अभिनेता विक्रांत मैसी और पत्नी शीतल ठाकुर ने बीते वर्ष बेटे वरदान का स्वागत किया। हाल ही में अभिनेता अपने धार्मिक विश्वासों, परिवार और मूल्यों पर बात करते नजर आए। एक्टर ने बताया कि बेटे वरदान के जन्म प्रमाणपत्र में उन्होंने धर्म के कॉलम को खाली छोड़ रखा है। इसकी वजह भी बताई।
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विक्रांत मैसी, शीतल और बेटा वरदान
- फोटो : इंस्टाग्राम-@sheetalthakur
बेटे के बर्थ सर्टिफिकेट में खाली छोड़ा धर्म का कॉलम
विक्रांत मैसी ने हाल ही में रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट में एक बहुत निजी फैसले के बारे में बताया, जो उन्होंने और उनकी पत्नी शीतल ने लिया। दोनों ने बेटे वरदान के बर्थ सर्टिफिकेट में धर्म का कॉलम खाली छोड़ रखा है। एक्टर ने बताया कि धर्म उनके लिए कितना जटिल है, लेकिन आखिरकार यह निजी आस्था और पसंद पर निर्भर करता है। वे मानते हैं कि धर्म एक निश्चित पहचान के बजाय जीवन जीने का एक तरीका है। उनके परिवार में कई धर्मों का पालन किया जाता है।
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बेटे वरदान के साथ विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम @vikrantmassey
हर दिन ईश्वर को कहते हैं शुक्रिया
विक्रांत ने कहा कि उनकी अपनी आध्यात्मिक प्रथा समावेशी है। वे मंदिर के अनुष्ठानों से लेकर गुरुद्वारों और दरगाहों की यात्रा करते हैं। उन्हें हर चीज में शांति मिलती है और उनका मानना है कि धर्म एक मानव निर्मित अवधारणा है, जो लोगों को अपना आध्यात्मिक मार्ग चुनने की आजादी देने के महत्व पर जोर देती है। उन्होंने आगे बताया कि उनमें गहरी आस्था है। उनका मानना है कि कोई हमेशा उनका ख्याल रखता है। विक्रांत ने कहा कि खुद को मिलने वाले काम और हर दिन सुरक्षित रहने के लिए वे ईश्वर का शुक्रिया भी अदा करते हैं।
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बेटे वरदान के साथ विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम
विक्रांत को करना पड़ा तीखे सवालों का सामना
एक्टर ने कहा कि उन्होंने पहले जब अपनी धार्मिक मान्यताओं पर बात की थीं तो सोशल मीडिया पर कई तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। विक्रांत ने यह भी बताया कि वे अपने बेटे का पालन-पोषण इस तरह कर रहे हैं कि वह धार्मिक या जाति-आधारित पूर्वाग्रह से मुक्त रहे। इस वजह से उन्होंने जानबूझकर अपने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र पर धर्म का कॉलम खाली छोड़ा है।
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पत्नी शीतल और बेटे वरदान के साथ विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम @vikrantmassey
बेटे के इस व्यवहार से होगा दुख
विक्रांत ने कहा कि सरकार ने धर्म का कॉलम भरने की अनिवार्यता नहीं की है। यह एक व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा कि अगर उनका बेटा कभी किसी के साथ उसके धार्मिक या जातिगत व्यवहार के आधार पर व्यवहार करेगा तो उन्हें दुख पहुंचेगा। इससे पहले, विक्रांत ने अपने परिवार की धार्मिक मान्याताओं को लेकर बताया थि की उनके पिता ईसाई हैं। मां सिख हैं और उनके भाई ने 17 साल की उम्र में इस्लाम धर्म अपना लिया था। विक्रांत इन दिनों आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पर आधारित बायोपिक की तैयारियों में जुटे हैं।