किस्से सबको अच्छे लगते हैं। किस्सागोई एक भरी पूरी कला है हमारी विरासत की। और, कौन सा किस्सा कब कहां किस दूसरे किस्से से जाकर जुड़ता है, वही आगे जाकर कहानी का बढ़िया वाला सिरा बनता है। सलमान खान, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान अगर किसी फिल्म में हों तो जाहिर है, आप लपककर उस फिल्म की टिकट तुरंत बुक कराएंगे और वह भी एडवांस में। शाहरुख और सलमान को राकेश रोशन ने अपनी फिल्म करण अर्जुन में साथ में लिया। इस फिल्म के अलावा दोनों सात और फिल्मों मे साथ साथ नजर आ चुके हैं, लेकिन दोनों परदे पर हों और साथ में ऐश्वर्या भी हो तो भला बात ही क्या होती! लेकिन, अगर ये होता तो मंसूर खान आज भी हिंदी फिल्में बना रहे होते और उनके दिल में अपने चचेरे भाई आमिर खान के लिए ये खलिश न रह जाती कि जरूरत के वक़्त भाई, भाई के ही काम न आया। मंसूर खान की आज ही के दिन 20 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘जोश’हमारी आज के बाइस्कोप की फिल्म है।
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मंसूर खान हिंदी सिनेमा की उसी बीमारी का शिकार हुए, जिसमें निर्देशक अपने आसपास ऐसे लोगों को रखने लगता है जो उसकी दिन रात तारीफें करते रहते हैं। मुंबइया सिनेमा में ये यस मैन कल्चर कहलाती है। ऐसे तमाम गुणी निर्देशक हिंदी सिनेमा में हुए हैं, जिनका करियर इस यस मैन कल्चर ने ही बर्बाद कर दिया। रामगोपाल वर्मा के साथ यही हुआ। अनुराग कश्यप को भी बीच में यही बीमारी लगती दिखी, हालांकि इधर वह इससे बाहर आते दिखने लगे हैं। तो, हम बात कर रहे थे मंसूर खान की। मंसूर खान ने जब जोश की स्क्रिप्ट लिखी ली और इसकी लोकेशन के लिए गोवा वगैरह की सैर कर आए तो उन्होंने इस फिल्म के लिए अपने चचेरे भाई आमिर खान से बात की। आमिर को तब तक ये पता चल चुका था कि मंसूर खान ने कोई फिल्म लिखी है और इस फिल्म के लिए उन्होंने शाहरुख खान से मुलाकात की है।
शाहरुख खान शुरू से अपने किरदारों को लेकर प्रयोग करने के मामले में मशहूर रहे हैं और मंसूर खान ने उनके लिए फिल्म का जो रोल सोचा था, उसके लिए उन्होंने झट से हां भी कर दी। मामला बिगड़ा आमिर और मंसूर की फिल्म ‘जोश’ को लेकर पहली बातचीत में। मंसूर खान तब तक एक दो जगह मीडिया में बोल चुके थे कि वह शाहरुख और आमिर को एक साथ जल्द ही बड़े परदे पर पेश करने वाले हैं। मंसूर ये तय मानकर चल रहे थे कि आमिर तो घर के हीरो हैं, उनसे तो जो रोल वह कहेंगे, वह कर ही लेंगे। लेकिन, एक्टर आमिर को तो मंसूर जानते रहे, पर बिजनेसमैन आमिर को पहचानने में वह भूल कर गए। आमिर को जिन्होंने करीब से जाना है, वही ये जानते हैं कि वह कितनी तेजी से रिश्ता बदलते हैं। और, ऐसा करने में उन्हें कभी कोई संकोच भी नहीं होता। जरूरत पड़ने पर वह फिर उसी इंसान से मदद मांगने में भी नहीं हिचकिचाते।
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मंसूर खान के साथ बैठकर आमिर खान ने पूरी स्क्रिप्ट इत्मीनान से सुनी। कहानी और स्क्रिप्ट की आमिर ने जमकर तारीफ भी की लेकिन उन्होंने कहानी में राहुल का रोल करने से इंकार कर दिया। आमिर ने कहा कि अगर मंसूर उन्हें फिल्म में मैक्स डायस का किरदार देना चाहें तो वह तैयार हैं। मैक्स डायस इस कहानी का ऐसा किरदार है जो सबसे पहले सलमान खान को ऑफर हुआ था। सलमान और ऐश्वर्या की दोस्ती में शाहरुख की फिल्म ‘चलते चलते’ की शूटिंग के दौरान जो दरार आई, ये उससे कोई तीन-चार साल पहले की बात है। सलमान और ऐश्वर्या तब दोनों एक दूसरे के काफी करीब थे और अपने चाहने वालों के सामने सलमान परदे पर ऐश्वर्या के भाई रोल करने की बात सोच भी नही सकते थे। सलमान ने जिस रोल के लिए मना किया, उस रोल के लिए शाहरुख हां कर चुके थे और आमिर फिल्म में यही रोल करना चाहते थे। मंसूर खान ने लाख कोशिशें कीं और तमाम मिन्नतें भी कीं। लेकिन, आमिर ने राहुल का रोल करने से मना कर दिया।
फिल्म जोश के लिए सबसे पहले साइन होने वाला कलाकार थीं, ऐश्वर्या राय। मंसूर खान को सारे समीकरण अब उनके हिसाब से ही बिठाने थे। उनको लगा कि शाहरुख और ऐश्वर्या हैं तो फिल्म को हिट होने से कौन रोक सकता है। लेकिन दो बड़े सुपरसितारों को भाई बहन बनाकर पेश करना ही फिल्म के लिए भारी पड़ गया। खुद शाहरुख आजतक इस बात के लिए भिनभिनाते रहते हैं कि उन्हें ऐश्वर्या के साथ एक ही तो फुल लेंथ वाली फिल्म मिली और उसमें भी वह उनके भाई बन गए। मजाक में वह इसे अपने करियर की सबसे शर्मनाक घटना भी बताते हैं। ऐश्वर्या को एक फिल्म पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी देते हुए शाहरुख ने कहा था कि कायनात की सबसे खूबसूरत महिला ऐश्वर्या की जोड़ी जब पहली बार उनके साथ बनी तो ये शर्म की बात है कि वह उनके भाई बने थे।
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गौरतलब बात यहां ये है कि फिल्म में शाहरुख और ऐश्वर्या जुड़वां भाई बहन बने। ऐश्वर्या जैसी आंखें शाहरुख की भी लगें, इसके लिए मंसूर खान ने शाहरुख को पूरी फिल्म में कॉन्टेक्ट लेंस पहनाए। डिंपल तो खैर दोनों के गालों पर कुदरती हैं ही। जोश के अलावा दूसरी फिल्मों में देखें तो देवदास में भी दोनों की मोहब्बत के सीन्स देखने को दोनों के चाहने वाले तरस गए और यही फिल्म मोहब्बतें में भी हुआ। तब शाहरुख ने कहा था कि अब हम दोनों तो स्कूल के बाहर ही मिल पाते हैं। इन दिनों हम अपने अपने बच्चों को पिकअप करने एक ही स्कूल के गेट पर खड़े होते हैं। शाहरुख और ऐश्वर्या आखिरी बार फिल्म ऐ दिल है मुश्किल में साथ दिखे थे जिसमें ऐश्वर्या तो फिल्म में अहम किरदार कर रही थीं लेकिन शाहरुख ने सिर्फ उनके पति की मेहमान भूमिका ही निभाई थी।
वैसे शाहरुख को जितना दुख ऐश्वर्या राय का भाई बनने का होता है, अगर मंसूर खान की चली होती तो वह इससे बड़ा दुख किसी और अवार्ड फंक्शन में भी मनाते दिख सकते थे। कम लोगों को ही पता है कि ऐश्वर्या को ये रोल ऑफर करने से पहले मंसूर खान काजोल के पास गए थे और चाहते थे कि वह फिल्म में शाहरुख खान की बहन का रोल करें। काजोल तो इतना सुनते ही कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गई थीं। वह बोलीं मुझसे मैक्स का रोल करवा लो, ये शिरले का रोल उनसे कतई नहीं होगा। फिल्म में एक समय पर रानी मुखर्जी को भी साइन कर लिया गया था, लेकिन जब आमिर खान ने फिल्म नहीं की तो रानी मुखर्जी ने भी फिल्म में काम करने से मना कर दिया। नहीं तो क्या पता ‘आती क्या खंडाला गाना’ आपको फिल्म गुलाम की बजाय इसी फिल्म में सुनाई देता। दरअसल, फिल्म जोश में जो गाना शाहरुख खान ने गाया है, वह गाना और आती क्या खंडाला दोनों गाने मंसूर खान के पास ही पहले आए थे और उन्हें दोनों में से कोई एक टपोरी गाना चुनना था। उन्होंने चुना, ‘अपुन बोला, तू मेरी लैला, वो बोली फैंकता है.....
