प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन (17 सितंबर) से ठीक एक दिन पहले अपने गृह राज्य गुजरात के लोगों को एक बड़ी सौगात देने जा रहे है। पीएम मोदी 16 सितंबर को देश की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले है। वंदे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया जा चुका है और इसे चलाने के लिए पहला रूट भी तय हो गया है।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
रेल मंत्रालय ने देश की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन का टाइम टेबल जारी किया है। इस ट्रेन की सेवा भुज से अहमदाबाद के बीच मिलेगी। यह ट्रेन रास्ते में अंजार, गांधीधाम, भचाऊ, समखियाली, हलवद, धांगध्रा, विरमगाम, चांदलोडिया और साबरमती में रुकेगी, जबकि वापसी में यह अहमदाबाद से रवाना होकर साबरमती, चांदलोडिया, वीरमगाम, धांगध्रा, हलवद, समखियाली, भचाऊ, गांधीधाम और अंजार होते हुए भुज पहुंचेगी। इस ट्रेन का संचालन हफ्ते में 6 दिन ही होगा। हर सप्ताह रविवार को भुज से इसकी सेवा नहीं मिलेगी जबकि अहमदाबाद से इसकी सेवा शनिवार को नहीं मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत मेट्रो का ये रूट इसलिए सबसे ज्यादा मुफीद है, क्योंकि इस रूट पर दैनिक यात्रियों की संख्या सर्वाधिक है। इसलिए इन शहरों से इस ट्रेन को लांच किया जा रहा है। नई मेट्रो सर्विस के शुरू होने से भुज और अहमदाबाद के बीच सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को फायदा होगा। इसको इसी मकसद से डिजाइन किया गया है।आने वाले समय में इस देश के दूसरे शहरों के बीच भी शुरू किया जाएगा।
यह टाइम टेबल,इतना होगा किराया
वंदे भारत मेट्रो ट्रेन भुज से सुबह 05.05 बजे रवाना होकर अहमदाबाद सुबह 10:50 बजे पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन अहमदाबाद से शाम 05:30 बजे खुलेगी और रात में 11:10 बजे भुज पहुंचेगी। यह ट्रेन का ठहराव हर स्टेशन पर औसतन 2 मिनट का रहेगा। यह ट्रेन 5 घंटे 45 मिनट में अपनी यात्रा पूरी करेगी। वंदे मेट्रो ट्रेन का किराया कम से कम 30 रुपये रखा गया है। इसके ऊपर यात्री को इस पर जीएसटी भी देय होगा। यदि कोई यात्री इस ट्रेन के जरिए 50 किलोमीटर की यात्रा करता हैं तो उसे 60 रुपये और जीएसटी समेत अन्य चार्ज देना होगा। मतलब कि एक किलोमीटर पर कम से कम 1.20 रुपये का किराया तो चुकाना भी होगा। वंदे मेट्रो ट्रेन में एमएसटी या मंथली सीजनल टिकट भी वैलिड होगा। लेकिन आम मेल और एक्सप्रेस ट्रेन या पैसेंजर ट्रेन के लिए जारी होने वाला एमएसटी इस ट्रेन नहीं चलेगा। इसके लिए अलग से एमएसटी जारी होगा जो कि वीकली, फोर्टनाइटली और मंथली सीजन टिकट होगा। इसके लिए यात्रियों को क्रमश: सात दिन, 15 दिन और 20 दिन का सिंगल जर्नी का किराया चुकाना होगा।
इतनी होगी स्पीड
भारतीय रेलवे ट्रेन को वैसे तो 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। लेकिन रूट में इसकी गति 100 से 150 किमी तक होगी। ये ट्रेन उन यात्रियों के लिए जो नजदीक के बड़े शहरों में नौकरियां करने लिए रोज आते जाते है। ट्रेन में लोगों के सफर को आरामदायक और सुकून भरा बनाने पर जोर दिया गया है। तभी तो इसे आधुनिक फीचर्स से लैस किया गया है। इस ट्रेन को वंदे भारत के ही रोलिंग स्टॉक पर डेवलप किया गया है। इसलिए इसमें ऑटोमेटिक डोर लगाए गए हैं। ट्रेन के चलने के बाद कोई भी यात्री दरवाजे या पायदान पर खड़े नहीं हो सकेंगे। वंदे भारत मेट्रो ट्रेन को फिलहाल 12 कोच के साथ चलाया जा रहा है। हर चार मेट्रो कोच का एक सेट डिजाइन किया गया है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जा सके। रेलवे की योजना बाद में वंदे भारत मेट्रो के कोच की संख्या को बढ़ाकर 16 करने की है।
15 सितंबर को एक साथ 10 वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात
वहीं, पीएम मोदी 15 सितंबर को एक साथ 10 राज्यों के लिए दस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। इन ट्रेनों की सौगात झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश को मिलने जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा ट्रेनों की सौगात बिहार और ओडिशा को मिलने वाली है। वंदे भारत ट्रेन एक सेमी हाई स्पीड ट्रेन है जिसकी रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।