एएसआई संदीप कुमार लाठर के शव का गुरुवार को पीजीआई में डेढ़ घंटे पोस्टमार्टम चला। फॉरेंसिक साइंस विभाग के तीन डॉक्टरों के पैनल ने सिर में लगी गोली का पता लगाने के लिए तीन बार एक्स-रे किया लेकिन गोली नहीं मिली। पुलिस अब घटनास्थल की मेटल डिटेक्टर से जांच करके गोली का पता लगाने का प्रयास करेगी।
ASI Suicide: तीन बार एक्स-रे फिर भी सिर में नहीं मिली गोली, तीन घंटे चला संदीप का पोस्टमार्टम, अब आगे क्या?
एएसआई संदीप लाठर का पोस्टमार्टम तीन घंटे तक चला। डॉक्टरों ने जवान के सिर का तीन बार एक्स-रे किया लेकिन सिर में गोली नहीं मिली। डॉक्टरों ने बताया कि संदीप ने दाईं कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारी थी। डिटेल में पढ़ें खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टरों के मुताबिक, संदीप ने दाईं कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मारी थी। यह सिर के अंदरूनी हिस्सों को चीरते हुए बाईं तरफ कान के ऊपर से आर-पार निकल गई। संदीप की मौत की वजह सिर से अधिक खून बहना ही बनी। शुरू में डॉक्टरों को अंदेशा था कि सिर में मारी गई गोली कहीं अंदर ही हड्डियों के बीच न फंसी हो। इसका पता लगाने के लिए डॉ. लव की देखरेख में तीन सदस्यीय बोर्ड ने डेढ़ घंटे में तीन बार सिर का एक्स-रे कराया। हालांकि, गोली नहीं मिली।
इसी वजह से पोस्टमार्टम की सुबह आठ बजे शुरू हुई प्रक्रिया तीन घंटे खिंच गई। इससे पहले, सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने संदीप का शव पीजीआई के फॉरेंसिक विभाग को सौंपा था। बोर्ड ने 10 बजे पोस्टमार्टम शुरू किया, जो दोपहर 1 बजे तक चला। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। डॉक्टरों ने विभिन्न अंगों का विसरा भी जांच के लिए भेजा है, ताकि सुसाइड से पहले संदीप के कोई जहरीला पदार्थ खाने न खाने की पुष्टि की जा सके।
दोपहर में जुलाना पहुंचा शव
वीरवार दोपहर करीब एक बजे रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद सरकारी वादे के मुताबिक संदीप के शव को फूलों से सजे पुलिस वाहन से पैतृक गांव जुलाना लाया गया। इस दौरान एएसआई संदीप अमर रहें...के नारे लगते रहे। हर कोई संदीप की नेक दिली की बातें कर रहा था।
बता दें कि पुलिस जवान संदीप ने दिवंगत एडीजीपी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर वीडियो बनाया और सुसाइड नोट लिखकर अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी कर ली। संदीप मूल रूप से हरियाणा के जिंद जिले के जुलाना के रहने वाले थे जो परिवार के साथ रोहतक में शिफ्ट हुए थे। उनका पुश्तैनी मकान जुलाना में था जहां वह अक्सर जाते रहते थे। गुरुवार को एसएसआई का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।