टीआरपी की रेस में बने रहने के लिए लंबे समय से ‘ट्रायल एंड एरर’ मोड में चल रहे चैनल सोनी टेलीविजन ने अब एक ऐसे शो का हिंदुस्तानी संस्करण बनाने का फैसला किया है, जिसके प्रतिभागियों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे इस शो में सिर्फ अपनी कंपनी के प्रचार के लिए शामिल होते हैं। ये शो विदेश में अब तक 12 सीजन तक पहुंच चुका है और इसमें तथाकथित उभरते कारोबारी अपने कारोबार के लिए निवेश की तलाश करने पहुंचते हैं। उभरती कंपनियां (स्टार्टअप) में निवेश करने वाले इन कारोबारियों को शो में ‘शार्क’ का नाम दिया गया है और ये लोग तय करते हैं कि शो में आए कारोबारी के धंधे में उन्हें निवेश करना है कि नहीं। शो पर लगातार दिखते रहे रॉबर्ट हेरावेक खुद मानते हैं कि शो में आने वाले करीब 90 फीसदी कारोबारी खुद निवेश के प्रस्ताव से पीछे हट जाते हैं। कुछ मामलों में तो ये उभरते कारोबारी शो पर सिर्फ पब्लिसिटी के लिए आते हैं।
Shark Tank India: जुमलेबाजी में डूबा बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’, अब देसी दर्शकों को डालेगा चारा
सोनी चैनल ने हाल ही में बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ के भारतीय संस्करण ‘शार्क टैंक इंडिया’ को देश में शुरू करने का ऐलान किया है। शो की प्रचार सामग्री कहती है, ‘अगर आपके पास है आइडिया तो ये है सही मौका’। शो के लिए उभरते कारोबारी तलाशने का काम शुरू हो चुका है, लेकिन इस शो के भारत पहुंचने के साथ ही इसके ओरीजनल शो के किस्से भी पहुंचने लगे हैं। कहा जा रहा है कि दूसरे टीवी रियलिटी शोज की तरह ‘शार्क टैंक’ भी बस लोगों को बांधकर रखने का एक जुमला भर है, इस शो के विदेश में अब तक 12 सीजन हो चुके हैं लेकिन जैसे ‘इंडियन आइडल’ या दूसरे सिंगिंग या डांसिंग रियलिटी शोज से निकले गिनती के लोग ही कामयाब हो पाए, कामयाबी का ऐसा ही प्रतिशित ‘शार्क टैंक’ से निकले लोगों का भी रहा है।
बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ को पहली बार साल 2009 में मार्क बरनेट ने क्रिएट किया था। शो की पिच लाइन बहुत साधारण थी। अलग अलग कारोबार में निवेश करने वाले निवेशक शो में जजों की भूमिका में होते हैं और उनके सामने उभरते कारोबारियों को अपने बिजनेस का आइडिया पिच करना होता है। इन जजों में से कुछ को शो में आने के लिए पैसे मिलने की बात भी सामने आ चुकी है। अमेरिका में बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ के अब तक 12 सीजन प्रसारित हो चुके हैं। इस शो को सबसे पहले एबीसी ने रिलीज किया था।
बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ को निर्माण भी इसके सृजनकर्ता मार्क बरनेट ने ही अपनी कंपनी के बैनर पर शुरू किया था। फिर इसे वन थ्री मीडिया ने बनाया। वहां से ये यूनाइटेड आर्टिस्ट्स मीडिया ग्रुप के पास पहुंचा। इसकी शोहरत में चार चांद तब लगे जब इस शो पर एमजीएम टेलीविजन की नजर पड़ी। अब सोनी पिक्चर्स टेवीविजन भी इसके निर्माण में जुड़ गया है। ‘शार्क टैंक’ ने अपने शुरूआत के समय लोगों को खूब आकर्षित किया। शो ने टीवी रेटिंग में भी कमाल किया। साल 2014 से 2017 तक इसने प्राइम टाइम एम्मी पुरस्कार भी जीते, फिर जिस कैटेगरी में ये पुरस्कार दिए जा रहे थे, उस कैटेगरी को ही बंद कर दिया गया।
अब बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ की शोहरत अपनी ढलान पर है। कारोबारियों को भी समझ आने लगा है कि ये बिजनेस रियलिटी शो हकीकत में उनकी उतनी मदद नहीं कर पाता है जितनी की इसकी प्रचार प्रसार सामग्री बताती है। विदेश में भी ये शो अपना आकर्षण खोने लगा है। सोनी टेलीविजन पिछले साल डेढ़ साल से लगातार अपने कार्यक्रम ताश के पत्तों की तरफ फेंटता रहा है लेकिन इसके अधिकतर फिक्शन शोज कामयाब नहीं हो सकते हैं। अब चैनल को बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक’ से काफी आस है।