टीवी सितारों ने महिला दिवस पर की मन की बात, बोलीं- 'हर दिन होना चाहिए हौसलों के जश्न का दिन'
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हर दिन हो महिला दिवस
श्रुति शर्मा, अभिनेत्री
हर महिला दिवस पर हम महिलाओं के विषयों पर जश्न मनाते हैं और चर्चा करते हैं लेकिन अगले दिन हम इसे भूल जाते हैं। यह एक दिन याद करने के लिए नहीं है। हर दिन महिला दिवस है। बस हमें इसे ध्यान में रखना होगा और इस दिन हम महिलाओं के लिए जिन उपायों की बात करते हैं, उन पर काम करना आवश्यक है। मैं महिलाओं से अनुरोध करूंगी कि अपने बच्चों को नैतिक रूप से भी शिक्षित करें। हम सभी को अपने समाज में महिला सुरक्षा की आवश्यकता है।
हर महिला का करें मां जैसा सम्मान
अदिति शर्मा, अभिनेत्री
मुझे सिर्फ एक महिला दिवस नहीं चाहिए। हमें हर दिन इस पर विश्वास करने की जरूरत है, न कि केवल एक दिन के लिए। हम हर दिन इतनी सारी चीजें करते हैं। हम काम करते हैं, हम लड़ते हैं, हम सफलता प्राप्त करने के लिए दौड़ते रहते हैं, हम लगातार बाधाओं को टालते हुए अपने आस-पास के लोगों की मानसिकता को बदलने की कोशिश करते हैं। हम चाहते हैं कि सभी दिनों को हमारे साथ उचित व्यवहार किया जाए। एक महिला को समाज में एक बेटी, एक बहन, एक मां की कई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं और सभी को खुश रखते हुए अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास भी करती है। जब हम हर महिला का सम्मान करना शुरू करेंगे, जिस तरह से हम अपनी मां का सम्मान करते हैं, वह सही मायने में 'महिला दिवस' होगा।
छोटे शहरों में सोच बदलना जरूरी
शीन दास, अभिनेत्री
हम बड़े शहरों में रहते हैं और हमें लगता हैं कि लड़का-लड़की एक समान हैं दोनों साथ में काम कर रहे हैं लेकिन जब भी हम छोटे शहरों में जाते हैं ऐसी बहुत सारी घटनाएं हुईं हैं कि लोग अपनी लड़किओं को घर से बाहर भेजना पसंद नहीं करते। बचपन से ही लड़कियों को सिखाया जाता हैं कि बहुत सारे सपने और आकांक्षाएं मत रखो। मेरे ख्याल से यह गलत है। अपनी बेटियों को पढ़ाइए, खेलने भेजिए और उनको किसी से कम मत समझिए और मेरे ख्याल से अभी भी बहुत स्कोप हैं। बदलाव का दौर आ गया है और जो भी बुरा है उसे अब तक खत्म हो जाना चाहिए। लड़का हो या लड़की हो, सबके साथ समान व्यहार हो ताकि हम अपने देश को आगे बढ़ा पाएं।
ढांचे में ढलने की नहीं इसे तोड़ने की जरूरत
अशनूर कौर, अभिनेत्री
एक आदर्श महिला वो नहीं जो समाज के बनाए ढांचे में खुद को ढालने की कोशिश करती है, बल्कि वो है जो इस ढांचे को तोड़कर अपने जैसी कई अन्य महिलाओं के लिए एक नए रास्ते खोलती है। मैं खुद को प्रेरित करती हूं, मेरे संघर्ष मुझे प्रेरित करते हैं, मेरी असफलताएं मुझे प्रेरित करती हैं और मेरी गलतियां मुझे ताकत देती हैं। मेरी हर छोटी सफलता से मुझे अपना सफर जारी रखने, मुश्किलों से लड़ने और एक औरत की आदर्शवादी छवि के पार जाने की प्रेरणा मिलती है।