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Vice President Election : अब तक उपराष्ट्रपति के लिए क्यों नहीं घोषित हुए उम्मीदवार? जानें दो बड़े कारण

Wed, 13 Jul 2022 11:35 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 13 Jul 2022 11:35 PM IST
सार

19 जुलाई तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होनी है। मतलब नामांकन के लिए अब केवल छह दिन बचे हैं, लेकिन अब तक न तो भाजपा की अगुआई वाली एनडीए और न ही विपक्ष की तरफ से कोई उम्मीदवार घोषित किया गया है।

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Vice President Election: Why BJP and Opposition yet not declared Vice Presidential candidates? Know two big reasons
उपराष्ट्रपति चुनाव - फोटो : अमर उजाला
छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। 19 जुलाई तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होनी है। मतलब नामांकन के लिए अब केवल छह दिन बचे हैं, लेकिन अब तक न तो भाजपा की अगुआई वाली एनडीए और न ही विपक्ष की तरफ से कोई उम्मीदवार घोषित किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों अब तक उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए? 
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उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आंकड़े क्या कहते हैं? किसका पलड़ा भारी है और कौन जीत सकता है चुनाव? आइए समझते हैं...
 
Vice President Election: Why BJP and Opposition yet not declared Vice Presidential candidates? Know two big reasons
उपराष्ट्रपति चुनाव - फोटो : अमर उजाला
अब तक क्यों नहीं घोषित हुए उम्मीदवार? 

1. भाजपा में मंथन, विपक्ष का इंतजार : भारतीय जनता पार्टी में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर मंथन आखिरी चरण में है। मुख्तार अब्बास नकवी से लेकर कई नामों पर चर्चा हो चुकी है। बताया जाता है कि 15 जुलाई तक नाम का एलान कर दिया जाएगा। वहीं, विपक्ष अभी भाजपा उम्मीदवार के घोषित होने का इंतजार कर रहा है। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने बताया कि भाजपा उम्मीदवार के घोषित होने के बाद कोई फैसला लिया जा सकता है। राष्ट्रपति चुनाव की तरह इस बार जल्दबाजी नहीं की जाएगी। 

2. सहयोगी दलों को मनाने में जुटा विपक्ष : कांग्रेस इस बार सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटी है। बताया जाता है कि इसके लिए अलग-अलग नेताओं को लगाया गया है। राष्ट्रपति चुनाव की तरह इस बार विपक्ष न बिखरे इसके लिए कोशिश हो रही है। 
 
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Vice President Election: Why BJP and Opposition yet not declared Vice Presidential candidates? Know two big reasons
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
भाजपा किसे बना सकती है उम्मीदवार?
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर भाजपा की रणनीति समझने के लिए हमने भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के एक नेता से संपर्क किया। उन्होंने बताया, 'उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार उत्तर, पश्चिम या पूर्वोत्तर भारत के किसी राज्य से हो सकता है। हालांकि, पार्टी का फोकस दक्षिण के राज्यों पर भी है। ऐसे में उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार भी दक्षिण से बनाया जा सकता है।'

उन्होंने कहा 'कई राज्यों के अलग-अलग नामों पर मंथन चल रहा है। देश के इतिहास में आज तक कोई महिला उपराष्ट्रपति नहीं रहीं हैं। संभव है कि इस बार इतिहास बनाया जाए। अगर ऐसा होता है तो ये एक नया रिकॉर्ड होगा। पहली बार ऐसा होगा जब देश में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों ही महिला होंगी।' 

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अजय बताते हैं कि भाजपा की तरफ से किसी महिला के अलावा, सिख, मुस्लिम, ओबीसी या सामान्य वर्ग के संभावित नामों पर भी चर्चा हो रही है। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट से भी किसी को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो पहली बार नॉर्थ ईस्ट से कोई उपराष्ट्रपति बनेगा। अगर नामों की बात करें तो अब तक मुख्तार अब्बास नकवी, आरिफ मोहम्मद खान, नजमा हेपतुल्ला, आनंदीबेन पटेल, बीएस येदियुरप्पा, कैप्टन अमरिंदर सिंह, एस एस आलुवालिया समेत कई अन्य नामों की भी चर्चा हो चुकी है। 
 
Vice President Election: Why BJP and Opposition yet not declared Vice Presidential candidates? Know two big reasons
उपराष्ट्रपति चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
अब चुनाव के बारे में जान लीजिए
1. संसद के दोनों सदनों के सदस्य वोट डालते हैं: उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होता है।  संसद के दोनों सदनों के सदस्य इसमें हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित सांसदों के साथ-साथ विधायक भी मतदान करते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद ही वोट डाल सकते हैं। 

2. मनोनीत सांसद भी डाल सकते हैं वोट: राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं डाल सकते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसा नहीं है। उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसे सदस्य भी वोट कर सकते हैं। राज्यसभा में 12 मनोनीत सदस्य होते हैं। अभी इनमें से तीन खाली हैं। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले इन तीन सीटों को भरा जा सकता है।   
 
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उपराष्ट्रपति चुनाव - फोटो : अमर उजाला
अब आंकड़ो से जानिए कितने सदस्य वोट डालेंगे? 
अभी लोकसभा में सदस्यों की संख्या पूरी है। मतलब पूरे 543 सांसद हैं। वहीं, राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें 12 नामित सांसद रहते हैं। मौजूदा समय में आठ सीटें खाली हैं। इनमें चार जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के कारण जबकि एक सीट त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बने माणिक साहा ने छोड़ी है। तीन अन्य नामित सदस्यों की सीट भी खाली है। सरकार उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले नामित सदस्यों के लिए खाली सीटें भर सकती है।  

इस लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा वोटर्स के आंकड़े सामने आते हैं। पहला ये कि मौजूदा स्थिति में चुनाव में 237 राज्यसभा सांसद वोट करेंगे। दूसरा यह कि 240 सदस्य वोट कर सकते हैं। 240 सदस्य तब वोट करेंगे जब नामित सदस्यों के तीन खाली पदों को भर दिया जाए। 

अब ओवरऑल वोटर्स के आंकड़ों पर नजर डालते हैं। अगर राज्यसभा के 240 सदस्य वोट डालते हैं तो ओवरऑल वोटर्स की संख्या 783 हो जाएगी, लेकिन अगर राज्यसभा के 237 वोटर्स होंगे तो ये आंकड़ा घटकर 780 हो जाएगा। 
 
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