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पैरों में पायल केवल फैशन ही नहीं इस वजह से भी पहनी जाती है

Mon, 18 Apr 2022 03:55 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Mon, 18 Apr 2022 03:55 PM IST
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Anklet Fashion After Marriage Know Significance Of wearing Anklets In Hindi
anklet

हिंदू धर्म में शादी के बाद पायलों को पहनना जरूरी माना जाता है। पायल को भी सुहागन महिला की पहचान के रूप में जाना जाता है। लेकिन पैरों में पायल पहनने का केवल सुहाग की कारण नही है। इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। पायल केवल पैरों की खूबसूरती बढ़ाने वाला केवल एक गहना मात्र नही है। इसे पहनने से शरीर को भी कई लाभ मिलते हैं। तो चलिए जानें आखिर क्यों शादीशुदा महिलाओं के लिए पायल पहनना भी जरूरी होता है।

Anklet Fashion After Marriage Know Significance Of wearing Anklets In Hindi
anklet - फोटो : istock
पायल है खास

पायल का इतिहास काफी पुराना है। हिंदू सभ्यता में पायल पहनना अमीरी की निशानी मानी जाती थी। माना जाता था कि जिसके पास भारी पायल है वो महिला अमीर है और पतली और हल्की पायल पहनी महिला गरीबी को दर्शाती थी। प्राचीन भारत की हम्पी की मूर्तियों को देखने से पता चलता है कि भारत में पायल का चलन काफी पुराना है। इन मू्र्तियों में पायल पहने महिला खड़ी है। पायल को कई नामों से जाना जाता है। पाटिलु, पायल, गोलुसु, साथ ही इसे नुपुर भी कहते हैं। 

Anklet Fashion After Marriage Know Significance Of wearing Anklets In Hindi
anklet - फोटो : istock

स्त्रियों के सोलह श्रंगार में पायल भी शामिल है। चूड़ी, बिंदी, सिंदूर बिछिया के साथ ही पायल भी सोलह श्रंगार में शामिल होता है। इसी वजह से शादीशुदा महिलाएं पैरों में पायल हमेशा पहनती हैं। पायल को भी सुहाग से ही जोड़कर देखा जाता है। हमेशा चांदी की पायल पहनने का ही विधान है। इसका भी कुछ विशेष कारण है। 

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Anklet Fashion After Marriage Know Significance Of wearing Anklets In Hindi
anklet - फोटो : istock

चांदी का संबंध चंद्रमा के साथ होता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा की उत्पत्ति भगवान शिव के द्वारा हुई है। इसलिए चांदी को खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही कहते हैं कि चांदी की पायल महिलाओं की रक्षा करती है। चांदी की पायल दैवीय शक्तियों को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं। साथ ही पायल के घुघरूओं को सकारात्मका ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। घुंघरूओं के बजने से शरीर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।  

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anklet - फोटो : istock
चांदी की ही पायल क्यों

विज्ञान के अनुसार चांदी में अन्य धातुओं की तुलना में प्रतिक्रियाशीलता ज्यादा होती है। चांदी पृथ्वी की ऊर्जा के सात आसानी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम है। इसलिए चांदी की पायल पहनने का नियम है। 

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