अंबानी परिवार के लिए मार्च का महीना काफी खास था। इसी महीने मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी की प्री वेडिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया था। अनंत जल्द ही राधिका मर्चेंट के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी शादी के पहले दोनों के परिवार ने जामनगर में तीन दिन का प्री वेडिंग समारोह आयोजित किया था। इस समारोह में दुनिया भर के दिग्गज शामिल हुए थे। इस प्री वेडिंग समारोह पर सभी की नजरें अंबानी परिवार की महिलाओं पर थीं।
Nita Ambani: कांचीपुरम साड़ी में एक बार फिर दिखा नीता अंबानी का शाही अंदाज, जानें इसकी खासियत
अनंत और राधिका के प्री वेडिंग समारोह के बाद एक बार फिर से नीता अंबानी से कांचीपुरम साड़ी में अपना खूबसूरत अंदाज दिखाया है।
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इस डिनर कार्यक्रम में नीता अंबानी चटक लाल रंग की कांचीपुरम साड़ी में नजर आईं। ये साड़ी देखने में बेहद ही खूबसूरत लग रही थी। उनकी इस साड़ी पर गोल्डन रंग का बॉर्डर लगा था। नीता अंबानी की इस लाल कांचीपुरम साड़ी को दक्षिण भारत के बुनकरों ने तैयार किया था। इस साड़ी पर जरदोजी की कढ़ाई मशहूर डिजाइन मनीष मल्होत्रा द्वारा की गई है।
साड़ी के साथ पहनी हैवी ज्वेलरी
इस कांचीपुरम साड़ी के साथ नीता अंबानी ने काफी हैवी ज्वेलरी कैरी की थी। भारी सा जड़ाऊ नेसपीस, कानों में भारी झुमके और हाथों में जड़ाऊ कंगन उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे। हमेशा की तरह अपने इस साड़ी लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने माथे पर लाल रंग की ही बिंदी भी लगाई थी।
पहले भी पहन चुकी हैं ऐसी साड़ी
अनंत और राधिका के प्री वेडिंग समारोह में एक दिन और नीता अंबानी ने कांचीपुरम साड़ी को ही प्राथमिकता दी थी। इस साड़ी के संग उन्होंने जो हार पहना था वो भी बेहद खास था। नीता अंबानी ने इस सिल्वर साड़ी के साथ ब्लाउज भी मैचिंग का पहना था और उन्होंने इसका पल्लु खुला रखा था।
एक साड़ी बनने में लगता है महीनों का समय
अब आपको कांचीपुरम साड़ी की खासियत बताते हैं। दरअसल, ये साड़ी दक्षिण भारत के बुनकरों द्वारा हस्तनिर्मित एक उत्कृष्ट कृति है। पीढ़ी दर पीढ़ी वहां के कारीगरों ने अपनी इस कला को और निखारा है। कांचीपुरम साड़ियों में सोने की कढ़ाई की जाती है।
ज्यादातर लाल, सिल्वर और गोल्डन रंग में ही ये साड़ियां दिखाई देती हैं। इस एक साड़ी को तैयार होने में महीनों को समय लग जाता है, क्योंकि इस साड़ी का पूरा काम हाथ से ही होता है। इतना समय और मेहनत लगने की वजह से इनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है।