कंगना रणौत अपनी आने वाली फिल्म 'इमरजेंसी' का प्रचार कर रही हैं। अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना रणौत अक्सर अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। अभिनेत्री की फिल्म को प्रमाणन में देरी का सामना करना पड़ रहा है। कंगना का कहना है कि उनकी फिल्म पर इमरजेंसी लगा दिया गया है।
Emergency: बिना कट के 'इमरजेंसी' को मंजूरी नहीं मिली तो कोर्ट जाएंगी कंगना रणौत, बोलीं- हम कितना डरते रहेंगे?
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''इमरजेंसी'' के निर्धारित प्रीमियर से चार दिन पहले अभिनेत्री कंगना रणौत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) पर रिलीज में देरी करने के लिए इसके प्रमाणपत्र को रोकने का आरोप लगाया है। अभिनेत्री ने कहा कि अगर उन्हें बिना कटे संस्करण पर मंजूरी नहीं मिली तो वह अदालत जाएंगी। कंगना ने कहा, "मेरी फिल्म पर भी इमरजेंसी लगा दी गई है। यह बहुत निराशाजनक स्थिति है। मैं अपने देश से काफी निराश हूं और जो भी हालात हैं... हम कितना डरते रहेंगे?"
कंगना ने आगे कहा, "मैंने इस फिल्म को बहुत आत्मसम्मान के साथ बनाया है, यही वजह है कि सीबीएफसी कोई विवाद नहीं कर सकता। उन्होंने मेरा प्रमाणपत्र रोक दिया है, लेकिन मैं फिल्म का एक बिना किसी कट के रिलीज करने के लिए डटी हुई हूं। मैं अदालत में लड़ूंगी और एक बिना किसी कट ते फिल्म जारी करूंगी।'' उन्होंने यह भी कहा था कि उन पर अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या को न दिखाने का दबाव है।
हालांकि, सीबीएफसी ने अपनी वेबसाइट पर यू/ए सर्टिफिकेट डाल दिया है, लेकिन निर्माताओं को अभी तक सर्टिफिकेट की प्रति नहीं मिली है। हर दिन फिल्म में एक नया कट दिया जा रहा है, जो वे कुछ दबाव के कारण कर रहे हैं।" सोमवार को, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एक सिख संस्था की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें 'इमरजेंसी' की रिलीज को रोकने के निर्देश देने की मांग की गई है।
पिछले हफ्ते 'इमरजेंसी' के लेखक और सह-निर्माता ने कहा कि उनकी फिल्म अभी भी सेंसर बोर्ड के पास अटकी हुई है। अफवाहों के विपरीत कि इसे रिलीज के लिए मंजूरी दे दी गई है। इसमें आरोप लगाया गया कि फिल्म के ट्रेलर में गलत ऐतिहासिक तथ्य दिखाए गए हैं, जो न केवल सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करते हैं बल्कि नफरत और सामाजिक कलह को भी बढ़ावा देते हैं"।