सपनों की महानगरी मुंबई में हर रोज हजारों लोग अपनी किस्मत आजमाने आते हैं। कोई कुछ बनाना चाहता है तो कोई कुछ। बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं रहा है। यहां बनने कुछ आते हैं और बन जाते हैं कुछ और। इसीलिए तो कहते हैं कि आप तय नहीं करते बल्कि मुंबई आप की किस्मत तय करती है कि आपको क्या बनना है। बॉलीवुड में ऐसे बहुत सारे उदाहरण देखने को मिलेंगे जिसमें जो हीरो बनने का सपना संजोये आया वो डायरेक्टर बन गया या फिर जो डायरेक्टर बनने आया वो एक्टर बन गए। ऐसा बॉलीवुड के हर फील्ड में हुआ है जो बनने आया कुछ और बन गया कुछ और। ऐसे ही एक नए धारावाहिक के सेट पर मिले हमें दो कलाकार शहजादा धामी और कृष्णा मुखर्जी, इनकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
Shubh Shagun: मुंबई में मिले लुधियाना के बिट्टू उस्ताद के शागिर्द, रातोंरात किस्मत चमक जाने की फिल्मी सी कहानी
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बनाना था सिंगर बन गए एक्टर
शहजादा धामी बचपन से ही क्लासिकल सिंगर बनाना चाह रहे थे। वह 13 साल की उम्र से ही बिट्टू उस्ताद से क्लासिकल संगीत सीखते रहे हैं और शौकिया तौर पर पंजाब के लुधियाना थिएटर से भी जुड़े रहे। इसी दौरान उन्हें स्टार प्लस के धारावाहिक 'ये जादू है जिन्न का' में काम करने का मौका मिला और सीधे मुंबई आ गए। इस धारावाहिक के बाद कलर्स के धारावाहिक 'छोटी सरदारनी' में काम करने का मौका मिला। दंगल चैनल का धारावाहिक 'शुभ शगुन' उनके करियर का तीसरा शो है जिसको स्मिता ठाकरे ने बनाया है। यह शो रिश्तो के बारे में है जिसमें दिखाया कि रिश्ते आप की जिंदगी में कितनी अहमियत रखते हैं। शहजादा धामी कहते है कि मेरी फैमिली जॉइंट फैमिली है इसलिए मैं रिश्तों की अहमियत को अच्छी तरह से समझता हूं।
अधूरी इच्छा पूरी करेंगे
लगातार सीरियल्स की शूटिंग में बिजी रहने के कारण शहजादा धामी अपने सिंगर बनने का सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन वह सिंगर जरूर बनेंगे। वह कहते हैं कि अभी भी मेरा पैशन सिंगर बनने का है और सिंगर जरूर बनूंगा। मुंबई आने बाद सीधा उन्हें काम मिल गया। बाकी कलाकारों की तरह उन्हें काम के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ा। बहुत सारे एक्टर्स हैं जिनको वर्षों बीत गए छोटी मोटी भूमिकाएं कर रहे हैं। इस मामले में वह खुद को बहुत ही भाग्यशाली मानते हैं कि आते ही लीड रोल करने का मौका मिल गया।
कोरियोग्राफर से बनी एक्ट्रेस
धारावाहिक ‘शुभ शगुन’ की लीड एक्ट्रेस कृष्णा मुखर्जी कभी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थीं। वह डांसर और कोरियोग्राफर बनना चाह रही थी जिसके लिए वह लुधियाना से दिल्ली शिफ्ट हुईं। तभी चैनल वी के लिए एक शो में काम करने का ऑफर आया। ऑडिशन मांगा गया। वह बताती हैं, ‘मुझे एक्टिंग तो आती नहीं थी ऐसे ही एक ऑडिशन बना कर रात को एक बजे भेज दिया और मैं सेलेक्ट हो गई। सोचा चलो, एक बार अपने आप को टीवी में देख लूं,एक बार जब खुद को टीवी में देखा तो बहुत अच्छा लगा फिर लोगों ने सलाह दी कि मुंबई जाकर एक्टिंग में ट्राई करो तो मैं मुंबई आ गई।
कृष्णा बताती हैं, ‘मुंबई आने के बाद मेरा ड्रीम था कि मुझे बालाजी टेलीफिल्म्स और एकता कपूर के साथ काम करना है। मुझे लगता है कि अगर आप खुद पर विश्वास रखें और लाइफ में पॉजिटिव रहे तो कुछ भी कर सकते हैं। इसी विश्वास के चलते मुझे बालाजी के सीरियल ‘नागिन’ में काम करने का मौका मिला। उसके बाद मैंने बालाजी के ही दूसरे शो ‘ये है मोहब्बतें’ में काम किया। बालाजी में इतने साल तक काम करके मुझे घर जैसे लगने लगा था। अब मैं बालाजी से अलग होकर ‘शुभ शगुन’ कर रही हूं तो पहले मुझे बड़ा अजीब लग रहा था लेकिन अब बहुत ही अच्छा लग रहा है।