आंध्र प्रदेश में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां विशाखापत्तनम के पास सिंहाचलम में वराह लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर के नजदीक एक दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। दरअसल, इलाके में भारी बारिाश हुई थी। इस वजह से यह दीवार काफी गीली थी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्राबाबू नायडू ने घटना पर दुख जताया है और इलाके के कलेटर-एसपी से बात कर पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है।
विशाखापत्तनम में हादसा: भारी बारिश से मिट्टी धंसी, चंदनोत्सवम के टिकट के लिए कतार में खड़े लोगों पर गिरी दीवार
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में चंदनोत्सव के दौरान दीवार का 20 फीट लंबा हिस्सा गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। साथ ही कई लोग घायल भी हुए हैं। एनडीआरएफ और एपीएसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
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मंदिर की दीवार गिरने से सात की मौत
बताया गया कि बुधवार की सुबह सिह्माचलम में श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में बारिश से भीगी दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त किया और 'एक्स' पर लिखा, 'सिह्माचलम में सात श्रद्धालुओं की मौत से बहुत दुखी हूं। परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं और पीड़ितों के लिए निरंतर समीक्षा और सहायता का आदेश दिया है।'
घटना के वक्त राज्य की गृह मंत्री मंदिर के अंदर थीं
राज्य की गृह मंत्री वी अनिता घटना के दौरान मंदिर में ही मौजूद थीं। उन्होंने तत्काल ही घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा, 'हम सभी बारिश में भीग गए थे। जैसे ही मैं मंदिर से बाहर आई, मुझे घटना की जानकारी दी गई। घायलों को अस्पताल ले जाया गया।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बचाव कार्य में कोई लापरवाही नहीं हुई।
विस्तृत जांच चल रही
धर्मस्व मंत्री रामनारायण रेड्डी ने इस त्रासदी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का एलान किया। मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि हादसे का कारण बारिश के कारण मिट्टी का धंसना या दीवार को कमजोर पड़ जाना हो सकता है। हालांकि, विस्तृत जांच चल रही है।
आठ श्रद्धालु मलबे में फंसे हुए थे
हादसे के बाद बचाव अभियान चल रहा है। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य अधिकारियों की टीमें शामिल हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) कर्मियों के मुताबिक, आठ श्रद्धालु मलबे में फंसे हुए थे। बचाव अभियान के दौरान सात शव निकाले गए, इसमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने दुख व्यक्त किया
पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने घायलों को सबसे अच्छी चिकित्सा सहायता और पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वैकुंठ द्वार दर्शन के दौरान भी हुआ था हादसा
इस साल की शुरुआत में तिरुमाला पहाड़ियों पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने का इंतजार कर रहे छह श्रद्धालु तिरुपति में भगदड़ में मारे गए थे।