कोरोना काल में हर दिन हजारों की संख्या में लोग मर रहे हैं, कुछ लोग बेहतर इलाज के अभाव में तो कुछ बिना अस्पताल गए ही दम तोड़ रहे हैं। हालांकि सरकार लोगों को बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना से डटकर मुकाबला कर उसे हरा रहे हैं तो कुछ जंग हार जा रहे हैं। ऐसे ही एक एक्टर और यूट्यूबर थे राहुल वोहरा। राहुल का हाल ही में कोविड-19 के चलते निधन हो गया। अगर उन्हें बेहतर इलाज मिल पाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। शनिवार 8 मई को उनका निधन हो गया।
मौत से पहले राहुल वोहरा के वो आखिरी शब्द, जिसे पढ़कर आपका भी कलेजा फट जाएगा
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सोशल मीडिया इन दिनों अपीलों से पटा पड़ा है। लोग इस उम्मीद में पोस्ट डाल रहे हैं कि शायद किसी की मदद से बेहतर इलाज मिल पाए और उनके चाहने वालों की जान बचाई जा सके। सोनू सूद के पास दिन भर में मदद की गुहार लगाते हजारों की संख्या में मैसेज आ रहे हैं। राहुल वोहरा भी मरने से पहले सोशल मीडिया के जरिए अच्छे इलाज की गुहार लगाते रहे लेकिन इलाज के अभाव ने एक युवा की जान ले ली। जीहां राहुल महज 35 साल के थे।
अपने निधन से पहले राहुल ने जो कुछ सोशल मीडिया पर लिखा उसे पढ़कर आपका कलेजा फट जाएगा। राहुल वोहरा ने फेसबुक पर शनिवार दोपहर 12:38 पर लास्ट पोस्ट लिखा था। इस पोस्ट में राहुल लिखते हैं,
मुझे भी ट्रीटमेंट अच्छा मिल जाता तो मैं भी बच जाता, तुम्हारा राहुल वोहरा
नाम- राहुल वोहरा
उम्र- 35
अस्पताल का नाम- राजीव गांधी सुपर स्पेशियलटी हॉस्टपिटल, ताहिरपुर, दिल्ली
बेड संख्या- 6554
फ्लोर- 6वीं, बी विंग, HDUराहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदियो को टैग करके आगे लिखा-
जल्द जन्म लूंगा और अच्छा काम करूंगा। अब हिम्मत हार चुका हूं....
राहुल के पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट भी किया लेकिन तब तक वे जिंदगी की जंग हार चुके थे। अब जरा सोचिए उस युवा का मन उस वक्त किस परिस्थिति से गुजर रहा होगा, जब उसे मौत का आभास हुआ होगा। राहुल वोहरा जैसे लाखों लोगों ने अपनी जान इलाज के अभाव में गंवा दी। डॉक्टर्स की ओर से हरसंभव इलाज की बात कही गई। बाद में उन्हें दूसरे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट भी कराया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।

राहुल वोहरा ने चार मई को पोस्ट कर बताया था कि वो कोविड पॉजिटिव हैं। साथ ही उन्होंने मदद की गुहार भी लगाई थी। उन्होंने लिखा था,
मैं कोविड पॉजिटिव हूं। लगभग चार दिन से एडमिट हूं लेकिन कोई रिकवरी नहीं। क्या कोई ऐसा अस्पताल है, जहां ऑक्सीजन बेड मिल जाए? क्योंकि यहां मेरा ऑक्सीजन लेवल लगातार नीचे जा रहा है और दिल्ली में कोई देखने वाला नहीं। मैं बहुत मजबूर होकर ये पोस्ट कर रहा हूं क्योंकि घरवाले कुछ संभाल नहीं पा रहे।