वीकेंड का वार जब भी आता है तो घर में कुछ न कुछ बड़ा धमाका होता है। बिग बॉस 15 के पांचवें हफ्ते के वीकेंड के वार में जहां सलमान खान ने घर में वाइल्ड कार्ड एंट्री बनकर आई नेहा भसीन और राकेश बापट द्वारा पूछे गए सवाल घरवालों के सामने रखें तो वहीं दूसरी तरफ एकता कपूर ने भी घरवालों के मुंह से मुखौटा उतरवा दिया। इन सबके बीच तेजस्वी नेहा भसीन द्वारा शमिता और करण की बातचीत वाले सवाल के बाद काफी उदास नजर आईं और विशाल और उमर के सामने उनकी आंखों से आंसू आ गए।
Bigg Boss 15: करण कुंद्रा पर फूटा तेजस्वी प्रकाश का गुस्सा, कहा- तुझे ऐसा क्यों लगता है कि मुझे तेरी खैरात...
तेजस्वी ने कहा मुझे कोई बातचीत नहीं करनी है
तेजस्वी करण के बयान से इतनी खफा हुईं कि उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि मैं किसी के भी रिश्ते को जज करने वाली कोई नहीं हूं और करण की बात सुने बिना ही तेजस्वी वहां से ये कहकर चली गईं कि वो आगे किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहतीं। तेजस्वी के इस तरह बातचीत के बीच में उठकर जाने से करण कुंद्रा काफी दुखी हुए और खुद से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा जाकर अपना मुंह छुपाऊं।
तेजस्वी ने कहा इस बात का बुरा लगा
तेजस्वी ने करण से बैठकर बाद में बातचीत की और कहा कि तूने शमिता को जब अवॉइड का टैग दिया उसके बाद उसके पास जाकर उसे कहा कि तूने उसकी शक्ल (तेजस्वी) की शक्ल देखी थी। करण ने अपनी सफाई में कहा कि तूने पूरी बातचीत नहीं सुनी, जिसका जवाब देते हुए तेजस्वी ने कहा मैं पूरी बातचीत क्यों सुनूंगी। तूने आज तक मुझे उनसे हुई किसी बातचीत के बारे में नहीं बताया है। तेजस्वी ने कहा ना तो मुझे इस बात का फर्क पड़ता है और मैं कोई तेरी गर्लफ्रेंड नहीं हूं जो मुझे हर चीज जाननी है।
तेजस्वी ने कहा मैं अपना गेम अकेले खेलूंगी
करण ने तेजस्वी को कई बार अपनी बात समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद वो उनकी बात सुनने के लिए राजी नहीं हुई। तेजस्वी ने करण के लिए कहा कि ये घर में जाकर सबसे बात कर लेंगे, लेकिन मेरे पास अब कोई है नहीं और मैं अब कल से अकेले ही खेलूंगी और मुझे पता है मैं अकेले अच्छा खेल सकती हूं।
करण कुंद्रा को नहीं पसंद आया तेजस्वी का बर्ताव
करण कुंद्रा को तेजस्वी का बर्ताव बिलकुल भी पसंद नहीं आया। दरअसल करण बार-बार तेजस्वी से अपनी बात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद तेजस्वी ने जब उनकी बात नहीं सुनी तो करण राकेश से ये कहते हुए दिखाई दिए कि वो बातों-बातों में बहुत सी चीजें बोल जाती है जो अब सुनना बर्दाश्त नहीं हो रहा है।