आमतौर पर जहां एक्टरों को सोलो लीड वाली फिल्में मिल जाती हैं वहीं आशीष चौधरी के साथ ऐसा नहीं हुआ। उन्हें ज्यादातर मल्टीस्टारर फिल्में ही मिलीं और सोलो लीड वाली फिल्में किसी ने ऑफर नहीं कीं।
आशीष चौधरी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे परदे से की जहां वो कई सीरियल और रिएलिटी शोज में नजर आए, लेकिन उन्होंने कुछ म्यूजिक वीडियो में भी अपनी किस्मत आजमाई।
पर आशीष का मोह तो फिल्मों से ही था यही वजह रही कि हीरो बनने के चक्कर में उन्होंने 'चलो अमेरिका' जैसी फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री की। लेकिन ये फिल्म कब आई और कब गई किसी को पता नहीं चला। इस फिल्म के चार साल बाद ही आशीष चौधरी को फिल्म मिली 'कयामत: सिटी अंडर थ्रैट' जिसमें उनके काम को नोट किया गया।
फिल्म में उनके अलावा अजय देवगन जैसे मंझे हुए स्टार भी थे लेकिन उनके होते हुए भी आशीष अपनी एक अलग छाप छोड़ने में कामयाब हुए।
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- फोटो : Atul Dubey Photography
इसके बाद आशीष ने कुछ और फिल्में कीं लेकिन वो खास नहीं चलीं पर जल्द ही वो दौर आया जब आशीष चौधरी की कॉमेडी जॉनर में एंट्री हो गई और उसमें उन्होंने सफलता के झंडे गाढ़ने शुरु कर दिए। उन्होंने 'धमाल' और 'डबल धमाल' जैसी मल्टी-स्टारर और कॉमडी फिल्में कीं। इन फिल्मों को खूब सफलता मिली और आशीष के करियर को भी बूस्ट मिला। लेकिन ना जाने कब आशीष महज मल्टी-स्टारर और कॉमेडी फिल्मों के जाल में ही फंसकर रह गए।
अब तक के करियर में आशीष चौधरी ने जितनी भी फिल्में की हैं उनमें ज्यादातर मल्टीस्टारर और कॉमेडी ही रही हैं। इन फिल्मों की सफलता ने आशीष चौधरी को खुशी तो दी, लेकिन उनके मन में इस चीज की टीस रही कि वो सिर्फ कॉमेडी फिल्मों के खांचे में फंसकर रह गए और कभी एक सफल सोलो हीरो नहीं बन पाए।
ऊपर से घर-परिवार में चल रही दिक्कतों, मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले में हुई बहन और जीजा की मौत से मानो आशीष चौधरी पर पहाड़ ही टूट पड़ा। इस परेशानी से आशीष उबरे भी नहीं थे कि उनके मां-बाप का एक्सीडेंट हो गया जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उनकी पत्नी डिपरेशन में चली गई। इन सब परेशानियों को झेलते-संभालते आशीष चौधरी का करियर ही दांव पर लग गया। एक वक्त वो भी आया जब उनके बैंक अकाउंट में पैसे भी नहीं रहे और वो दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गए।