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Mulayam Singh: पत्नी के निधन के तीन महीने बाद दुनिया छोड़ गए मुलायम, अस्पताल में शुरु हुई थी उनकी प्रेम कहानी
Mon, 10 Oct 2022 12:43 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 10 Oct 2022 12:43 PM IST
सार
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का निधन नौ जुलाई को हो गया था। उनके निधन के 93 दिन बाद मुलायम सिंह भी दुनिया छोड़ गए। साधना फेफड़ों के संक्रमण की बीमारी से गुजर रही थीं।
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मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज 82 साल की उम्र में निधन हो गया। मुलायम सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। यूं तो मुलायम की तबियत पिछले दो साल से ज्यादा खराब थी, लेकिन नौ जुलाई को दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के निधन के बाद वह ज्यादा टूट गए थे। पत्नी की मौत के चार महीने के अंदर ही मुलायम सिंह ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
साधना गुप्ता और मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
नौ जुलाई को साधना गुप्ता का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल निधन हुआ था। एक जुलाई को ही साधना गुप्ता ब्लड प्रेशर, शुगर और फेफड़े के संक्रमण सहित अन्य बीमारियों की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 जुलाई को लखनऊ के पिपराघाट पर साधना गुप्ता का अंतिम संस्कार हुआ था। उनके बेटे प्रतीक यादव ने मुखाग्नि दी।
बहू अपर्णा यादव के साथ मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
मुलायम सिंह ने साधना के साथ की थी दूसरी शादी
साधाना की शादी 4 जूलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। इसके एक साल बाद 7 जुलाई साल 1987 को उन्होंने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया। प्रतीक के जन्म के करीब दो साल बाद साधना और चंद्रप्रकाश अलग हो गए। दोनों का तलाक हो गया।
पार्टी की कार्यकर्ता थीं साधना
पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा। वह पार्टी की कार्यकर्ता थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
साधाना की शादी 4 जूलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। इसके एक साल बाद 7 जुलाई साल 1987 को उन्होंने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया। प्रतीक के जन्म के करीब दो साल बाद साधना और चंद्रप्रकाश अलग हो गए। दोनों का तलाक हो गया।
पार्टी की कार्यकर्ता थीं साधना
पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा। वह पार्टी की कार्यकर्ता थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
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पत्नी साधना गुप्ता, बेटे अखिलेश और दूसरी बहू अपर्णा के साथ मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में दोनों के बीच बढ़ गईं नजदीकियां
अखिलेश यादव की बायोग्राफी 'बदलाव की लहर' में मुलायम सिंह और साधना के रिश्ते का भी जिक्र है। इस किताब में बताया गया है कि मुलायम की मां मूर्ती देवी अक्सर बीमार रहती थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल करती थीं। एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस वक्त साधना ने ही नर्स को रोका था। दरअसल, साधना भी नर्स रही थीं। उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने के बाद उन्होंने कुछ दिनों तक नर्सिंग होम में काम भी किया था। जब ये बात मुलायम को मालूम हुई तो वह साधना से काफी प्रभावित हुए। अस्पताल में ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
अखिलेश यादव की बायोग्राफी 'बदलाव की लहर' में मुलायम सिंह और साधना के रिश्ते का भी जिक्र है। इस किताब में बताया गया है कि मुलायम की मां मूर्ती देवी अक्सर बीमार रहती थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल करती थीं। एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस वक्त साधना ने ही नर्स को रोका था। दरअसल, साधना भी नर्स रही थीं। उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने के बाद उन्होंने कुछ दिनों तक नर्सिंग होम में काम भी किया था। जब ये बात मुलायम को मालूम हुई तो वह साधना से काफी प्रभावित हुए। अस्पताल में ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
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मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
दोनों के रिश्ते के बारे में सिर्फ अमर सिंह को मालूम था
शुरुआत में अमर सिंह इकलौते ऐसे शख्स थे जो जानते थे कि मुलायम को प्यार हो गया है। उन्होंने किसी से कहा नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1988 में पहली बार मुलायम ने अखिलेश को साधना गुप्ता से मिलवाया। तब वो 15 साल के थे। कहा जाता है कि उस वक्त अखिलेश को साधना अच्छी नहीं लगीं। एक बार तो साधना ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके कुछ समय बाद मुलायम ने अखिलेश को पढ़ाई के लिए राजस्थान के धौलपुर स्थिति मिलिट्री स्कूल भेज दिया।
शुरुआत में अमर सिंह इकलौते ऐसे शख्स थे जो जानते थे कि मुलायम को प्यार हो गया है। उन्होंने किसी से कहा नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1988 में पहली बार मुलायम ने अखिलेश को साधना गुप्ता से मिलवाया। तब वो 15 साल के थे। कहा जाता है कि उस वक्त अखिलेश को साधना अच्छी नहीं लगीं। एक बार तो साधना ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके कुछ समय बाद मुलायम ने अखिलेश को पढ़ाई के लिए राजस्थान के धौलपुर स्थिति मिलिट्री स्कूल भेज दिया।