90's के आखिरी में 20s के शुरुआत दौर के ऐसे कई पॉपुलर सीरियल रहे हैं, जिन्हें याद कर लोग अपने बचपन की यादों में चले जाते हैं। देशभर में लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसे में हमारी यादों को ताजा करने का काम कर रहा है दूरदर्शन। दूरदर्शन पर तमाम पुराने सीरियलों को दोबारा दिखाया जा रहा है। दर्शक इसे देखना भी पसंद कर रहे हैं। लेकिन आज हम आपको रामायण, महाभारत के अलावा कुछ ऐसे शोज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आज भी लोगों को याद हैं। इनकी कहानी ही कुछ ऐसी थी कि उस दौर का हर बच्चा खेलना तक भूल जाता था। आइए एक बार फिर ताजा करते हैं यादें।
रामायण, महाभारत ही नहीं इन पांच शोज से भी जुड़ी हैं बचपन की यादें, खेलना तक भूल जाते थे बच्चे
अलिफ लैला
यह शो 1993-97 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। 'रामायण' के बाद रामानंद सागर प्रोडक्शन का यह दूरदर्शन पर दूसरा सीरियल था, जो काफी पॉपुलर हुआ। अलिफ लैला 'अरेबियन नाइट्स' किताब की कहानियों पर आधारित अलिफ लैला में रहस्य और जादुई दुनिया को दिखाया गया था। इसे इस दौर के बच्चों ने काफी पसंद किया था।
शाकालाका बूमबूम
साल 2000 में दूरदर्शन पर बच्चों के बीच एक सीरियल बेहद पॉपुलर था। 'शाकालाका बूम बूम'। सीरियल की कहानी संजू के चारों ओर घूमती है जिसे एक जादुई पेसिंल मिल जाती है। उस पेसिंल की खासियत यह होती थी कि उससे जो भी चित्र बनाए जाते, वे वास्तविक रूप प्राप्त कर लेते थे। दूरदर्शन पर इसके शुरुआती 30 एपिसोड दिखाए गए थे। उसके बाद 2000 से ये सीरियल स्टार प्लस पर प्रसारित हुआ था। संजू का किरदार और उसकी वो जादुई पेंसिल आज भी कोई देख ले तो अपने बचपन के दिनों में लौट जाएगा।
विकराल और गबराल
उन दिनों विकराल और गबराल देखकर डर जरूर लगता था लेकिन देखना भी नहीं छोड़ सकते थे। कुछ ऐसा पॉपुलर था ये शो। 19 जुलाई 2003 में शुरू हुआ ये शो 28 अगस्त 2004 तक चला था। ये उस वक्त का सबसे हॉरर शो माना जाता था। एक सीजन तक बिना किसी लीड के चलने के बाद इस धारावाहिक में एक्टर ममिक सिंह 'विकराल' के किरदार में आए जो भूतों को पकड़ते थे। बता दें विकराल हालीवुड के वेन हेलसिंग किरदार की नकल था।
सोनपरी
23 नवम्बर 2000 से 1 अक्टूबर 2004 तक स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाला ये शो नए दौर का बेहद पॉपुलर सीरियल था। सीरियल देखकर हर बच्चा चाहता था कि उसके पास भी एक सोनपरी हो। सोनपरी स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाला एक काल्पनिक टेलीविजन धारावाहिक था जो उस वक्त बच्चों को बहुत पसंद हुआ करता था। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए कई भाषाओं में इस कार्यक्रम का अनुवाद किया गया। शो में सोनपरी से लेकर आलतू और फ्रूटी से लेकर अप्पी तक सभी किरदारों ने जैसे हम से दोस्ती कर ली थी।