{"_id":"6380246f1b1d9f138650bf3d","slug":"web-series-khakee-the-bihar-chapter-exclusive-interview-with-neeraj-pandey-and-avinash-tiwary","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Khakee Exclusive Video: अविनाश तिवारी के ऐसे काम आए अमिताभ, सीरीज की मेकिंग के भव ने सुनाए दिलचस्प किस्से","category":{"title":"Web Series","title_hn":"वेब सीरीज","slug":"web-series"}}
Khakee Exclusive Video: अविनाश तिवारी के ऐसे काम आए अमिताभ, सीरीज की मेकिंग के भव ने सुनाए दिलचस्प किस्से
वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ के रचयिता निर्माता-निर्देशक नीरज पांडे का इरादा देश के हर राज्य की पुलिस की दुर्दांत अपराधियों से मुकाबले की कहानियों पर सीरीज बनाने का है। इसकी शुरुआत वह बिहार में कार्यरत रहे पुलिस अधिकारी अमित लोढ़ा के अनुभवों से प्रेरित एक कहानी से कर रहे हैं हालांकि उनका ये भी कहना है कि ये सीरीज अमित लोढा की बायोपिक नहीं हैं।
विज्ञापन
1 of 6
खाकी द बिहार चैप्टर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ की इन दिनों हर तरफ चर्चा है। हो भी क्यों न आखिर इसके रचयिता नीरज पांडे जो ठहरे। नीरज पांडे ने रॉ के एजेंटों की एक दिलचस्प कहानी अपनी पिछली वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’ में दिखाई धी जिसके वह निर्देशकों में भी शामिल थे। अब बतौर रचयिता नीरज पांडे ने निर्देशन की कमान उन भव धूलिया को थमाई है जिन्होंने इसके पहले ‘रंगबाज’ का निर्देशन किया था। वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ की झारखंड में शूटिंग के लिए कोई दो महीने तक स्थानीय कलाकारों की वर्कशॉप चली, दर्जनों लोगों को सीरीज के खास किरदारों को तैयार किया गया और ऐसी वास्तविक लोकेशन पर सीरीज की शूटिंग की गई जिन्हें हिंदी सिनेमा में भी अब तक कम ही देखा गया है। वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ के रचयिता नीरज पांडे, निर्देशक भव धूलिया और लीड कलाकारों करण टैकर व अविनाश तिवारी का ये दिलचस्प इंटरव्यू आप यहां देख सकते हैं...
2 of 6
खाकी द बिहार चैप्टर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हॉरर के लिए बनाया नया बैनर
वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ के रचयिता निर्माता-निर्देशक नीरज पांडे का इरादा देश के हर राज्य की पुलिस की दुर्दांत अपराधियों से मुकाबले की कहानियों पर सीरीज बनाने का है। इसकी शुरुआत वह बिहार में कार्यरत रहे पुलिस अधिकारी अमित लोढ़ा के अनुभवों से प्रेरित एक कहानी से कर रहे हैं हालांकि उनका ये भी कहना है कि ये सीरीज अमित लोढा की बायोपिक नहीं हैं। ‘अमर उजाला’ के साथ एक एक्सक्लूसिव वीडियो इंटरव्यू में नीरज पांडे के साथ सीरीज के मुख्य कलाकारों करण टैकर और अविनाश तिवारी व सीरीज के निर्देशक भव धूलिया ने भी हिस्सा लिया। नीरज पांडे देश में हॉरर फिल्मों का एक नया अध्याय भी शुरू करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने अपनी एक नई कंपनी भी खोली है।
3 of 6
खाकी द बिहार चैप्टर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बदलती रहेगी सीरीज की टैगलाइन
शुक्रवार को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ के बारे में बात करते हुए नीरज पांडे कहते हैं, ‘ये सीरीज बिहार की पुलिस की कार्यप्रणाली पर आधारित है लेकिन ये आईपीएस अफसर अमित लोढा की बायोपिक बिल्कुल नहीं है।’ ये पूछे जाने पर कि सीरीज बिहार की चर्चित कार्यप्रणाली के कितना करीब है, वह कहते हैं, ‘ये तो सीरीज देखने के बाद ही पता चलेगा।’ हालांकि वह कहते हैं कि उनके फोकस में सिर्फ बिहार की पुलिस नहीं है और वह देश के हर राज्य के बहादुर पुलिस अफसरों की कहानियां इस सीरीज के जरिये दिखना चाहते हैं और इसीलिए इसका नाम ‘खाकी’ रखा गया है। फिल्म की टैगलाइन हर सीजन में राज्य के अनुसार बदलती रहेगी।
नीरज पांडे की ख्याति हिंदी सिनेमा में रोमांच, रहस्य के साथ साथ रुआब वाले किरदारों की कहानियां बनाने की रही है। फिल्म ‘अ वेडनेसडे’ के निर्देशन से अपना निर्देशकीय करियर शुरू करने वाले नीरज पांडे ने वेब सीरीज ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ का जिम्मा भव धूलिया को सौंपा है जो इसके पहले जी5 के लिए ‘रंगबाज’ सीरीज का निर्देशन कर चुके हैं। वह कहते हैं, ‘फिल्म जगत के नामी लेखक रितेश शाह से मैंने किसी अच्छे निर्देशक का नाम सुझाने को कहा था तो उन्होंने भव का नाम लिया। बस मैंने उन्हें फोन मिलाया। हमारी मुलाकात हुई और दो तीन दिन में ही भव ने इस सीरीज पर काम शुरू कर दिया।’
विज्ञापन
5 of 6
खाकी द बिहार चैप्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
हॉरर फिल्मों के लिए बनाया नया बैनर
‘अमर उजाला’ के साथ इस खास वीडियो इंटरव्यू में नीरज पांडे से जब ये सवाल किया गया कि उनके सिनेमा के कसाव और चुस्त दुरुस्त प्रस्तुतीकरण को देखकर कई बार ये उम्मीद जागती है कि उनके प्रोडक्शन हाउस को हॉरर फिल्में भी बनानी चाहिए। इस पर नीरज पांडे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘चूंकि आप इस बारे में जानते हैं इसलिए ये सवाल पूछ रहे हैं। हमारा मानना रहा है कि भारत में डरावनी फिल्मों पर ज्यादा अच्छे तरीके से काम नहीं हुआ है। हमने हाल ही में इसी सिलसिले में अपना एक नया बैनर ‘फ्राईडे फीयरवर्क्स’ लॉन्च किया है।’
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।