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आजादी के इस मतवाले के सामने थरथराते थे अंग्रेज, जल्लादों ने फांसी देने से कर दिया था मना

Mon, 08 Apr 2019 01:55 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Mon, 08 Apr 2019 01:55 PM IST
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On April 8, British had given hanging to Mangal Pandey, know about today history
मंगल पांडे (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
आठ अप्रैल यानि आज का दिन भारत के इतिहास में कई मायनों में खास है। आज ही के दिन मंगल पांडे को फांसी दी गई थी तो आज ही भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे आजादी के परवानों ने दिल्ली के सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था। 
On April 8, British had given hanging to Mangal Pandey, know about today history
प्रतीकात्मक तस्वीर
आठ अप्रैल को ही भारत और पाकिस्तान के बीच लियाकत-नेहरू समझौता हुआ था। देश की आने वाली पीढ़ियां आजाद हवा में सांस ले सकें और उनका भविष्य सुरक्षित हो, इसके लिए देश के कई नौजवानों ने आज के दिन अपने वर्तमान की कुर्बानी दे दी थी। 
On April 8, British had given hanging to Mangal Pandey, know about today history
मंगल पांडे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
देश के लिए जान कुर्बान करने बाले युवाओं में से ही एक थे मंगल पांडे। 1857 में देश में आजादी की पहली चिंगारी सुलगाने वाले मंगल पांडे को आठ अप्रैल के दिन फांसी दे दी गई थी। मंगल पांडे से अंग्रेज अधिकारी इस कदर खौफ खाने लगे थे कि उन्हें निर्धारित तिथि से 10 दिन पहले ही फांसी पर लटका दिया गया था।
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मंगल पांडे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

आजादी के दीवाने मंगल पांडे से अंग्रेस इस कदर डरते थे कि अंग्रेजी हुकूमत के जल्लादों ने उन्हें फांसी पर लटकाने से मना कर दिया था। जंग-ए-आजादी के इस महानायक ने जिंदा रहते जो बिगुल फूंका, उनकी शहादत ने देश के कोने-कोने में क्रांति का रूप ले लिया था।

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सरदार भगत सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

मंगल पांडे के अलावा आज ही के दिन देश में धधकती आजादी की आंच पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे आजादी के परवानों ने आठ अप्रैल 1929 को ही दिल्ली के सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था। 

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