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Prem Adib Birth Anniversary: घर में सिनेमा के ‘राम’ की तस्वीर लगा पूजते थे लोग, महात्मा गांधी ने देखी थी फिल्म
Sat, 10 Aug 2024 08:01 AM IST
सुवेश शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Sat, 10 Aug 2024 08:01 AM IST
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प्रेम अदीब जन्मदिन विशेष
- फोटो : अमर उजाला
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क्या आपको पता है हिंदी सिनेमा में एक ऐसा कलाकार हुआ जिसने भगवान राम के किरदार को आठ बार निभाया? छोटे पर्दे पर तो अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाकर अपना नाम अमर कर लिया, लेकिन सिनेमा की दुनिया में भी एक ऐसा अभिनेता था, जिसे भगवान राम के किरदार के लिए जाना जाता था। सिनेमा की दुनिया में श्री राम का किरदार निभाने वाले इस अभिनेता का नाम था प्रेम अदीब। प्रेम अदीब को भगवान राम के किरदार से इस तरह लोकप्रियता मिली की लोग उनकी तस्वीर की पूजा करते थे। उनकी तस्वीरों को फ्रेम करवाने लगे थे। कहा जाता है कि वह जहां से गुजरते थे लोग उनके कदमों में गिर पड़ते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। आइए आज प्रेम अदीब के जन्मदिन पर उनके बारे में जानते हैं।
प्रेम अदीब
- फोटो : एक्स @Bollywoodirect
कौन थे प्रेम अदीब?
प्रेम अदीब का जन्म 10 अगस्त 1916 को सुल्तानपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम रामप्रसाद दर था। कश्मीरी मूल के प्रेम अदीब के दादा-परदादा अवध के नवाब वाजिद अली शाह के जमाने में कश्मीर छोड़कर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद आ कर बस गए। बाद में उनके पिता सुल्तानपुर आ कर बस गए थे।
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प्रेम अदीब का जन्म 10 अगस्त 1916 को सुल्तानपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम रामप्रसाद दर था। कश्मीरी मूल के प्रेम अदीब के दादा-परदादा अवध के नवाब वाजिद अली शाह के जमाने में कश्मीर छोड़कर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद आ कर बस गए। बाद में उनके पिता सुल्तानपुर आ कर बस गए थे।
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प्रेम अदीब
- फोटो : एक्स @Bollywoodirect
आठ बार निभाया राम का किरदार
राम अदीब ने आठ बार राम का किरदार निभाया है, लेकिन 1942 में आई 'भरत मिलाप' और 1943 में आई 'राम राज्य' से उनको खूब लोकप्रियता मिली। उन्होंने रामायण पर आधारित बाण (1948), राम विवाह (1949), राम नवमी (1956), राम हनुमान युद्ध (1957), राम लक्ष्मण (1957), राम भक्त विभीषण (1958) जैसी फिल्मों में राम की भूमिका निभाई है। उनकी फिल्म ‘राम राज्य’ को महात्मा गांधी ने भी देखा था।
राम अदीब ने आठ बार राम का किरदार निभाया है, लेकिन 1942 में आई 'भरत मिलाप' और 1943 में आई 'राम राज्य' से उनको खूब लोकप्रियता मिली। उन्होंने रामायण पर आधारित बाण (1948), राम विवाह (1949), राम नवमी (1956), राम हनुमान युद्ध (1957), राम लक्ष्मण (1957), राम भक्त विभीषण (1958) जैसी फिल्मों में राम की भूमिका निभाई है। उनकी फिल्म ‘राम राज्य’ को महात्मा गांधी ने भी देखा था।
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प्रेम अदीब
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
‘राम राज्य’ की शूटिंग के लिए छोड़ दिया था सिगरेट और मांस
कहा जाता है कि जब प्रेम अदीब राम राज्य की शूटिंग कर रहे थे तब उन्होंने सिगरेट और नॉनवेज खाना छोड़ दिया था। लोगों ने प्रेम अदीब को भगवान की तरह पूजना शुरू कर दिया था। यहां तक की लोग घरों और गाड़ियों में उनकी तस्वीर रखने लगे थे।
कहा जाता है कि जब प्रेम अदीब राम राज्य की शूटिंग कर रहे थे तब उन्होंने सिगरेट और नॉनवेज खाना छोड़ दिया था। लोगों ने प्रेम अदीब को भगवान की तरह पूजना शुरू कर दिया था। यहां तक की लोग घरों और गाड़ियों में उनकी तस्वीर रखने लगे थे।
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प्रेम अदीब
- फोटो : एक्स @Bollywoodirect
अभिनेता बनने के लिए छोड़ दिया था घर
प्रेम अदीब को शुरुआत से ही अभिनेता बनना था, लेकिन उनका परिवार इसके लिए राजी नहीं था। कहते हैं कि प्रेम अदीब ने जैसे-तैसे अपनी पढ़ाई तो पूरी कर ली और अपने घर वालों को मना नहीं पाए और अंत में घर छोड़ दिया। घर से निकलने के बाद अभिनेता ने कोलकाता की गलियों से लेकर लाहौर तक की खाक छानी। आखिरकार, वह मुंबई आएं और यहीं पर उनकी किस्मत खुली। साल 1936 में उन्हें अपनी पहली फिल्म 'रोमांटिक इंडिया' मिली। उन्होंने कई फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाए। उनकी मेहनत रंग लाई और साल 1938 में आई फिल्म 'निराला हिंदुस्तानी' में उन्होंने बतौर लीड एक्टर काम किया।
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प्रेम अदीब को शुरुआत से ही अभिनेता बनना था, लेकिन उनका परिवार इसके लिए राजी नहीं था। कहते हैं कि प्रेम अदीब ने जैसे-तैसे अपनी पढ़ाई तो पूरी कर ली और अपने घर वालों को मना नहीं पाए और अंत में घर छोड़ दिया। घर से निकलने के बाद अभिनेता ने कोलकाता की गलियों से लेकर लाहौर तक की खाक छानी। आखिरकार, वह मुंबई आएं और यहीं पर उनकी किस्मत खुली। साल 1936 में उन्हें अपनी पहली फिल्म 'रोमांटिक इंडिया' मिली। उन्होंने कई फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाए। उनकी मेहनत रंग लाई और साल 1938 में आई फिल्म 'निराला हिंदुस्तानी' में उन्होंने बतौर लीड एक्टर काम किया।
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