{"_id":"5abdf69c4f1c1bcc618b479f","slug":"baaghi-2-movie-review-normal-story-same-plot-tiger-shroff-disha-patani-movie-is-wastage-of-time","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"फिल्म रिव्यू: रोमांस और एक्शन का कॉकटेल है बागी 2, टाइगर के फैंस जरूर देखें","category":{"title":"Movie Review","title_hn":"फिल्म समीक्षा","slug":"movie-review"}}
फिल्म रिव्यू: रोमांस और एक्शन का कॉकटेल है बागी 2, टाइगर के फैंस जरूर देखें
Fri, 30 Mar 2018 02:38 PM IST
रवि बुले
रवि बुले
Updated Fri, 30 Mar 2018 02:38 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
निर्माताः साजिद नाडियाडवाला
निर्देशकः अहमद खान
सितारेः टाइगर श्रॉफ, दिशा पाटनी, मनोज बाजपेयी, रणदीप हुड्डा, प्रतीक बब्बर, दीपक
डोबरियाल, दर्शन कुमार
रेटिंग **
टाइगर श्रॉफ हर फिल्म में एक जैसे दिखते हैं। उनमें अच्छे एक्टरों वाली विविधता नहीं है। उदास प्रेमी और मार-धाड़ करने वाला एक्शन ब्वॉय, यह टाइगर हैं। बागी 2 में भी वह यही कर
रहे हैं। रही-सही कसर वे लेखक-निर्देशक पूरी कर देते हैं जो टाइगर से और कुछ काम नहीं ले पाते। हीरोपंती से बागी 2 तक के टाइगर में फर्क करना मुश्किल है। वह सिर्फ अपनी गठीली मांस-पेशियों के सहारे पर्दे पर टिकते हैं। लेकिन इन्हें कितना देखा जा सकता है?
2 of 5
निर्देशक अहमद खान यहां उनसे अच्छा डांस भी नहीं करा पाए। कहानी में भर्ती की तरह आने वाले नाच और गीत हीरो की हीरोपंती नहीं बढ़ाते बल्कि फिल्म की रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं। इस लिहाज से बागी 2 एक बिंदु के बाद बोर फिल्म है। हीरो यह ढूंढने निकलता है कि उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड की तीन साल की बेटी का किसने अपहरण किया। पूरी फिल्म में बात इसके आगे नहीं बढ़ती! प्रतीक बब्बर, दीपक डोबरियाल, मनोज बाजपेयी, रणदीप हुड्डा एक-एक कर ऐसे आते हैं मानो कहानी में खाली जगह को भरने का जिम्मा उन पर है।
3 of 5
पैसे के जोर पर बड़े निर्माता कैसे नामचीन और मंजे एक्टरों को गैर-जरूरी/अतार्किक भूमिकाओं में लेते हैं, बागी 2 इसकी नजीर है। पैसे की ताकत यह भी है कि वह एक फिल्म के रीमेक-अधिकार खरीदकर कथित नया सिनेमा रचता है और मूल फिल्म का नाम तक पर्दे पर नहीं देता। बागी-2 2016 में आई तेलुगु हिट क्षणम (एक पल) का रीमेक है। परंतु यहां क्षणम का जिक्र नहीं मिलता।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
कहानी यह कि आर्मी में जवान रॉनी (टाइगर श्रॉफ) को चार साल बाद उसकी पूर्व गर्लफ्रेंड नेहा (दिशा पाटनी) ने मदद के लिए बुलाया है। उसकी बेटी का अपहरण हो गया है। रिपोर्ट लिखाने के बाद भी पुलिस मदद नहीं कर रही। नेहा का पति और आस-पास के लोग साबित करने में लगे हैं कि वह गलत है। खुली आंखों से सपने देखती है। उसकी कोई बेटी है ही नहीं। क्या है सच? क्या रॉनी पता लगा सकेगा?
विज्ञापन
5 of 5
कहानी गोवा में केंद्रित है और वहां के कथानक वाली हर फिल्म की तरह इसमें भी ड्रग्स का कारोबार है। बागी 2 कुछ ऐसा नया पेश नहीं करती जो मनोरंजन करे। यह भरी जेब और फालतू वक्त के लिए ठीक है। इसके अलावा अगर आप टाइगर के पक्के फैन हैं तो देख सकते हैं। निर्देशक ने कुछ दृश्यों को क्षणम से ज्यों का त्यों उतार लिया। जिन दृश्यों को नए सिरे से लिखा-रचा गया है, वे कमजोर हैं। गीत-संगीत खास नहीं है। नब्बे के दशक के चर्चित गाने एक दो तीन... को जैकलीन फर्नांडिस पर फिल्मा कर उसकी चकम उतार दी गई है। फिल्म का एक्शन आखिरी कुछ दृश्यों में हास्यास्पद है। वैसे फिल्म देखने के बाद आप इसे भूलना ही चाहेंगे। यह एक औसत बॉलीवुड सिनेमा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।