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टीकरी बॉर्डर दुष्कर्म केस: सामने आया एक नया सच, जांच में सनसनीखेज खुलासे से सभी स्तब्ध
Fri, 11 Jun 2021 02:07 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 11 Jun 2021 02:07 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में दुष्कर्म आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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किसान आंदोलन के दौरान पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म के आरोपी अनिल मलिक को अदालत ने गुरुवार को तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। मलिक को भिवानी के भीम स्टेडियम के पास से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में नए खुलासे हुए हैं। एसआईटी प्रमुख, डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि आरोपी अनिल मलिक के खिलाफ पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस की जांच में युवती के साथ ट्रेन में छेड़खानी और फिर झोपड़ी में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। यही नहीं आरोपी ने अपने ही फोन से वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल भी किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने माना है कि अनूप चानौत ने भी दुष्कर्म किया था और अंकुर सांगवान ने छेड़खानी की थी। जबकि जगदीश बराड़ ने विवाद को दबाने की कोशिश की। डीएसपी ने बताया कि ये बातें एसआईटी द्वारा पूछताछ के दौरान शामिल किए गए अन्य व्यक्तियों ने भी बताई हैं। आरोपी अनिल मलिक रिटायर्ड फौजी है। उसने 2016 में रिटायरमेंट ले ली थी। फिलहाल वह दिल्ली के पोचनपुर में रह रहा था।
टीकरी बॉर्डर दुष्कर्म केस
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
डीएसपी पवन ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी के मोबाइल से अहम खुलासे हो सकते हैं। अब गांव चानौत जिला हिसार के निवासी अनूप और गांव मंदौला जिला चरखी दादरी के निवासी अंकुर को पकड़ने के लिए एसआईटी छापे मार रही है।
टीकरी बॉर्डर दुष्कर्म केस
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
डीएसपी पवन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि केस में नामजद सभी आरोपी किसान सोशल आर्मी नामक संगठन के बैनर तले किसान आंदोलन में सक्रिय थे। वे अपने टेंट में पढ़ाने के लिए आसपास के श्रमिकों के छोटे बच्चों को भी बुलाते थे। सभी आरोपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के लिए पश्चिमी बंगाल गए थे।
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टीकरी बॉर्डर दुष्कर्म केस
- फोटो : फाइल फोटो
कुछ रोज वहां रहकर वापस चले तो 11 अप्रैल को वहां की युवती किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए उनके साथ चल पड़ी। अगले दिन 12 अप्रैल को युवती को लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे। करीब 18 दिन बाद 30 अप्रैल को युवती की बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया कि पीड़िता की मौत कोरोना संक्रमण से हुई।
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टीकरी बॉर्डर दुष्कर्म केस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएसपी ने बताया कि बीमारी के दौरान युवती ने पिता को फोन करके अपने साथ खराब काम होने की जानकारी दी थी। उसके पिता बहादुरगढ़ पहुंचे और 9 मई को एफआईआर दर्ज करवा दी। पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया। जिनमें दो महिलाओं के भी नाम हैं। इसलिए उक्त महिलाओं को भी जांच में शामिल किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी दरखास्त में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ अनिल मलिक, अनूप चानौत व अन्य द्वारा छेड़खानी व खराब काम किया गया था। गांव चानौत जिला हिसार के निवासी अनूप और गांव मंदौला जिला चरखी दादरी के निवासी अंकुर को पकड़ने के लिए एसआईटी छापे मार रही है।