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दिल्ली का कंझावला केस: क्या युवती को कार से 13KM घसीटने वालों को फांसी हो सकती है? जानें क्या कहता है कानून
Tue, 03 Jan 2023 12:16 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 03 Jan 2023 12:16 PM IST
सार
सवाल उठता है कि क्या इस केस में आरोपियों को फांसी की सजा मिल सकती है? अगर हां तो कैसे? कानून क्या कहता है? जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उसके अनुसार आरोपियों को कितनी सजा मिल सकती है? आइए समझते हैं...
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कंझावला कांड के कातिल
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के सुल्तानपुरी में नए साल की पूर्व संध्या पर कार से युवती को 13 किलोमीटर तक घसीटने के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। घटना को अंजाम देने वाले पांचों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस ने मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है तो वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
Delhi case
- फोटो : अमर उजाला
पहले घटना के बारे में जान लीजिए
बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में 31 दिसंबर की रात एक युवती अपनी दोस्त के साथ स्कूटी से जा रही थी। इसी दौरान एक कार ने स्कूटी में टक्कर मार दी। इसमें दोनों घायल हो गईं। कार में पांच लोग बैठे थे और पांचों नशे में धुत थे। आरोपियों ने बगैर रुके कार की स्पीड तेज कर दी। स्कूटी सवार एक युवती का पैर कार के एक्सल में फंस गया। 13 किलोमीटर तक कार के साथ ही उसे घसीटा गया। उसके सारे कपड़े फट गए। युवती की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जब पांचों आरोपियों ने कंझावला रोड पर जोंटी गांव के पास कार रोकी तो उन्होंने युवती को कार में फंसा देखा। आरोपियों ने युवती को कार के नीचे से निकाला और उसे खुले आसमान के नीचे वहीं फेंककर चले गए। युवती के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। वहीं, दूसरी युवती घटनास्थल से ही अपने घर चली गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार चालक और अंदर बैठे सभी आरोपियों को पकड़ लिया है।
बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में 31 दिसंबर की रात एक युवती अपनी दोस्त के साथ स्कूटी से जा रही थी। इसी दौरान एक कार ने स्कूटी में टक्कर मार दी। इसमें दोनों घायल हो गईं। कार में पांच लोग बैठे थे और पांचों नशे में धुत थे। आरोपियों ने बगैर रुके कार की स्पीड तेज कर दी। स्कूटी सवार एक युवती का पैर कार के एक्सल में फंस गया। 13 किलोमीटर तक कार के साथ ही उसे घसीटा गया। उसके सारे कपड़े फट गए। युवती की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जब पांचों आरोपियों ने कंझावला रोड पर जोंटी गांव के पास कार रोकी तो उन्होंने युवती को कार में फंसा देखा। आरोपियों ने युवती को कार के नीचे से निकाला और उसे खुले आसमान के नीचे वहीं फेंककर चले गए। युवती के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। वहीं, दूसरी युवती घटनास्थल से ही अपने घर चली गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार चालक और अंदर बैठे सभी आरोपियों को पकड़ लिया है।
सीएम अरविंद केजरीवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री ने की फांसी की सजा
कंझावला मामले को सीएम केजरीवाल ने बेहद शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने कहा, 'हमारा समाज किस तरफ जा रहा है? कुछ लड़कों ने कई किलोमीटर तक एक लड़की को घसीटा, ये बेहद दर्दनाक है। चाहे आरोपी कितने भी रसूख वाले क्यों ना हों उनको सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।'
कंझावला मामले को सीएम केजरीवाल ने बेहद शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने कहा, 'हमारा समाज किस तरफ जा रहा है? कुछ लड़कों ने कई किलोमीटर तक एक लड़की को घसीटा, ये बेहद दर्दनाक है। चाहे आरोपी कितने भी रसूख वाले क्यों ना हों उनको सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।'
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Delhi case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने किन-किन धाराओं में केस दर्ज किया?
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 279, 304, 304ए, 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया है कि प्रारंभिक जांच के बाद अगर कुछ और तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार एफआईआर में धाराएं जोड़ दी जाएंगी।
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 279, 304, 304ए, 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया है कि प्रारंभिक जांच के बाद अगर कुछ और तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार एफआईआर में धाराएं जोड़ दी जाएंगी।
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Delhi case
- फोटो : अमर उजाला
इन धाराओं में कितनी सजा मिल सकती है?
आईपीसी की धारा 279 : सार्वजनिक जगह पर जानकर या असावधानी से असुरक्षित वाहन चलाकर दूसरों का जीवन खतरे में डालना या घायल करने के कृत्य इस धारा में आते है। अपराध साबित होने पर अधिकतम तीन महीने की सजा और एक हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों सजा एक साथ का प्रावधान है।
आईपीसी की धारा 279 : सार्वजनिक जगह पर जानकर या असावधानी से असुरक्षित वाहन चलाकर दूसरों का जीवन खतरे में डालना या घायल करने के कृत्य इस धारा में आते है। अपराध साबित होने पर अधिकतम तीन महीने की सजा और एक हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों सजा एक साथ का प्रावधान है।