बॉलीवुड में अगर ‘खान’ शब्द का जिक्र होता है तो जेहन में शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान का ही ख्याल आता है। मगर आप शायद नहीं जानते कि इन तीनों खानों के इंडस्ट्री में आने से पहले भी बॉलीवुड में एक ऐसा खान हुआ है, जिसने न सिर्फ अपने अभिनय से बल्कि अपने निर्देशन से भी इंडस्ट्री पर लंबे वक्त तक राज किया है। उस खान की एक्टिंग से लेकर स्टाइल तक काफी मशहूर थी और उस समय के युवा उसकी एक-एक स्टाइल को कॉपी करते थे। ये खान कोई और नहीं बल्कि अभिनेता, निर्देशक और निर्माता फिरोज खान थे।
Feroz Khan: बॉलीवुड का सबसे स्टाइलिश ‘खान’, अपनी शर्तों पर किया काम; निर्देशन में छोड़ी एक अलग छाप
Feroz Khan Death Anniversary: फिरोज खान की गिनती बॉलीवुड के ऐसे कलाकारों में होती है, जो शानदार एक्टर के साथ-साथ एक मंझे हुए निर्देशक भी थे। उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं। आज उनकी 16वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर जानते हैं उनके करियर से जुड़ी कुछ बातें।
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25 सितंबर 1939 को जुल्फिकार अली शाह खान के रूप में हुआ जन्म
25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु के मैसूर में जन्मे फिरोज खान का असली नाम जुल्फिकार अली शाह खान है। उनके पिता सादिक अली खान मुख्यत: अफगानिस्तान के गजनी के रहने वाले थे, जबकि उनकी मां फातिमा एक ईरानी थीं। उनके चार भाई संजय खान उर्फ शाह अब्बास अली खान, शाहरुख शाह अली खान, समीर खान और अकबर खान हैं। शाहरुख को छोड़कर बाकी सभी भाइयों का फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से नाता रहा है। इसके अलावा उनकी दो बहनें खुर्शीद शहनवार और दिलशाद बेगम शेख हैं। बेंगलुरू से ही अपनी शुरूआती पढ़ाई पूरी करने के बाद फिरोज खान एक्टिंग करने के बारे में सोचने लगे और मुंबई चले आए।
सहायक अभिनेता के तौर पर की करियर की शुरूआत
फिरोज खान ने अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत 1959 में आई फिल्म ‘दीदी’ से की थी। इस फिल्म में वो सहायक कलाकार के रूप में नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने ‘जमाना’, ‘बड़े सरकार’ जैसी कुछ फिल्मों में काम किया। साल 1960 में फिरोज खान बतौर लीड एक्टर पहली बार फिल्म ‘घर की लाज’ में नजर आए थे। इसमें उनके साथ निरूपा रॉय मुख्य भूमिका में नजर आई थीं।
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60 से अधिक फिल्मों में किया काम
60 से 70 के दशक के बीच फिरोज खान ने कई फिल्मों में काम किया। उन्हें अपने करियर की पहली हिट फिल्म साल 1965 में ‘ऊंचे लोग’ के जरिए मिली। इस फिल्म में अशोक कुमार और राज कुमार प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिरोज खान ने अपने करियर में कुल 60 से भी अधिक फिल्मों में काम किया। इस दौरान उन्होंने ‘सफर’, ‘मेला’, ‘अपराध’, ‘खोटे सिक्के’, ‘काला सोना’, ‘नागिन’, ‘उपासना’ ‘जांबाज’, ‘आदमी और इंसान’, ‘गीता मेरा नाम’ ‘शंकर शम्भू’, ‘आरजू’, ‘मैं शादी करने चला’, ‘औरत’, ‘आजा सनम’ और ‘अंजाम’ जैसी कई फिल्में दीं। फिल्म ‘आदमी और इंसान’ के लिए फिरोज खान को सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
कई सफल फिल्मों का किया निर्देशन
अभिनेता के साथ-साथ फिरोज खान एक शानदार निर्देशक और निर्माता भी थे। उन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्मों का निर्देशन किया। फिरोज खान ने साल 1972 में आई फिल्म ‘अपराध’ से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इसके बाद उन्होंने ‘धर्मात्मा’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ ‘जांबाज’, ‘यलगार’ ‘प्रेम अगन’ और ‘जानशीन’ जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। इनमें से अधिकतर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं। 1980 में आई फिल्म ‘कुर्बानी’ ने तो उस समय कमाई के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
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