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लॉकडाउन: मदद के लिए मना करने पर भी हो सकती है एक साल की जेल

Thu, 09 Apr 2020 08:05 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Thu, 09 Apr 2020 08:05 AM IST
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coronavirus : Lockdown India, Refusal for help to officers may lead to one year in jail
लॉकडाउन - फोटो : amar ujala
कोरोना से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन न मानने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई हो रही है, पर इसका उल्लंघन जारी था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने राज्यों से आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत भी कार्रवाई को कहा है। आपदा प्रबंधन कानून लागू होने के बाद सरकारी अधिकारियों को और शक्ति मिल गई है। ऐसे में कानून न मानने पर 2 व झूठ फैलाने पर 3 साल की जेल हो सकती है। आइए डालते हैं दोनों कानूनों के प्रावधानों पर नजर...


coronavirus : Lockdown India, Refusal for help to officers may lead to one year in jail
लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला

कर्तव्य निर्वहन से इनकार करने पर
कानून में आपदा के समय नियुक्त अधिकारी द्वारा उसे दी गई ड्यूटी न निभाने पर एक साल तक की कैद का प्रावधान है। हालांकि, जिसके पास अपने वरिष्ठ अधिकारी की लिखित मंजूरी होगी या ड्यूटी न निभा पाने का कोई कानूनी आधार होगा, उसे सजा से छूट मिलेगी।

coronavirus : Lockdown India, Refusal for help to officers may lead to one year in jail
लॉकडाउन - फोटो : amar ujala

गलत दावा करने पर दो साल की कैद
राहत, सहायता, पुनर्निर्माण और अन्य फायदे लेने के लिए गलत दावा पेश करने वाले पर आपदा प्रबंधन कानून की धारा-52 के तहत जुर्माना और दो साल की जेल का प्रावधान है।

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coronavirus : Lockdown India, Refusal for help to officers may lead to one year in jail
लॉकडाउन - फोटो : prayagraj

दो तरह के अपराधों में आपदा एक्ट में सजा
आईपीसी की धारा 188 के उल्लंघन पर छह माह तक के लिए जेल भेजा जा सकता है। वहीं, महामारी रोग कानून के उल्लंघन पर भी धारा 188 के तहत ही कार्रवाई की जाती है। आपदा प्रबंधन कानून की धारा 51 के तहत ड्यूटी में बाधा डालने और अधिकारियों के निर्देशों को मानने से इनकार करने पर एक साल की सजा हो सकती है।

निर्देश न मानने पर किसी की जान पर खतरे की स्थिति में दो साल तक की सजा भी हो सकती है। भय फैलाने वाली सामग्री के प्रकाशन-वितरण पर तीन साल की कैद अथवा जुर्माना हो सकता है।

अधिकारियों-कर्मचारियो के लिए कानूनी कवच
किसी अधिकारी और कर्मचारी के लिए निर्णय को लेकर आपदा कानून उन्हें कानूनी प्रक्रिया से सुरक्षित करता है।

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कोरोना वायरस - फोटो : PTI

मदद के लिए मना करने पर
कानून के अंतर्गत किसी भी अधिकारी को आपदा से निपटने के लिए जरूरी संसाधन, व्यक्ति, सामग्री, स्थान, भवन, बचाव के लिए वाहन लेने का अधिकार है। अधिकारियों के निर्देशों को मानने से इनकार करने पर एक साल की सजा हो सकती है।

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