'कौन बनेगा करोड़पति' के बाद सिद्धार्थ बसु डिजिटल प्लेटफार्म पर लोगों को करोड़पति बनने का मौका देने जा रहे हैं। सिद्धार्थ बसु ने सोनी लिव पर "क्विजर ऑफ द ईयर" नामक डिजिटल शो की शुरुआत की है, जिससे जुड़कर कोई भी इस गेम को खेल सकता है। इस शो को लेकर सिद्धार्थ बसु ने अमर उजाला से खास बातचीत की।
Siddhartha Basu Interview: ‘10 का दम’ से यूं मिला सलमान खान का दम, सिद्धार्थ बसु ने साझा किया बड़ा राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
'क्विजर ऑफ द ईयर' किस तरह का शो है और यह केबीसी से कितना अलग है?
इस शो का फॉर्मेट केबीसी से बिल्कुल ही अलग है। इस शो से कोई भी जुड़ सकता है, लेकिन यह शो छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है। ज्ञान कहीं से भी मिले हर जगह से ज्ञान को आत्मसात करना चाहिए। छात्र सोनी लिव ऐप पर एक साधारण पंजीकरण के साथ आसानी से इसमें भाग ले सकते हैं और इसके बाद हर दिन सात सवालों के जवाब दे सकते हैं। इसमें दैनिक, साप्ताहिक और मासिक पुरस्कार जीतने का अवसर होगा। अंतिम विजेता को एक करोड़ की शैक्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी।
इस शो का ख्याल कैसे आया?
जब 2017 में केबीसी में पहली बार प्ले अलॉन्ग शुरू किया तो उससे केबीसी की पहुंच बहुत ज्यादा लोगों तक पहुंची। अगर केबीसी के प्ले अलॉन्ग में 20 लाख लोग खेलते हैं, जो 45 या फिर 60 दिन चलता है। बाकी साल उनको क्या करना है? फिर हमने सोचा कि एक ऐसा कार्यक्रम बनाए जिससे लोग सही ज्ञान सीखे, क्योंकि बहुत सारी गलत जानकारियां इंटरनेट पर मौजूद हैं। ऐसा सिर्फ हमारे देश में नहीं बल्कि सारी दुनिया में है। हमारा एक प्रयास है कि लोगों का सामान्य ज्ञान बढ़ाया जाए। डिजिटल का फायदा यह है कि कोई भी यूजर अपने टाइम के हिसाब से खेल सकता है। अभी भी सबसे ज्यादा लोग रात के 12 बजे के बाद ही खेलते हैं।
कौन बनेगा करोड़पति मेरा लाइफ टाइम अचीवमेंट है। केबीसी से मेरा रिश्ता साल 2000 से 2021 तक रहा। अब हमारा केबीसी के साथ संपर्क नहीं रहा। इसको हमने देश की नौ भाषाओं में प्रोड्यूस किया है जिसमें तमिल, मलयालम, कन्नड़, भोजपुरी, बांग्ला, कश्मीरी आदि भाषाएं शामिल हैं।
आपने 'दस का दम' भी शुरू किया था, यह शो आगे फिर नियमित रूप से नहीं चल पाया, इसकी क्या वजह मानते हैं?
'दस का दम' के दो सीजन हमने किए थे और आखिरी सीजन किसी और ने किया था। यह चैनल और व्यूवर पर निर्भर करता है कि उसको आगे जारी रखना है या नहीं। 'दस का दम' में सलमान खान को पहली बार ऐसे रंग में पेश किया गया था जिसमें उनको लोग नहीं पहचानते थे। हमें बहुत अच्छा लगा कि लोगों ने सलमान खान का अलग चेहरा देखा। लोगों को बहुत मजा आया। 'झलक दिखला जा', 'इंडिया गॉट टैलेंट' के भी पहले दो सीजन हमने किए थे, अभी इस शो को कोई और प्रोड्यूस कर रहा है।