किसान आंदोलन स्थगित करने का एलान हो चुका है। 11 दिसंबर को किसानों ने यहां से अपने घर जाने का एलान कर दिया है। एसकेएम के नेताओं का कहना है कि किसानों के आंदोलन स्थल से घर जाने से पहले हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा होगी। इससे पहले किसान शुक्रवार को आंदोलन स्थल पर सफाई करेंगे। आंदोलनकारियों ने बताया कि जाने से पहले हेलिकॉप्टर से आंदोलन स्थल पर फूल बरसाए जाएंगे। किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी साथ जाने के दौरान की जाएगी। गुरुवार को बॉर्डर पर आखिरी सभा की जा रही है शुक्रवार को सभा नहीं होगी।
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टीकरी बॉर्डर: घर जाने से पहले हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की वर्षा, किसान आज करेंगे धरना स्थल पर सफाई
Fri, 10 Dec 2021 02:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 Dec 2021 02:12 AM IST
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टीकरी बॉर्डर से घर वापसी की तैयारी करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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टीकरी बॉर्डर से घर वापसी की तैयारी करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूं होगी रवानगी
पंजाब के किसान बोहा मंडी में रुकेंगे, फिर यहां से अपने-अपने जिलों में जाएंगे। संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि वे 11 दिसंबर को रवानगी करेंगे और 13 दिसंबर को जलियांवाला बाग में मत्था टेकेंगे। आंदोलन के कारण जिन लोगों को दिक्कत हुई उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगेंगे।
टीकरी बॉर्डर पर अपनी खुशी का इजहार करती महिला किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आंदोलन में शामिल महिलाओं ने मनाई खुशी
आंदोलन में शामिल महिलाओं व युवतियों ने अपनी खुशी का इजहार अलग-अलग तरीके से किया। किसी ने आंदोलन स्थल पर लोगों को टॉफियां बांटी तो किसी ने एक-दूसरे के गले लगकर इस जीत की बधाई दी। सभा में मौजूद किसानों को प्रसाद वितरित किया गया। महिलाओं व पुरुष किसानों ने एक-दूसरे को माला पहनाई।
आंदोलन में शामिल महिलाओं व युवतियों ने अपनी खुशी का इजहार अलग-अलग तरीके से किया। किसी ने आंदोलन स्थल पर लोगों को टॉफियां बांटी तो किसी ने एक-दूसरे के गले लगकर इस जीत की बधाई दी। सभा में मौजूद किसानों को प्रसाद वितरित किया गया। महिलाओं व पुरुष किसानों ने एक-दूसरे को माला पहनाई।
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टीकरी बॉर्डर पर अपनी खुशी का करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं का कहना था कि वे पिछले एक वर्ष से यहां डटे हुए थे आखिकार मोदी सरकार ने उनकी मांग मानी और अब वे अपने घरों की वापसी का रुख करेंगे। इसका एलान हो चुका है।
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टीकरी बार्डर पर सभा में मौजूद किसानों को प्रसाद वितरित करता युवा किसान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसान आज करेंगे धरना स्थल की सफाई, 11 को होगी वापसी
मांगों को लेकर एक वर्ष से अधिक समय से टीकरी बार्डर पर चल रहा किसान आंदोलन अब समाप्ति की ओर है। किसान 10 दिसंबर को धरना स्थल पर सफाई करेंगे और 11 दिसंबर को सुबह 9 बजे यहां से अपने घरों की ओर रुख करेंगे। वीरवार को सिंघु बार्डर पर हुई संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बैठक में घर वापसी का एलान होते ही बहादुरगढ़ के टीकरी बार्डर पर डटे किसान मोर्चे के फैसले पर खुश हो गए। आंदोलन स्थल पर किसी ने टॉफियां बांटी तो कोई खुशी में झूम उठा। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के परगट सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से किसानों को घरों की तरफ जाने का एलान कर दिया है। किसान अपने टैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों को पूरी तरह फूलों से सजाकर अपने घरों को वापसी करेंगे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्वागत भी होगा पर कारवां बिना रुके चलता रहेगा। मालवा, माझा व दोआबा के किसान फतेहगढ़ साहिब में रुकेंगे। 13 दिसंबर नेतृत्व दरबार साहिब, अमृतसर जाकर माथा टेकेगा। किसान जलियांवाला बाग और राम तीर्थ भी जाएंगे। इसके लिए मालवा के लोग रात 11 बजे तक मखू तिकोनी और दोआबा वाले ब्यास पुल पर इकट्ठे होंगे। जबकि, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता 15 दिसंबर तक पंजाब में सभी मोर्चों को पूरा करेंगे।
मांगों को लेकर एक वर्ष से अधिक समय से टीकरी बार्डर पर चल रहा किसान आंदोलन अब समाप्ति की ओर है। किसान 10 दिसंबर को धरना स्थल पर सफाई करेंगे और 11 दिसंबर को सुबह 9 बजे यहां से अपने घरों की ओर रुख करेंगे। वीरवार को सिंघु बार्डर पर हुई संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बैठक में घर वापसी का एलान होते ही बहादुरगढ़ के टीकरी बार्डर पर डटे किसान मोर्चे के फैसले पर खुश हो गए। आंदोलन स्थल पर किसी ने टॉफियां बांटी तो कोई खुशी में झूम उठा। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के परगट सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से किसानों को घरों की तरफ जाने का एलान कर दिया है। किसान अपने टैक्टर-ट्रॉलियों व अन्य वाहनों को पूरी तरह फूलों से सजाकर अपने घरों को वापसी करेंगे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्वागत भी होगा पर कारवां बिना रुके चलता रहेगा। मालवा, माझा व दोआबा के किसान फतेहगढ़ साहिब में रुकेंगे। 13 दिसंबर नेतृत्व दरबार साहिब, अमृतसर जाकर माथा टेकेगा। किसान जलियांवाला बाग और राम तीर्थ भी जाएंगे। इसके लिए मालवा के लोग रात 11 बजे तक मखू तिकोनी और दोआबा वाले ब्यास पुल पर इकट्ठे होंगे। जबकि, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता 15 दिसंबर तक पंजाब में सभी मोर्चों को पूरा करेंगे।