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Narendra Modi Birthday: आम आदमी से जुड़ी दस योजनाएं, जानें आपकी जिंदगी पर इनका क्या असर पड़ा?
Sat, 17 Sep 2022 10:26 AM IST
हिमांशु मिश्रा
रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 17 Sep 2022 10:26 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 72 साल के हो गए। देशभर में उनका जन्मदिन सेवा सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है।
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Happy Birthday Prime minister Narendra Modi
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। पीएम 72 साल के हो गए हैं। देशभर में अलग-अलग तरह से पीएम मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने हुए भी आठ साल पूरे हो चुके हैं। 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में वे दोबारा प्रधानमंत्री बने। इससे पहले 2001 से 2014 तक वह गुजरात के मुख्यमंत्री रहे।
प्रधानमंत्री जनधन योजना
- फोटो : अमर उजाला
1. पीएम जनधन योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना के माध्यम से देश के सभी लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत अब तक 46 करोड़ से भी अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिनमें 1.74 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार इस योजना की सहायता से देश के 67% ग्रामीण आबादी की पहुंच अब बैंकिंग सेवाओं तक हो चुकी है। इसके अलावा 56% महिलाओं ने भी जनधन खाते खुलवाए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना के माध्यम से देश के सभी लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत अब तक 46 करोड़ से भी अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिनमें 1.74 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार इस योजना की सहायता से देश के 67% ग्रामीण आबादी की पहुंच अब बैंकिंग सेवाओं तक हो चुकी है। इसके अलावा 56% महिलाओं ने भी जनधन खाते खुलवाए हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना
- फोटो : अमर उजाला
2. सुकन्या समृद्धि योजना
देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और उनकी और तरक्की के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। पैसे के कारण जो परिवार अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सकते थे खास तौर पर लड़कियों को, उनकी चिंता दूर करने के लिए सरकार सुकन्या समृद्धि योजना लेकर आई। इसमें निवेश कर बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक के खर्चे के पैसे जोड़ सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों का खाता उनके माता-पिता के नाम पर ही खुलता है। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना 21 साल में मैच्योर होती है। हालांकि, लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पढ़ाई के लिए इस खाते से राशि निकाली जा सकती है, लेकिन पूरी रकम 21 साल के बाद ही मिलती है।
देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और उनकी और तरक्की के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी, 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। पैसे के कारण जो परिवार अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सकते थे खास तौर पर लड़कियों को, उनकी चिंता दूर करने के लिए सरकार सुकन्या समृद्धि योजना लेकर आई। इसमें निवेश कर बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक के खर्चे के पैसे जोड़ सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों का खाता उनके माता-पिता के नाम पर ही खुलता है। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना 21 साल में मैच्योर होती है। हालांकि, लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पढ़ाई के लिए इस खाते से राशि निकाली जा सकती है, लेकिन पूरी रकम 21 साल के बाद ही मिलती है।
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प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
- फोटो : अमर उजाला
3. उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को इस योजना को लॉन्च किया था। योजना की शुरुआत में पांच करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य था। बाद में इसे बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया गया। आठ करोड़ कनेक्शन मार्च 2020 तक दिए जाने थे। इसे सरकार ने सात महीने पहले यानी अगस्त 2019 में ही पूरा कर लिया। 2021-22 में एक करोड़ कनेक्शन और बांटने का लक्ष्य रखा गया। अगस्त 2021 में प्रधानमंत्री ने उज्जवला 2.0 की शुरुआत की। अब तक इस योजना के तहत 9.17 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
योजना का असर: इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब महिलाओं को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।
योजना को लेकर क्या सवाल हैं: उज्ज्वला गैस योजना के असर पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। कहा जाता है कि पहली बार तो गैस सिलेंडर मुफ्त मिलता है, लेकिन जब दूसरी बार भरवाने की बारी आती है तो इसकी भारी रकम की वजह से गरीब ऐसा नहीं करा पाते। हाल ही में एक आरटीआई में भी ऐसा ही खुलासा हुआ। इसमें बताया गया कि करीब 90 लाख लाभार्थियों ने उज्ज्वला योजना में मिले सिलेंडर को एक बार भी नहीं भरवाया। वहीं, 1.08 करोड़ लाभार्थियों ने पिछले एक साल में केवल एक बार सिलेंडर रिफिल करवाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को इस योजना को लॉन्च किया था। योजना की शुरुआत में पांच करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य था। बाद में इसे बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया गया। आठ करोड़ कनेक्शन मार्च 2020 तक दिए जाने थे। इसे सरकार ने सात महीने पहले यानी अगस्त 2019 में ही पूरा कर लिया। 2021-22 में एक करोड़ कनेक्शन और बांटने का लक्ष्य रखा गया। अगस्त 2021 में प्रधानमंत्री ने उज्जवला 2.0 की शुरुआत की। अब तक इस योजना के तहत 9.17 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
योजना का असर: इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब महिलाओं को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।
योजना को लेकर क्या सवाल हैं: उज्ज्वला गैस योजना के असर पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। कहा जाता है कि पहली बार तो गैस सिलेंडर मुफ्त मिलता है, लेकिन जब दूसरी बार भरवाने की बारी आती है तो इसकी भारी रकम की वजह से गरीब ऐसा नहीं करा पाते। हाल ही में एक आरटीआई में भी ऐसा ही खुलासा हुआ। इसमें बताया गया कि करीब 90 लाख लाभार्थियों ने उज्ज्वला योजना में मिले सिलेंडर को एक बार भी नहीं भरवाया। वहीं, 1.08 करोड़ लाभार्थियों ने पिछले एक साल में केवल एक बार सिलेंडर रिफिल करवाया।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
- फोटो : अमर उजाला
4. पीएम किसान सम्मान निधि
छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है) को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना के तहत सरकार किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये देती है। ये राशि तीन किश्तों में दी जाती है।
योजना का असर: सरकार की तरफ से मिलने वाली इस निधि से छोटे किसानों को काफी फायदा मिला है। इसके जरिए किसान आसानी से अपनी फसल तैयार कर पाते हैं। खाद, बीज, पानी और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।
योजना को लेकर क्या सवाल हैं: यूं तो इस योजना पर कोई सवाल नहीं उठता है, लेकिन कई बार विपक्ष इस राशि को बढ़ाने की मांग उठा चुका है।
छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है) को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना के तहत सरकार किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये देती है। ये राशि तीन किश्तों में दी जाती है।
योजना का असर: सरकार की तरफ से मिलने वाली इस निधि से छोटे किसानों को काफी फायदा मिला है। इसके जरिए किसान आसानी से अपनी फसल तैयार कर पाते हैं। खाद, बीज, पानी और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।
योजना को लेकर क्या सवाल हैं: यूं तो इस योजना पर कोई सवाल नहीं उठता है, लेकिन कई बार विपक्ष इस राशि को बढ़ाने की मांग उठा चुका है।