राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और निर्देशक विनोद कापड़ी की नई फिल्म 'पायर' को प्रतिष्ठित तेलिन ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जाएगा। ‘पायर’ को इस फिल्म महोत्सव के 28वें संस्करण के आधिकारिक प्रतियोगिता खंड में विश्व प्रीमियर के लिए चुना गया है। इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए पद्म सिंह और हीरा देवी फिल्म के निर्देशक विनोद कापड़ी और उनकी पत्नी साक्षी जोशी के साथ एस्टोनिया की राजधानी तेलिन के लिए निकल चुके हैं।
Pyre: 'पायर' के विश्व प्रीमियर में शामिल होंगे विनोद के आमा-बुबू, पहली बार फ्लाइट में बैठ भरी सपनों की उड़ान
विनोद कापड़ी की नई फिल्म 'पायर' का विश्व प्रीमियर तेलिन ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 28वें संस्करण में होने जा रहा है। अब वे आमा-बुबू के साथ तेलिन के लिए निकल चुके हैं।
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पहली बार विदेश यात्रा पर निकले आमा-बुबू
सोमवार को निर्देशक विनोद कापड़ी ने सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट और फ्लाइट से कुछ फोटो और वीडियो साझा किये। इन्हें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘और चल पड़े आमा बुबू (उत्तराखंड में दादी-दादा को प्यार से यही नाम दिया जाता है) एक अनोखी यात्रा पर !! विनाेद ने यह भी बताया कि आमा और बुबू दोनों की यह पहली विदेश यात्रा है। साथ ही वे अपनी जिंदगी में पहली बार उड़ान भर रहे हैं। यह पल उनकी जिंदगी में किसी कोहिनूर से कम नहीं है, बावजूद इसके फिल्म की मुख्य अभिनेत्री हीरा देवी का दिल उत्तराखंड में अपनी भैंस के पास ही अटका हुआ है।’
‘पायर’ में दिखाई जाएगी दो बुजुर्गों की प्रेम कहानी
‘पायर’ इस साल आधिकारिक प्रतियोगिता श्रेणी में शामिल हुई एकमात्र भारतीय फिल्म है। उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ों में स्थापित 'पायर' में 80 वर्षीय गैर-पेशेवर कलाकारों पद्म सिंह और हीरा देवी मुख्य किरदारों में नजर आएंगे। दोनों फिल्म में अपनी मासूम सी प्रेम कहानी के जरिए हिमालयी क्षेत्र में जीवन का सार लोगों के सामने पेश करेंगे। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसके दोनों मुख्य कलाकार पद्म सिंह और हीरा देवी बुजुर्ग और स्थानीय हैं और दोनों ने ही कभी इससे पहले कैमरा या फिल्म नहीं देखी थी।
सच्ची कहानी से प्रेरित है 'पायर'
फिल्म 'पायर' एक सच्ची कहानी से प्रेरित है, जो विनोद को 2017 में मुनस्यारी के एक गांव में मिले एक बुजुर्ग जोड़े की कहानी है। उत्तराखंड से लगातार पलायन के कारण वीरान हो चुके भूतहा गांवों की पृष्ठभूमि में यह जोड़ा मौत का इंतजार कर रहा था, लेकिन एक-दूसरे के लिए उनके प्यार ने विनोद के दिल पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि उन्होंने यह फिल्म बनाने का फैसला किया। तेलिन ब्लैक नाइट्स में अपने विश्व प्रीमियर के बाद 'पायर' अगले साल के अंत में भारत में रिलीज होने से पहले अपने फेस्टिवल रन पर होगी।
भैंस के साथ अकेले रहती हैं हीरा देवी
पदम सिंह और हीरा देवी दोनों उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के रहने वाले हैं। पदम सिंह एक सेवानिवृत्त भारतीय सेना के जवान हैं, जो अब एक किसान के रूप में काम करते हैं, जबकि हीरा देवी भैंस की देखभाल करती हैं और जंगल से लकड़ियां और घास इकट्ठा करती हैं। हीरा देवी के एक बेटे और बेटी हैं, जिसकी शादी की जिम्मेदारियों से वे मुक्त हो चुकी हैं और पति की मौत के बाद से अकेले वीराने में अपनी भैंस के साथ ही जीवन बिता रही हैं। भैंस की देखभाल करना, उनके लिए जंगलों से घास और लकड़ियां लाना ही उनकी दिनचर्या थी, फिर एक दिन विनोद की ओर से फिल्म का प्रस्ताव मिलने पर हीरा देवी हैरान रह गई और शुरुआत में उन्होंने फिल्म की अभिनेत्री बनने से इनकार कर दिया।