बॉबी देओल की वेब सीरीज आश्रम 3 जल्द ही रिलीज होने जा रही है। इस सीरीज का फैंस को लंबे समय से इंतजार है। दर्शक लंबे समय से यह जानना चाहते हैं कि बाबा निराला के काले करतूतों की सजा उसे मिल पाती है या फिर वह इससे बच निकलता है। हाल ही में मेकर्स ने इसका ट्रेलर रिलीज किया था जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ट्रेलर देखने के बाद फैंस इस सीरीज को देखने के लिए और ज्यादा बेसब्र हो गए हैं। आश्रम 3 को रिलीज करने की तारीख 3 जून तय की गई है। लेकिन इसकी रिलीज से पहले आइए जानते हैं कि यह वेब सीरीज किसी सच्ची घटना पर आधारित है या महज एक काल्पनिक कहानी...
Aashram 3: जल्द लौटने वाले हैं 'काशीपुर वाले बाबा', उससे पहले जानिए कितनी सच्ची और कितनी झूठी है ‘आश्रम’ की कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आश्रम वेब सीरीज देखने पर कई बार ऐसा महसूस होता है कि इसकी कहानी गुरमीत राम रहीम को ध्यान में रखकर बुनी गई है। सीरीज में बॉबी देओल का किरदार भी एक बाबा का है जो जनता के लिए पूजनीय है लेकिन उसके अपराधों की लिस्ट भी काफी लंबी है। आश्रम सीजन एक के 9 एपिसोड में बाबा निराला की कहानी को ऐसे ढंग से पेश किया गया है जो हमने न्यूज के माध्यम से राम रहीम के बारे में सुनी या देखी है। सीरीज में निराला बाबा को अपना एक अलग साम्राज्य चलाते हुए दिखाया गया है, जिसके आगे सरकार भी हमेशा नतमस्तक रहती है। सीरीज की कहानी को काशीपुर जैसे काल्पनिक जगह पर सेट किया गया है। इसके बावजूद आपको काशीपुर और हरियाणा के बीच कई समानताएं देखने को मिल जाती हैं। सीरीज में पम्मी पहलवान बनना चाहती है और उसकी भाषा भी हरियाणवी है। साथ ही पत्रकार वाला एंगल भी बहुत हद तक यह मानने पर मजबूर कर देता है कि यह सत्य घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज है।
इस वेब सीरीज में कई ऐसी चीजें हैं जो समाचार पत्रों या टीवी चैनल के माध्यम से लोग पहले भी देख-सुन चुके हैं, लेकिन मेकर्स ने कहानी के वास्तविक होने से हमेशा इनकार किया है। आश्रम के डायरेक्टर प्रकाश झा के मुताबिक यह सीरीज पूरी तरह से फिक्शन है। इसका किसी भी व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। साथ ही सीरीज के दोनों पार्ट की शुरुआत में डिस्क्लेमर के माध्यम से भी यह बताया गया है कि कहानी के पात्र और घटनाएं पूरी तरह से काल्पनिक हैं।
शुरुआत से ही यह सीरीज विवादों में रही है। सीरीज पर साधु-संतों की छवि खराब करने के आरोप लग चुके हैं। साथ ही इस सीरीज को कई बार बैन करने की मांग भी उठ चुकी है। सीजन एक से शुरू हुआ विवाद तीसरे सीजन तक नहीं थम सका है। हाल ही में सीरीज की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर प्रकाश झा पर कुछ अराजक तत्वों ने काली स्याही भी फेंक दी थी। हालांकि इसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और स्थिति को संभाल लिया।