कलाकार: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अथिया शेट्टी, विभा छिब्बर, नवनी परिहार, करुणा पांडे और विवेक मिश्रा
Review: 'मोतीचूर चकनाचूर' देखने से पहले पढ़ें नवाजुद्दीन से कहां हुई गलती, इतने मिले स्टार
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सेक्रेड गेम्स के दूसरे सीजन ने नवाजुद्दीन का आभामंडल चकनाचूर किया है। निर्देशक देबमित्रा की इस फिल्म में वह मोतीचूर की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दुबई से नौकरी छोड़कर आए 36 साल के पुष्पेंद्र त्यागी को किसी भी तरह बस एक बीवी चाहिए। इसके लिए उसकी कोई खास पसंद भी नहीं है। पसंद तो क्या वह नापसंद की हद तक जाकर भी शादी करने को तैयार है। पड़ोस की 25 साल की एनी को विदेश जाकर अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डालनी हैं। उसे दूल्हा एनआरआई चाहिए जो उसकी विदेश में बसने की टिकट और वीजा दोनों बन सके। फिल्म में दोनों के परिवार हैं। घरों के बीच की दीवार है और खूब सारा हाहाकार है। बस चमत्कार नहीं है।
देबमित्रा ने अपनी ही लिखी कहानी पर मोतीचूर चकनाचूर बनाई है तो फिल्म के इस हाल में बनकर सामने आने का पूरा ठीकरा उन्हीं पर फूटना है। यही वो फिल्म है जिसके पोस्ट प्रोडक्शन में किसी तरह के दखल न देने का कानूनी नोटिस इसके निर्माताओं ने अथिया के पिता सुनील शेट्टी के लिए जारी किया था। और, फिल्म देखने के बाद समझ आता है कि सुनील शेट्टी क्यों अपनी बेटी की इस तीसरी फिल्म को लेकर परेशान रहे होंगे।
फिल्म की कहानी दर्शकों के लिए बोझ है तो इसकी पटकथा इतनी सुस्त है कि बीच में दस पांच मिनट का ब्रेक लेकर भी लौट आएं तो कुछ ज्यादा मिस नहीं करेंगे। संवाद भूपेंद्र सिंह मेघव्रत ने लिखे हैं और ये बजाय किरदारों को स्थापित करने के उनका रंग बदरंग करते हैं। नमूना है, सुहागरात के बाद चौबारे में जमी पड़ोसियों की भीड़ देखकर त्यागी का ये संवाद, बीवी हम लाए, मनोरंजन मोहल्ले का हो रहा है।
हिंदी सिनेमा में गैर चॉकलेटी सितारों ने खूब शोहरत बटोरी है। पिछली पीढ़ी के नसीरुद्दीन शाह और ओमपुरी ने कॉमेडी करते हुए अपनी सीमाएं समझे रखीं। इरफान खान ने हिंदी मीडियम जैसी फिल्मों में यही किया। लेकिन, नवाजुद्दीदन सिद्दीकी इसमें चूक जा रहे हैं। उनकी सलाहकार मंडली ने भी उन्हें बहकाने में कम कसर नहीं छोड़ी है।
इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अभिनय ऐसा है कि जैसे सेक्रेड गेम्स का गणेश गायतोंडे शादी करने की जिद लेकर निकल पड़ा हो। चेहरे पर निरापद भाव। कैमरे को देखकर बिना किसी खास देह संतुलन के बोले गए संवाद। और, कहानी के किसी भी किरदार के साथ त्यागी के किरदार तालमेल न बन पाना। यही हाल अथिया का है। हां, साथी कलाकारों में विभा छिब्बर और करुणा पांडे जरूर प्रभावित करती हैं।