अभिनेत्री रानी मुखर्जी की जिस कद काठी और आवाज को लेकर लोग शुरू में आलोचना करते थे, उसी कद काठी और आवाज के दम पर वह अभिनय के शीर्ष बिंदु पर पहुंचीं। रानी मुखर्जी ने सिनेमा के क्षेत्र में अपना जो अलग मुकाम बनाया है, वह किसी भी क्षेत्र में साधारण सी दिखने वाली महिलाओं के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। 21 मार्च 1978 को जन्मीं रानी मुखर्जी आज अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं। आइए जानते हैं उनके साथ काम करने वाले निर्देशकों का क्या कहना है ....
Rani Mukerji: रानी मुखर्जी को लेकर भंसाली का ये खुलासा मालूम है? जानिए क्या कहते हैं इंडस्ट्री के दूसरे दिग्गज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरी बहन अब भाभी बन गई : करण जौहर
रानी मुखर्जी ने भले ही फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'राजा की आएगी बारात' से की, लेकिन सही मायने में पहचान करण जौहर की फिल्म 'कुछ कुछ होता है' से मिली। पिछले साल रिलीज फिल्म 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नार्वे' के प्रमोशनल इवेंट में पहुंचे करण जौहर ने फिल्म 'कुछ कुछ होता है' से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। करण जौहर ने कहा, 'जब मेरी फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में रानी मुखर्जी वाली भूमिका के लिए आठ हीरोइनों ने मना कर दिया था, तो उस वक्त आदित्य चोपड़ा ने ही मुझे रानी मुखर्जी को फिल्म में लेने का सुझाव दिया था। यह अलग बात है कि पहले वह मेरी बहन थी और अब वो मेरी भाभी बन गई है।' बता दें कि आदित्य चोपड़ा रिश्ते में करण जौहर के ममेरे भाई हैं।
सिर्फ रानी ही देबिना बन सकती थीं : निखिल आडवाणी
निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी करण जौहर की फिल्म 'कल हो ना हो' में रानी मुखर्जी सिर्फ 'माही वे' में गाने में नजर आई थीं। इस फिल्म के बाद रानी मुखर्जी और निखिल आडवाणी ने फिल्म 'मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' में साथ काम किया। इस फिल्म का निर्माण निखिल ने किया है। निखिल आडवाणी के मुताबिक, 'मैंने लगभग दो दशकों के बाद रानी को बुलाया, क्योंकि मुझे पता था कि केवल वह ही देबिना मुखर्जी की भूमिका निभा सकती है। इससे पहले हमारी लंबे अरसे तक बात तक नहीं हुई।'
रानी का किरदार मातृत्व का प्रतीक : आशिमा छिब्बर
पिछले साल रिलीज फिल्म 'मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' में रानी मुखर्जी के अभिनय की जमकर तारीफ हुई। इस फिल्म में रानी मुखर्जी की अभिनय क्षमता का एक और शीर्ष बिंदु रहा है। इस फिल्म का निर्देशन आशिमा छिब्बर ने किया था। वह कहती हैं, 'जब मैंने सिंगल मदर बनने का फैसला किया और मैं गर्भवती थी, तो रानी पहली महिला थीं जिन पर मैंने भरोसा किया था। मैंने रानी में एक ऐसा पक्ष देखा जो बहुत बहादुर, दयालु और मेरा समर्थन करने वाली थी। रानी मातृत्व का प्रतीक हैं। इस कहानी को उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता था? फिल्म में उनका परफॉर्मेंस देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे।'
उनके समर्पण से मैं आश्चर्यचकित था : गोपी पुथरन
फिल्म 'मर्दानी' का निर्देशन दिवंगत निर्देशक प्रदीप सरकार ने किया था और 'मर्दानी 2' का निर्देशन और लेखन गोपी पुथरन ने किया। गोपी पुथरन कहते हैं, 'फिल्म में रानी मुखर्जी ने निडर और प्रतिबद्ध पुलिस अधीक्षक शिवानी शिवाजी रॉय की भूमिका दोहराई है। काम के प्रति उनके समर्पण की भावना को देखकर मैं आश्चर्यचकित था, मुझे ऐसा कभी महसूस ही नहीं हुआ कि रानी खुद के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म में काम कर रही हैं।'