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Salaar: सलार में हिंसक दृश्यों के बचाव में उतरे पृथ्वीराज, बोले-निर्माताओं को रचनात्मक स्वतंत्रता होनी चाहिए

Mon, 25 Dec 2023 11:44 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Mon, 25 Dec 2023 11:44 AM IST
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Prithviraj Sukumaran defends display of violence in Prabhas Salaar says makers should have creative freedom
पृथ्वीराज सुकुमारन - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्म निर्माता प्रशांत नील की फिल्म 'सलार' बॉक्स-ऑफिस पर अपनी सफलता के लिए सुर्खियां बटोर रही है, लेकिन फिल्म ने हिंसा का महिमामंडन करने के लिए कुछ विवाद भी पैदा किया है। दर्शकों द्वारा फिल्म को हिंसक बताने पर अब पृथ्वीराज सुकुमारन ने फिल्म का बचाव किया है और इसके पीछे के कारण का भी खुलासा किया है। आइए जानते हैं कि अभिनेता ने क्या कहा है।

Prithviraj Sukumaran defends display of violence in Prabhas Salaar says makers should have creative freedom
पृथ्वीराज सुकुमारन-प्रभास - फोटो : सोशल मीडिया

हाल ही में, पृथ्वीराज सुकुमारन 'सलार' और रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' में हिंसा के प्रदर्शन के बचाव में सामने आए । पृथ्वीराज ने एनिमल और सालार जैसी फिल्मों में हिंसक दृश्यों के चित्रण पर अपना दृष्टिकोण साझा किया है। साथ ही सोशल मीडिया पर संबंधित प्रतिक्रियाएं भी साझा कीं। एनिमल को देखे बिना, उन्होंने में करने से भी परहेज किया है। हालांकि, एक फिल्म निर्माता के रूप में अपनी भूमिका पर विचार करते हुए उनका मानना है कि यदि फिल्म निर्माताओं को कहानी को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए ग्राफिक हिंसा को शामिल करना आवश्यक लगता है, तो उन्हें उस रचनात्मक स्वतंत्रता का हकदार होना चाहिए।

Prithviraj Sukumaran defends display of violence in Prabhas Salaar says makers should have creative freedom
पृथ्वीराज सुकुमारन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

पृथ्वीराज ने आगे यह भी बताया कि फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों में खून खराबा और ग्राफिक दृश्यों को शामिल न करने का निर्देश देना उनके साथ अन्याय करने जैसा है। उनका सुझाव है कि फिल्म निर्माता अपना काम सेंसर बोर्ड को सौंपते हैं  जो दर्शकों के लिए फिल्म को प्रमाणित करते हैं। पृथ्वीराज का मानना है कि फिल्म बनाने की रचनात्मक प्रक्रिया को फिल्म निर्माताओं के विवेक पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

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Prithviraj Sukumaran defends display of violence in Prabhas Salaar says makers should have creative freedom
सलार - फोटो : सोशल मीडिया

अभिनेता का सुझाव है कि दर्शकों को फिल्म के प्रमाणन के बारे में पहले से ही सूचित किया जाता है, जिसमें इसकी सामग्री का संकेत दिया जाता है और थिएटर में कौन जाता है, इसकी निगरानी के लिए प्रदर्शनी स्तर पर सेंसरशिप लागू की जानी चाहिए। एक कलाकार के रूप में, उन्होंने बिना किसी प्रतिबंध के रचना करने की स्वतंत्रता की वकालत की। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि कंटेंट को कौन देख सके। इसे सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

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Prithviraj Sukumaran defends display of violence in Prabhas Salaar says makers should have creative freedom
'सलार' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

पृथ्वीराज ने इस बात पर जोर दिया कि सलार में हिंसा कथानक का अभिन्न अंग है, जो नाटक को बढ़ाने के लिए एक पटकथा के रूप में काम करती है। वह इस बात पर जोर देते हैं कि हिंसा के बिना, सालार अपने सार का एक महत्वपूर्ण पहलू खो देगा। गेम ऑफ थ्रोन्स के साथ समानता दिखाते हुए पृथ्वीराज ने सालार की प्रकृति को एक नाटकीय कथा के रूप में रेखांकित किया, जहां हिंसा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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