टीवीएफ के सबसे चर्चित शोज में से एक 'ये मेरी फैमिली' का दूसरा सीजन आने वाला है। पहले सीजन के रिलीज के बाद इस शो को दर्शकों से जिस तरह का प्यार मिला वह काबिले तारीफ है। लंबे समय के बाद अब शो के मेकर्स ने इस सीरीज के दूसरे सीजन को लाने का निर्णय लिया है। सीरीज का पहला सीजन 2018 में रिलीज किया गया जिसमें मोना सिंह, आकर्ष खुराना, विशेष बंसल, प्रसाद रेड्डी, अहान निर्बान और रेवती मुख्य कलाकारों के रूप में शामिल थे। सौरभ खन्ना की लिखी इस सीरीज का निर्देशन समीर सक्सेना ने किया। सात एपिसोड का सीरीज का पहला सीजन बहुत ही दिलचस्प है, चलिए बताते हैं आपको पहले सीजन की पूरी कहानी, एपिसोड दर एपिसोड...
Yeh Meri Family: दूसरा सीजन देखने से पहले समझिए अब तक की कहानी, पारिवारिक हास्यगाथा के ये रहे सातों अध्याय
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'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड पहला
सीरीज की शुरूआत होती है स्कूल की गर्मियों की छुट्टियों से। हर्षु (विशेष बंसल) इन गर्मियों में खूब घूमने और मस्ती करने के मूड में होता है। इस सभी चीजों का आइडिया हर्षु को उसका दोस्त शैंकी ( प्रसाद रेड्डी) देता है। लेकिन शैंकी के साथ बनाए उसके सारे प्लान फेल कर दिए जाते हैं।क्योंकि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण उसका हिंदी विषय के लिए ट्यूशन लगा दिया गया है। मां (मोना सिंह) से यह सुनकर हर्षु दुखी और नाराज हो जाता है। इसके बाद जब वह अपने दोस्त शैंकी को फोन करके यह सारी बातें बताता है तो शैंकी घुमा फिरा कर उसे ट्यूशन की अच्छाइयां बताता है।
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड दूसरा
किसी भी स्कूली बच्चे को अपना जन्मदिन गर्मी की छुट्टियों में मनाना बिल्कुल नहीं पसंद होता है क्योंकि उसको अपने दोस्तों के साथ मिलने और उनके साथ बाहर जाने का यही एक मौका होता है। हर्षु का जन्मदिन 8 मई को पड़ता है और हर साल उसे अपना जन्मदिन मोहल्ले के लोगों के साथ बिताना पड़ता है जो उसको बिल्कुल नही गवारा है। अब इस साल वह अपने जन्मदिन के लिए अपने दोस्त के साथ चुपके से फिल्म देखने का प्लान बनाता है। लेकिन तमाम लड़ाई झगड़ों के बाद भी उसे बाहर जाने नहीं मिलता है। मम्मी स्कूल के कुछ बच्चों को बुला लेती हैं और उन बच्चों में उसकी पसंदीदा छात्रा विद्या के होने से हर्षु का मन अच्छा हो जाता है।
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड तीसरा
हर्षु का सालाना रिजल्ट आने वाला है। उसके पिता स्कूल रिजल्ट लेने आएंगे। दरअसल हर्षु के पिता का वजन काफी ज्यादा है जिसको लेकर उसके स्कूल के बच्चे मजाक बनाते हैं। जिस कारण हर्षु अपने पिता को दूसरों के सामने दिखाने से शर्माता है। दूसरों के पिताओं को देख कर ललचाता है कि काश ऐसे मेरे भी पता होते। उसको लगता है कि मेरे पापा किसी काम के नहीं हैं। लेकिन एक दिन उसका यह भ्रम टूट जाता है जब उसके पापा क्रिकेट की पहली ही बॉल पर छक्का मार देते हैं जिसके बाद से उसके मन में अपने पिता के प्रति प्रेम और इज्जत बढ़ जाती है।
'ये मेरी फैमिली' सीजन 1: एपिसोड चौथा
हर्षु का बड़ा भाई देवांश 15 साल का हो चुका है। और वह चुपके से अपने पास कुछ अडल्ट पत्रिका रखता है जिसके बारे में एक दिन हर्षु को पता लगता है और उसे देख कर हर्षु एकदम चौक जाता है। उसको समझ में आता है कि उसका भाई इतना भी सीधा नहीं है जितना लोग उसको समझते हैं। हर्षु उसे धमकी दे रहा होता है। जब तक उनकी बात खत्म होती तब तक उसके मां को वह पत्रिका मिल जाती है। हर बार की तरह सारा इल्जाम हर्षु पर ही जाता है लेकिन हर्षु नकारता नहीं है और सारा इल्जाम अपने सिर पर ले लेता है।