फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मुलायम के 10 यार: आजम-अमर से दोस्ती थी सदाबहार, सियासी मजबूरी में भी ये करते रहे नेता जी का 'कल्याण'

Tue, 11 Oct 2022 05:10 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 11 Oct 2022 05:10 PM IST
सार

यूं तो राजनीति में दुश्मन ज्यादा होते हैं, लेकिन मुलायम के साथ ऐसा नहीं था। मुलायम अपने विरोधियों को भी अपना दोस्त बनाकर रखते थे। दोस्ती भी ऐसी की वैचारिक मतभेद होने के बावजूद लोग उनकी हर तरह से मदद करते थे। आज हम आपको मुलायम सिंह यादव के ऐसे ही दस दोस्तों से रूबरू कराएंगे। 
 

विज्ञापन
Mulayam singh yadav 10 best friends, know about there political background
मुलायम सिंह यादव और उनके दोस्त - फोटो : अमर उजाला
समाजवादी पार्टी के संरक्षक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का सोमवार को निधन हो गया। आज उनके पैतृक गांव सैफई में उनका अंतिम संस्कार होगा। इसमें देशभर के कई दिग्गज राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी। 


यूं तो राजनीति में दुश्मन ज्यादा होते हैं, लेकिन मुलायम के साथ ऐसा नहीं था। मुलायम अपने विरोधियों को भी अपना दोस्त बनाकर रखते थे। दोस्ती भी ऐसी की वैचारिक मतभेद होने के बावजूद लोग उनकी हर तरह से मदद करते थे। आज हम आपको मुलायम सिंह यादव के ऐसे ही दस दोस्तों से रूबरू कराएंगे। 
 
Mulayam singh yadav 10 best friends, know about there political background
कपिल देव बाबू को श्रद्धांजलि देते नीतीश कुमार और मुलायम सिंह यादव। - फोटो : अमर उजाला
1. कपिल देव सिंह: समाजवादी नेता कपिलदेव सिंह और मुलायम सिंह यादव की दोस्ती काफी चर्चित रही। दोनों के रिश्ते समाजवादी आंदोलन के समय की थी। कपिल बिहार के रहने वाले थे। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह कपिल को खूब पसंद करते थे। राममनोहर लोहिया भी कपिल का सम्मान करते थे। कपिल कर्पूरी ठाकुर की सरकार में मंत्री भी थे। हालांकि, मुलायम से उनके रिश्ते काफी अलग थे। जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने कपिल को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहा। कई बार कपिल को मंत्री पद का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बताया जाता है कि उस वक्त कपिल ने साफ कह दिया था कि वह संगठन में काम करके अपने दोस्त को मजबूत बनाएंगे। यही कारण है कि उन्हें समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय प्रधान महासचिव बना दिया गया। कपिल आजीवन सपा के महासचिव रहे। 2002 में जब कपिलदेव का निधन हुआ तो मुलायम की आंखें भर आईं थी। वह उनके अंतिम संस्कार में भी पहुंचे थे। 
 
Mulayam singh yadav 10 best friends, know about there political background
जनेश्वर मिश्र के साथ मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
2. जनेश्वर मिश्र : छोटे लोहिया के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र ने मुलायम से पहले राजनीति में कदम रखा था। वह राम मनोहर लोहिया के करीबी नेताओं में शामिल थे। 1967 में जब मुलायम पहली बार चुनाव लड़े तो उन्होंने अपनी मदद के लिए जनेश्वर मिश्र को ही बुलाया। यहीं से दोनों की दोस्ती मजबूत हो गई। जनेश्वर मिश्र को संगठन का खिलाड़ी माना जाता था। वह इलेक्शन मैनेजमेंट में भी माहिर थे। कैसे माहौल बनाना है, जनेश्वर को बखूबी आता था। एक बार दोस्ती होने के बाद जनेश्वर ने मरते दम तक मुलायम सिंह यादव का साथ दिया। वह हमेशा मुलायम के पीछे खड़े रहे और ताकत दी। 1992 में जब मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की स्थापना की तो जनेश्वर मिश्र को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Mulayam singh yadav 10 best friends, know about there political background
अमर सिंह और मुलायम सिंह यादव। - फोटो : अमर उजाला
3. अमर सिंह : मुलायम का सबसे ज्यादा नाम अमर सिंह के साथ ही जोड़ा जाता है। यूं तो उम्र में अमर सिंह छोटे थे, लेकिन वह मुलायम की जिंदगी का हर राज जानते थे। मुलायम की जिंदगी में किसी पारिवारिक सदस्य से भी ज्यादा अमर सिंह का दखल था। 90 के दशक में दोनों करीब आए। अमर सिंह ने ही मुलायम की दूसरी शादी साधना गुप्ता से कराई थी। समाजवादी पार्टी और खुद मुलायम सिंह यादव को देश की बड़ी फिल्मी हस्तियों के साथ जोड़ने वाले भी अमर सिंह ही थे। उन्होंने मुलायम और अमिताभ बच्चन की दोस्ती कराई। जयाप्रदा को सपा से जोड़ा।  2010 में अमर सिंह को सपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। तब अमर सिंह ने मुलायम पर भी निशाना साथा, लेकिन वह हमेशा इसे हंसकर टाल देते थे। बाद में फिर से मुलायम उन्हें पार्टी में लेकर आए और राज्यसभा का सांसद बनाया। 
 
विज्ञापन
Mulayam singh yadav 10 best friends, know about there political background
बृजभूषण तिवारी को श्रद्धांजलि देते मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
4. बृजभूषण तिवारी : मुलायम और बृजभूषण की दोस्ती भी लोहिया आंदोलन के समय की थी। बृजभूषण और डॉ. राममनोहर लोहिया अच्छे दोस्त हुआ करते थे। आंदोलन के दौरान ही मुलायम भी बृजभूषण के नजदीक आए। दोनों की दोस्ती इस कदर थी कि दोनों ने हर स्तर पर एक-दूसरे का साथ दिया। 1991 में एक बार बृजभूषण का मुलायम ने खुले मंच से बृजभूषण का प्रचार किया और हवा का रूख बदल दिया। नतीजा निकला कि बृजभूषण भारी मतों से चुनाव जीत गए। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed