लॉकडाउन के इस दौर में टीवी चैनल दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। सामग्री की कमी होने की वजह से वह अपने पुराने लोकप्रिय धारावाहिकों का रिपीट टेलीकास्ट तो कर ही रहे हैं, साथ ही वह अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म से लेकर वेब शोज को भी अपने चैनल पर प्रसारित कर रहे हैं। लेकिन यहां एक बहुत बड़ी दिक्कत आ रही है। ओटीटी पर जिन वेब शोज ने भरपूर नाम कमाया है, वह टीवी पर अपनी पकड़ मजबूत करने में नाकाम हो रहे हैं।
टीवी पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे ओटीटी के शोज, एक्सपर्ट्स को अच्छे दिन आने का भरोसा
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जनरल एंटरटेनमेंट चैनल जी टीवी पर इस समय 'करले तू भी मोहब्बत', 'बारिश' और 'कहने को हमसफर हैं' का प्रसारण किया जा रहा है। यह तीनों ही शोज ऑल्ट बालाजी और जी5 के संयोजन से बने हैं। वहीं स्टार प्लस पर भी हॉटस्टार की ओरिजिनल वेब सीरीज 'होस्टेजस' का प्रसारण किया जा रहा है। रेटिंग एजेंसीज की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी शोज ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तो काफी अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन टीवी चैनल पर हिंदी पट्टी में इनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है। धीरे-धीरे इनकी लोकप्रियता सप्ताह के हिसाब से और कम हो रही है।

इस मामले में वेब सीरीज के समर्थक लोगों का ये भी मानना है कि ओटीटी और टीवी आने वाले समय में एक दूसरे के पूरक बन जाएंगे। सिर्फ एक रिपोर्ट के आ जाने से हम ओटीटी को टीवी से कमजोर नहीं मान सकते। बेशक इस समय टीवी देखने वाले लोग ज्यादा हैं लेकिन ओटीटी पर भी दर्शकों की कमी नहीं है। जैसा कि सब जानते हैं, टीवी भारत में 35 साल पुराना साधन है, जबकि ओटीटी को आए हुए अभी कुछ 5 वर्ष ही हुए हैं। इसे थोड़ा वक्त लगेगा। आगे चलकर ये दोनों ही चीजें एक दूसरे की बराबरी करेंगी।

ऑल्ट बालाजी के नचिकेत पंतवैद्य भी कह चुके हैं कि टीवी के दर्शक इन दिनों डिजिटल कंटेंट देख रहे हैं। यह उनके लिए एक नया अनुभव है, जिसमें ढलने के लिए उन्हें थोड़ा वक्त लगेगा। नचिकेत कहते हैं कि मौजूदा स्थिति में ब्रॉडकास्टर ओटीटी की सामग्री चैनलों पर प्रसारित कर रहे हैं, यह एकदम सही समय है। यह एक नई प्रवृत्ति की शुरुआत कही जाएगी, जिससे आने वाले समय के लिए लोग ओटीटी सामग्री से भी परिचित हो जाएंगे।
मनोरंजन जगत में अरसे से काम कर रहे निर्माता संजय राउतरे का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म सामग्री के मामले में कई प्रयोगों की गुंजाइश होती है जबकि टीवी के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता। अगर ओटीटी के शोज टीवी पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो यह पूरी तरह से दर्शकों के व्यवहार पर निर्भर करता है। इस बारे में टीवी व वेबसीरीज दोनों के लेखन में सक्रिय रहे अमर नाथ झा कहते हैं, 'जो शो टीवी के दर्शकों के लायक होगा और उनसे इत्तेफाक रखता होगा, टीवी पर वही शो सफल होगा। ओटीटी को मैच्योर दर्शक वर्ग की जरूरत है। वे ऐसे किसी भी शो के लिए तैयार नहीं हैं जो उन्हें किसी नकली दुनिया का लगता हो। यहां फंतासी भी वास्तविक दिखनी जरूरी है।'