कोरोना वायरस ने सामान्य जनजीवन को बहुत प्रभावित किया है। अब इस वायरस के निशाने पर मेकअप ट्रेंड है। वायरस से बचने के लिए मास्क की अनिवार्यता ने लिपस्टिक के ट्रेंड को लगभग खत्म सा कर दिया है। अभी हाल ही में कई सारी शादियों में हमने दुल्हनों को फेसमास्क पहने देखा। जिससे पता चलता है कि आगे के समय में लोग आंखों के मेकअप पर ज्यादा ध्यान देंगे। वैसे तो लिपस्टिक हर लड़की के मेकअप का जरूरी हिस्सा होती है। लेकिन कोरोना वायरस के कारण लिपस्टिक के बिजनेस पर मंदी की मार छा रही है। क्योंकि एक्सपर्ट की मानें तो सौंदर्य उत्पादों के बिजनेस में लिपस्टिक का करीब 32 फीसदी हिस्सा होता है। लेकिन अब इसमें मंदी देखी जा रही है।
कोरोना मेकअप ट्रेंड: मास्क की वजह से खत्म हो सकता है लिपस्टिक का ट्रेंड, लड़कियों ने दिखाई आई मेकअप प्रोडक्ट में दिलचस्पी
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कोरोना से बचने के लिए फेस मास्क की अनिवार्यता के कारण आंखों से जुड़े मेकअप उत्पादों की मांग में तेजी देखी गई है। काजल, आईशैडो, आई लाइनर, फॉल्स लैशेज, मस्कारा जैसे आखों से जुड़े उत्पादों की मांग को देखते हुए कंपनियां इसकी मैन्यूफैक्चरिंग पर भी ज्यादा जोर दे रही हैं।
मेकअप के उत्पादों पर वर्क फ्राम होम का भी खासा असर पड़ा है। क्योंकि कोरोना के डर से लोगों का बाहर आना-जाना बंद है। ज्यादातर महिलाएं घर पर समय बिता रही हैं। वहीं ऑफिस के कार्य भी घर से ही हो रहे हैं। यहां तक कि महिलाएं वीडियो कॉल के वक्त भी लिपस्टिक नहीं लगा रहीं। ऐसे में लिपस्टिक के क्रेज के कम होने के पूरे आसार हैं।
सौंदर्य उत्पादों की कंपनी नायका के एक रिटेलर ने बताया कि आंखों के मेकअप के उत्पाद में नंबर पांच पर रहने वाला आई शैडो तीन पर आ गया है। क्योंकि पूरे ब्यूटी उत्पादों का 36 फीसदी हिस्सा इस समय आंखों से जुड़े मेकअप का हो गया है जबकि लिपस्टिक का हिस्सा 32 फीसदी है।