फिल्म के संगीत के लिए मंसूर खान ने संगीतकार ए आर रहमान को भी मना लिया था, लेकिन जैसे जैसे मंसूर का ताश के पत्तों से बना महल बिखरता गया, उन्हें छोड़कर जाने वालों में एक नाम रहमान का भी जुड़ गया। ऐसे मौके पर अनु मलिक ने मंसूर की बहुत मदद की और शूटिंग से ठीक पहले फिल्म के सारे गाने तैयार करके उन्हें दिए। कुछ अनु मलिक के नाम की गर्मी और कुछ मंसूर खान की पिछली फिल्मों के म्यूजिक के शौकीनों की उम्मीदें, फिल्म के कोई 18 लाख के करीब कैसेट बिके और ये उस साल किसी फिल्म के कैसेट बिकने का रिकॉर्ड भी रहा।
फिल्म जोश की कहानी गोवा के दो गैंग्स की कहानी है जो अक्सर किसी न किसी बात को लेकर टकराते रहते हैं। दोनों ने शहर के इलाके बांट रखे हैं लेकिन एक गैंग का लीडर प्रकाश (शरद कपूर) जब गोवा की एक जमीन पर आंखें जमाता है तो उसकी मैक्स डायस उर्फ मैक्सी (शाहरुख खान) से सीधी भिड़ंत होती है। मैक्स की बहन शिरले (ऐश्वर्या) को प्रकाश के भाई राहुल (चंद्रचूड़ सिंह) से प्यार हो जाता है। मारधाड, एक्शन, डिक्शन और गानों से भरपूर ये कहानी रिलीज के पहले वीकएंड में ही चारों खाने चित हो गई। फिल्म में शाहरुख और ऐश्वर्या को भाई बहन के तौर पर देखना किसी को अच्छा नहीं लगा, दूसरे फिल्म की पृष्ठभूमि गोवा रखने के बाद मंसूर ने फिल्म की पूरी भाषा ही गोवा की रख दी, जिसे हिंदी पट्टी के दर्शकों ने सिरे से नकार दिया। फिल्म के तमाम किरदारों में से एक दो किरदारों की टपोरी भाषा अमर अकबर एंथनी, सुहाग से लेकर गुलाम तक तो खूब हिट हुई लेकिन जोश में सारे किरदारों के एक जैसी बोली बोलने से मामला अटक गया।
साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म जोश को बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग मिली। फिल्म ने कमाई भी अच्छी की लेकिन 20 साल पहले किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर अपनी फिल्म की लागत के दोगुना कमाई भी न कर पाने को अच्छा नहीं माना जाता था। अब जबकि फिल्म अपनी लागत भर कमाकर हिट होने के लिए इतराने लगती है, तब 16 करोड़ में बनी फिल्म जोश को बॉक्स ऑफिस पर 30 करोड़ की कमाई के बावजूद फ्लॉप का तमगा दिया गया था। और, वह इसलिए क्योंकि फिल्म वाकई लोगों को पसंद नहीं आई। फिल्म ने कमाई की थी मंसूर खान, शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय के नाम पर आए लोगों की वजह से। लेकिन मंसूर खान की ब्रांडिंग पर ये फिल्म इतना बड़ा धब्बा साबित हुई कि इसके बाद से अब तक उन्होंने कोई दूसरी फिल्म निर्देशित नहीं की है। आज के बाइस्कोप में इतना ही, कल यानी 10 जून को बात करेंगे एक और ओल्डी गोल्डी की..। सिलसिला जारी है।
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(बाइस्कोप अमर उजाला डिजिटल का दैनिक कॉलम है जिसमें हम उस दिन रिलीज हुई किसी पुरानी फिल्म के बारे में चर्चा करते हैं।)
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