फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mehul Choksi: मेहुल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की याचिका सात साल से लंबित; ईडी ने दायर किया था आवेदन

Tue, 15 Apr 2025 08:16 AM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 15 Apr 2025 08:16 AM IST
सार

पंजाब नेशनल बैंक ऋण घोटाले मामले में वांछित भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया। बेल्जियम की संघीय लोक सेवा ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि भगोड़े मेहुल चोकसी को 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में उसे हिरासत में रखा गया है। बेल्जियम का कहना है कि भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भी किया है।

विज्ञापन
Mehul Choksi: petition to declare fugitive economic offender is pending for 7 years ED had filed application
मेहुल चोकसी - फोटो : ANI

बेल्जियम में गिरफ्तार फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका मुंबई की एक अदालत में सात सालों से लंबित है। हालांकि, मेहुल के भतीजे नीरव मोदी को विशेष अदालत पहले ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है। वह 2019 से लंदन की जेल में बंद है।



यह भी पढ़ें- पर्दाफाश: विदेशी साख पत्र की सीमा बढ़वाई ताकि रकम न चुका पाने पर बैंक जिम्मेदार हो, चोकसी ने ऐसे रची साजिश

Mehul Choksi: petition to declare fugitive economic offender is pending for 7 years ED had filed application
मेहुल चोकसी - फोटो : ANI

ईडी ने जुलाई, 2018 में याचिका दायर कर मेहुल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित करने और इस अधिनियम के तहत उसकी संपत्ति जब्त करने की अपील की थी। हालांकि, इस मामले में बार-बार देरी हुई, क्योंकि आरोपियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कई आवेदन दायर किए। इनमें ईडी की याचिका में खामियों का आरोप लगाया गया। 

यह भी पढ़ें- Mehul Choksi Timeline: भारत से फरार हुआ तो अमेरिका भागा, वहां से एंटीगुआ, फिर बेल्जियम; जानें कब क्या-क्या हुआ

Mehul Choksi: petition to declare fugitive economic offender is pending for 7 years ED had filed application
मेहुल चोकसी - फोटो : ANI

इस साल फरवरी में सुनवाई फिर स्थगित होने के बाद ईडी के एक अधिकारी ने कहा था कि अदालतों को तुच्छ आवेदनों से व्यस्त रखा जाता है। याचिका पेश होने के बाद अदालत को सुनवाई जारी रखनी चाहिए थी और भविष्य की कार्यवाही पर निर्णय लेना चाहिए था। उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि वह इसी तरह के आवेदन बार-बार दायर किए जाने पर ध्यान दे और उन पर विचार न करे।

यह भी पढ़ें- मेहुल चोकसी और कानूनी टीम की चालबाजियां शुरू; भारतीय जेलों के हालात पर सवाल उठाने की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
Mehul Choksi: petition to declare fugitive economic offender is pending for 7 years ED had filed application
मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी सुनवाई शुरू नहीं
मेहुल ने ईडी के आवेदन को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और आरोप लगाया था कि एजेंसी ने आवेदन दायर करने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया, इसलिए यह दोषपूर्ण है। साथ ही, उसके भारतीय पासपोर्ट के निलंबन के कारण उसके लिए जांच के लिए वापस आना असंभव हो गया है। हालांकि सितंबर, 2023 में हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी व फैसला सुनाया कि ईडी ने एफईओ एक्ट के तहत निर्धारित प्रारूप का पालन किया है। साथ ही, विशेष अदालत की कार्यवाही पर लगी रोक भी हटा दी।

यह भी पढ़ें- क्या अब भारत लाया जाएगा भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी; कहां, क्यों, कब और कैसे हुआ गिरफ्तार?

विज्ञापन
Mehul Choksi: petition to declare fugitive economic offender is pending for 7 years ED had filed application
मेहुल चोकसी। - फोटो : ANI

इसके बावजूद, मेहुल को एफईओ घोषित करने पर सुनवाई शुरू नहीं हो सकी, क्योंकि चोकसी अपने वकीलों के जरिए विशेष अदालत के समक्ष आवेदन दायर करता रहा। इनमें से ज्यादातर याचिकाएं खारिज कर दी गईं, लेकिन कुछ अभी भी लंबित हैं। ईडी के एफईओ आवेदन पर जारी नोटिस को वापस लेने की याचिका के जरिए कार्यवाही को रोकने का उसकी हालिया कोशिश दिसंबर, 2023 में खारिज कर दी गई थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed