रियलिटी का दम भरने वाले इंडियन रियलिटी शोज में हिस्सा लेकर कई बार कंटेस्टेंट रातों रात प्रसिद्धि पा लेेते हैं। ऐसे शोज के मेकर्स भी दावा करते हैं कि वो टैलेंट को बढ़ावा देने का काम करते हैं। पिछले साल एक कंटेस्टेंट ने रियलिटी शोज के पीछे का ऐसा राज खोला कि जिसने भी सुना एक बारगी तो यकीन नहीं हुआ।
रियलिटी शो के पर्दे के पीछे की ये है कड़वी सच्चाई, ऑडीशन देने वाले ने किया था खुलासा
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सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल का नया सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है। अगस्त 2018 में एक युवक ने बताया कि ऑडीशन में किस तरह का अमानवीय व्यवहार होता है हालांकि युवक के आरोपों पर चैनल का कभी कोई जवाब नहीं आया। वहीं शो की होस्ट रह चुकीं मिनी माथुर ने युवक का साथ दिया था और कहा था कि साल 2012 के बाद उन्होंने शो को छोड़ना ही ठीक समझा।
This sucks. Thanks for forwarding me this thread. I wasn’t part of the 2012 season but I know most of what he has articulated is known to happen on reality tv. One of the reasons I bowed out. This incessant need to create false emotion.
RIP Organic, pure TV.
साल 2012 में ऑडिशन दे चुके निशांत कौशिक नाम के एक शख्स ने एक के बाद एक ट्वीट कर शो के बारे में कई चौंकाने वाली बातें बताईं। निशांत ने लिखा कि 'माना जाता है कि यह शो टैलेंट को आगे बढ़ाने का काम करते हैं और सही प्लेटफॉर्म हैं लेकिन मेरा मानना है कि अपने सपनों को नष्ट करने का यह सबसे सही प्लेटफॉर्म है।'
निशांत ने बताया कि 'मई 2012 में मुंबई में ऑडिशन आयोजित कराए गए थे। जहां मैं केवल मस्ती के लिए पहुंचा था। यहां पहुंचकर देखा करीब 2 किलोमीटर तक लंबी लाइनें लगी थीं। मैंने नोटिस किया कुछ लोगों में बहुत जोश था। वो अपने सपनों को पूरा करने के लिए यहां तक पहुंचे थे। कुछ लोग ऐसे भी थे जो अपनी मां के साथ थे तो कुछ ऐसे थे जो अकेले ही यात्रा करके यहां तक पहुंचे थे।'
निशांत ने आगे लिखा कि 'मैं भी सुबह 7 बजे से लाइन में लग गया लेकिन कई लोग ऐसे भी थे जो सुबह 5 बजे से ही लाइन में लगे थे। यही नहीं कुछ तो ऐसे थे जो रात भर लाइनों में ही लगे थे। तब तक किसी ने नहीं बताया था कि यहां पहले आओ पहले पाओ जैसा कुछ भी नहीं है। घंटों इंतजार करने के बावजूद दोपहर करीब एक बजे हमारे लिए दरवाजे खोले गए।'