Dhaniram Mittal: वो महाठग जिसने नकली जज बनकर रिहा कर दिए दो हजार कैदी, ‘कुरूप’ के निर्देशक बनाने जा रहे फिल्म
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‘मनीराम’ फिल्म जिस शख्स पर बनने जा रही है उसका असली नाम है धनीराम मित्तल, और उसका हाल में देहांत हुआ है। धनीराम मित्तल के कारनामों से अखबार भरे रहे हैं और पुलिस विभाग के दस्तावेज भी। इसी साल अप्रैल में परलोक सिधारे धनीराम शक्ल से इतना भोला दिखता था कि किसी को उस पर शक ही नहीं होता था। हजार से ज्यादा मामले तो उस पर कार चोरी के दर्ज रहे हैं। आखिरी बार वह दिल्ली में तब पकड़ा गया था, जब वह एक चोरी की कार कबाड़ वाले को बेचने जा रहा था। ये वाकया साल 2016 का बताया जाता है।
अग्रवाल और चेतन उनियाल द्वारा लिखी किताब 'मनीराम' पर आधारित इस फिल्म में 1969 से लेकर अप्रैल 2024 में धनीराम की मृत्यु तक के वे रोचक किस्से होंगे, जिनके बारे में हर जानकारी दिमाग घुमा देने वाली है। श्रीनाथ राजेंद्रन की पिछली फिल्म 'कुरूप' (2021) ने मलयालम सिनेमा में सौ करोड़ी फिल्मों को सुर्खियों में लाने की शुरुआत की। ये फिल्म केरल के सबसे कुख्यात भगोड़े सुकुमार कुरूप के जीवन पर आधारित थी। कुरूप ने 1984 में बीमा के आठ लाख रुपये हासिल करने के लिए न सिर्फ अपनी ही मौत का झूठा नाटक रचा था, बल्कि अपने कत्ल के इल्जाम में एक शख्स को हवालात भी पहुंचा दिया।
फिल्म ‘मनीराम’ से हिंदी सिनेमा में अपनी पारी शुरू करने जा रहे श्रीनाथ राजेंद्रन कहते हैं, "आज सिनेमा किसी भी तरह की सीमाओं व भाषाओं से परे हो गया है। मैं हिंदी सिनेमा के नये सफर पर निकलने को लेकर काफी रोमांचित महसूस कर रहा हूं। धनीराम मित्तल उर्फ 'मनीराम' भारत के आधुनिक इतिहास का सबसे पेशेवर व शातिर ठग रहा है। बड़े पर्दे पर इस किरदार को लाने के लिए मैं बहुत ही उत्सुक हूं।
जानकारी के मुताबिक. फिल्म 'मनीराम' की पटकथा का अधिकांश हिस्सा लिखा जा चुका है और फिल्म की शूटिंग अगले साल यानी साल 2025 में शुरू कर दी जाएगी। यह फिल्म हिंदी में शूट की जाएगी जिसे मलयालम और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा।
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