सिल्क की साड़ियां बेहद मंहगी होती हैं। इनके रखरखाव में विशेष ध्यान रखना पड़ता है। अगर आप भी सिल्क की साड़ियां पहनती हैं तो आपको चार बातें ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपकी सिल्क की साड़ी जल्दी खराब न हो। भारत में सिल्क की साड़ियों के लिए वाराणसी सबसे ज्यादा मशहूर है यहां आपको तरह-तरह की सिल्क की साड़ियां मिल जाएंगी। सिल्क की साड़ियां के साथ सबसे ज्यादा दिक्कत होती है कि ये बेहद सॉफ्ट होती हैं और अगर सही से ध्यान नहीं रखा गया तो इनकी चमक चली जाती है और साड़ियों का बॉर्डर सिकुड़ जाता है और देखने में बेहद खराब लगने लगती हैं।
सिल्क की साड़ी का फैशन कभी भी खत्म नहीं होता है। आप जब भी सिल्क की साड़ी को पहनेंगी तो ये हमेशा ही अलग लुक देगी। इसलिए एक बार सिल्क खरीदने के बाद उसे लंबे समय तक सहेज कर रखा जा सकता है। सिल्क की साड़ी को रखने के लिए हमेशा किसी कागज या कॉटन के कपड़े में लपेट कर रखना चाहिए। कभी भी इसे सीधे किसी प्लास्टिक के बैग में रखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
सिल्क की एंब्रायडरी और जरी के काम की चमक को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उसके काम वाले हिस्से को अंदर की तरफ मोड़कर रखा जाए। इसके साथ ही लंबे समय तक रखने वाली साड़ी को छह महीने के बाद धूप जरूर दिखानी चाहिए। पर ध्यान रहें बहुत कड़ी धूप सीधे साड़ी के ऊपर न पड़े।
सिल्क की साड़ी को किसी लोहे के हैंगर में टांग कर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से साड़ी के ऊपर लोहे का गहरा निशान बन जाता है। सिल्क की साड़ी की तह को थोड़े थोड़े दिनों के बाद बदलती रहें, नहीं तो साड़ी पर मोड़ का निशान बन जाता है और अगर सिल्क बिल्कुल असली है तो साड़ी मोड़ के पास से कट जाएगी।
सबसे जरूरी बात कभी भी सिल्क की साड़ी को घर पर धोने का प्रयास नहीं करना चाहिए बल्कि ड्राई क्लीन कराना चाहिए। पट्टु जैसी सिल्क की साड़ी को लंबे समय तक सहेज कर रखने का तरीका है कि उसे नियमित रुप से ड्राई क्लीन कराएं।
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