ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि उन्होंने बालासोर में आत्मदाह का प्रयास करने वाली छात्रा के आगे के इलाज के बारे में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के साथ बैठक करने के लिए अपने साथियों से चर्चा की है। 90% जल चुकी छात्रा ने एक शिक्षक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। छात्रा के इलाज के लिए अगले 24 घंटे अहम होने के कारण राज्य सरकार ने जरूरत पड़ने पर उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली ले जाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव के साथ आज सुबह भुवनेश्वर एम्स में पीड़िता से मुलाकात की।
बालासोर: छात्रा के आत्मदाह मामले में क्या-क्या हुआ? अगले 24 घंटे अहम; सीएम बोले- जरूरत पड़ी तो एयरलिफ्ट करेंगे
इससे पहले शनिवार को फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय की एक छात्रा ने अपने शिक्षक की ओर से कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में आत्मदाह का प्रयास किया था। साहू को बालासोर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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एम्स भुवनेश्वर के निदेशक ने क्या कहा?
एम्स भुवनेश्वर के निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने आश्वासन दिया कि चिकित्सा टीम बालासोर आत्मदाह मामले की पीड़िता को सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रही है। उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। छात्रा को गंभीर रूप से जलने के बाद एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था, उसका शरीर लगभग 90-95% जल गया था। वह फिलहाल आईसीयू में वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत गंभीर है।
क्या है मामला?
इससे पहले शनिवार को फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय की एक छात्रा ने अपने शिक्षक की ओर से कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में आत्मदाह का प्रयास किया था। ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम ऑटो कॉलेज की सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू के खिलाफ कथित उत्पीड़न मामले की गहन जांच के लिए शनिवार को एक समिति का गठन किया था। साहू को बालासोर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
प्राचार्य और सहायक प्रोफेसर निलंबित
इस बीच ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 जुलाई को कॉलेज की एक छात्रा की ओर से आत्मदाह करने के मामले के बाद और मामले के प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर शैक्षिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर (स्टेज-I) समीरा कुमार साहू को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एफएम (ऑटो) कॉलेज, बालासोर के सहायक प्रोफेसर और प्राचार्य दिलीप कुमार घोष को भी निलंबित कर दिया है। पत्र में लिखा है, 'सरकार का मानना है कि दिलीप कुमार घोष ने मामले को ठीक से नहीं संभाला है। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। उन्हें ओडिशा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1962 के नियम 12 के उप-नियम (2) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।'
पुलिस ने क्या कहा?
बालासोर के एसपी राज प्रसाद के मुताबिक, पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा, 'आत्मदाह का प्रयास करने वाली छात्रा के मामले में शिक्षक के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत जुटाए गए हैं। उसे गिरफ्तार कर अदालत भेज दिया गया है। इस छात्रा ने 30 जून को आंतरिक अनुपालन समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। हम उनकी रिपोर्ट के निष्कर्षों की जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।'
सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी
ओडिशा के शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि राज्य सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। घटना की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति के निष्कर्षों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी आत्मदाह मामले की रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अध्यक्ष विजया राहतकर ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़िता को सभी आवश्यक चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता निःशुल्क प्रदान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए।