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Maharashtra Politics: मुख्यमंत्री की कुर्सी गई, विधायक भी हाथ से निकले, तीन बिंदुओं में जानें अब क्या करेंगे उद्धव ठाकरे?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 01 Jul 2022 02:38 PM IST
सार
Uddhav Thackeray Shiv Sena: महाराष्ट्र में 10 दिन से जारी सियासी उठापटक अब थम चुका है। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। इस बीच सवाल ये उठ रहा है कि अब उद्धव ठाकरे का क्या होगा?
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उद्धव ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में 10 दिन से जारी सियासी उठापटक अब थम चुका है। शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। इस बीच सवाल ये उठ रहा है कि अब उद्धव ठाकरे का क्या होगा?
एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला
अब क्या करेंगे उद्धव?
ये जानने के लिए महाराष्ट्र की राजनीति पर अच्छी पकड़ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप रायमुलकर से संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'गुरुवार को एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया आई। ठाकरे ने उन्हें बधाई दी। उधर, आज महाराष्ट्र के कई मराठी अखबारों में पहले पन्ने पर विज्ञापन प्रकाशित हुआ है। इसमें एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के साथ एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं तो दूसरी ओर बाला साहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे भी हैं। मतलब साफ है कि शिवसेना के दोनों गुट में एक-दूसरे के प्रति अभी ज्यादा गुस्सा नहीं है।'
रायमुलकर आगे तीन बिंदुओं में बताते हैं कि उद्धव के पास अब क्या-क्या विकल्प है?
ये जानने के लिए महाराष्ट्र की राजनीति पर अच्छी पकड़ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप रायमुलकर से संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'गुरुवार को एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया आई। ठाकरे ने उन्हें बधाई दी। उधर, आज महाराष्ट्र के कई मराठी अखबारों में पहले पन्ने पर विज्ञापन प्रकाशित हुआ है। इसमें एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के साथ एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं तो दूसरी ओर बाला साहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे भी हैं। मतलब साफ है कि शिवसेना के दोनों गुट में एक-दूसरे के प्रति अभी ज्यादा गुस्सा नहीं है।'
रायमुलकर आगे तीन बिंदुओं में बताते हैं कि उद्धव के पास अब क्या-क्या विकल्प है?
महाराष्ट्र में सियासी घमासान
- फोटो : अमर उजाला
1. बागी विधायकों से समझौता : शिंदे गुट के बयानों से साफ है कि वह शिवसेना तोड़ना नहीं चाहते हैं। शिंदे गुट जो चाहता था, वो पूरा हो चुका है। भाजपा के साथ मिलकर सरकार बन चुकी है। ऐसे में संभव है कि उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच समझौता हो जाए।
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शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे
- फोटो : ANI
2. शिंदे गुट को अलग कर दें : उद्धव शिंदे गुट को शिवसेना से अलग कर सकते हैं। हालांकि, इसकी संभावना कम ही दिखती है। शिंदे गुट इस वक्त मजबूत है। सरकार में आने के बाद ये भी संभावना है कि अन्य शिवसेना नेता और सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो जाएं। ऐसी स्थिति में शिवसेना पर शिंदे गुट का दावा ज्यादा मजबूत हो सकता है।
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बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
- फोटो : अमर उजाला
3. कानूनी लड़ाई लड़ें : अगर उद्धव ठाकरे और शिंदे में बात नहीं बनती है तो संभव है कि उद्धव अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखें। अभी शिंदे गुट पर कार्रवाई और फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर है। आगे पार्टी पर दावेदारी को लेकर भी दोनों गुट याचिका दायर कर सकते हैं। उद्धव पहले ही शिंदे गुट को चेतावनी दे चुके हैं कि वह बाला साहेब के नाम का जिक्र न करें।