नोव्हेयर' नामक शो को बंद करने के लिए कहा, तो स्टैंड-अप कॉमेडियन ने संकेत दिया कि वह कॉमेडी छोड़ देंगे।
इंस्टग्राम पर पोस्ट शेयर कर कही थी ये बात?
फारुकी ने एक सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा था कि "नफरत जीत गई, कलाकार हार गया। मुझे जेल में उस मजाक के लिए डाला गया, जो मैंने कभी किया ही नहीं। मेरे शोज को कैंसिल किया गया, ये नाइंसाफी है। हमारे पास शो का सेंसर सर्टिफिकेट भी था, सर्टिफिकेट होने का मतलब ही यही है कि शो में कुछ भी गलत नहीं है। इतना ही नहीं पिछले दो महीने में 12 शो कैंसिल हुए हैं। क्योंकि लोग हमें धमकी दे रहे थे कि वह वेन्यू और जनता को नुकसान पहुंचाएंगे।'
जनवरी में क्यों किया गया था गिरफ्तार?
इससे पहले 1 जनवरी को इंदौर में नए साल के दिन एक शो के दौरान हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। शो के तुरंत बाद, भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने फारुकी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। फारुकी को तब भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसमें धारा 295-ए शामिल है, जो जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों से संबंधित है, जिसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है।