World Saree Day 2024: हर भारतीय महिला के लिए साड़ी काफी खास परिधान होता है। इसे वो शादी-विवाह से लेकर पार्टियों में भी कैरी करना पसंद करती हैं। आजकल तो समय ऐसा है कि जो विदेशी महिलाएं भारत घूमने आती हैं, वो भी साड़ी ही पहनना पसंद करती हैं। लोगों को लगता है कि साड़ी काफी सस्ती आती हैं, जबकि ऐसा नहीं है। भारत में कई इस तरह की साड़िया भी बनती हैं, जो लाखों रुपये की आती हैं।
World Saree Day: काफी महंगी होती हैं ये पांच साड़ियां, एक की कीमत तो चालीस लाख से भी ज्यादा
भारत में साड़ियों की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण यहां कई प्रकार की साड़ियां पाई जाती हैं, जिनमें से कुछ बेहद महंगी और अनोखी होती हैं।
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कांचीपुरम सिल्क साड़ी
कांचीपुरम की ये साड़ियां मूलरूप से तमिलनाडु में बनाई जाती हैं और इनमें असली सोने व चांदी की जरी का उपयोग होता है। इनकी गुणवत्ता और बुनाई कला इन्हें खास बनाती है। कीमत की बात करें तो कांचीपुरम सिल्क की कीमत साड़ी 1 लाख से 40 लाख रुपये तक की होती है। इसकी कीमत इसके जरी के काम पर निर्भर करती है।
बनारसी सिल्क साड़ी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी की यह साड़ियां जटिल जरी वर्क और रिच सिल्क से बनी होती हैं। यह शादी और विशेष अवसरों पर पहनी जाती हैं। खासतौर पर बनारसी सिल्क की साड़ियां नई दुल्हनों को चढ़ाई जाती हैं। इन साड़ियों की कीमत 5,000 से ₹10 लाख तक होती है। बनारसी सिल्क की साड़ी देखने में काफी कमाल की होती है।
पाटन पटोला
गुजरात की यह साड़ियां डबल-इकट तकनीक से बनाई जाती हैं। यह साड़ी अपनी जटिल बुनाई, शानदार डिजाइन, और समृद्ध सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इसके खास काम की वजह से ही इसे तैयार होने में 6 महीने से एक साल तक का समय लग जाता है। आमतौर पर इसकी कीमत 2 लाख से ₹10 लाख तक होती है।
जरी कोटा साड़ी
राजस्थान की जरी कोटा साड़ियां अपनी हल्की बनावट और आकर्षक जरी वर्क के लिए मशहूर हैं। ये साड़ियां देखने में बेहद रॉयल लगती हैं। मूलरूप से इनकी कीमत 5 हजार रुपये से से 5 लाख तक होती है। इस तरह की साड़ियां ज्यादातर महिलाएं शादी-विवाह में पहनना पसंद करती हैं।