उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ। रविवार को सुबह-सुबह श्री केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलिकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो साल का बच्चा भी शामिल है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें बचाव-कार्य में लगी हुई हैं। अगले आदेश तक हेलिकॉप्टर सेवाएं रोक दी गई हैं।
Uttarakhand Helicopter Crash: हेलिकॉप्टर हादसे की जांच AAIB करेगी, मृतकों में तीन महाराष्ट्र के; जानिए सबकुछ
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) उत्तराखंड में गौरीकुंड के पास हुए हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच करेगा। दरअसल, रविवार की सुबह सेक्टर 'श्री केदारनाथ जी-आर्यन हेलीपैड, गुप्तकांशी' पर संचालित आर्यन एविएशन बेल 407 हेलिकॉप्टर VT-BKA दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई।
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इस बीच महाराष्ट्र के एक पूर्व विधायक ने बताया कि रविवार को उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर के पास एक हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले एक दंपती और उनकी दो वर्षीय बेटी सहित सात लोगों की मौत हो गई। हेलिकॉप्टर ने सुबह करीब 5.30 बजे केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी थी और कुछ ही देर बाद गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, जान गंवाने वालों में पांच तीर्थयात्री, पायलट और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का एक कर्मचारी शामिल है।
पूर्व वानी विधायक विश्वास नांदेकर ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजकुमार जायसवाल, उनकी पत्नी श्रद्धा और उनकी दो वर्षीय बेटी काशी शामिल हैं। सभी यवतमाल के रहने वाले थे। उनके पारिवारिक मित्रों के मुताबिक, जायसवाल अपने परिवार के सदस्यों के साथ 12 जून को यवतमाल के वानी से भगवान केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे।
सीएम धामी ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव आनंद वर्धन, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिव सचिन कुर्वे, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हेली सेवाओं के संचालन के लिए एक सख्त एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जाए, जिसमें हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूरी जांच अनिवार्य की जाए। हेली संचालन से पहले मौसम की स्थिति की भी जांच की जाए।
- मुख्य सचिव को तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो हेली संचालन के सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।
- सीएम धामी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य में पूर्व में हुई हेलिकाप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति पूर्व में हुई हेली दुर्घटनाओं के साथ ही रविवार की हेली दुर्घटना के हर पहलू की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
1. विक्रम (46) निवासी ग्राम रांसी, तहसील ऊखीमठ, जिला रुद्रप्रयाग
इनकी गई जान
2. विनोद देवी (66) निवासी हाउस नंबर. 429, सिविल लाइन 2, बिजनोरराम बैग कॉलोनी, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
3. तुस्ती सिंह (19) निवासी हाउस नंबर 429, सिविल लाइन 2, बिजनोरराम बैग कॉलोनी, बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
4. राजुकुमार सुरेश जायसवाल(41) निवासी वाणी नंदेपेरा रोड, सैन मंदिर, महाराष्ट्र।
5. शारदा राजकुमार जायसवा (35) निवासी वाणी नंदेपेरा रोड, सैन मंदिर, महाराष्ट्र।
6. काशी (23 महीने की बच्ची) निवासी, वाणी नंदेपेरा रोड, सैन मंदिर, महाराष्ट्र।
7. कैप्टन राजीव, रेसि. राजस्थान. (आर्यन एविएशन)
दुर्घटना स्थल गौरीकुंड से लगभग 5 किमी ऊपर स्थित है, जिसे गौरी माई खर्क के नाम से जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलिकॉप्टर केदारघाटी में गौरीकुंड और त्रिजुगीनारायण के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसमें आग लग गई। रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने कहा कि खराब मौसम के कारण शून्य दृश्यता के कारण दुर्घटना हुई।