राजस्थान के कई इलाकों में मानसून सक्रिय हो चुका है। कुछ जगह मानसून पूर्व बारिश के दौर चल रहे है। कमोबेश राजस्थान के हर इलाके में बारिश हो चुकी है। इस बारिश ने अरावली को हरा—भरा कर दिया है। इसे देख लगता है कि पहाड़ियों ने हरी चादर ओढ़ ली है।
फुहारों में होता है हिल स्टेशन का अहसास
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बारिश के दौरान जयपुर का नजारा
- फोटो : Amar Ujala
माउंट आबूू राजस्थान का शिमला कहलाता है। ऐसा ही अहसास बारिश के दौरान जयपुर में भी होता है। बारिश में यहां नाहरगढ़ की पहाड़ियां भी किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगती। फुहारों के बीच यहां पिकनिक का अपना अलग ही मजा है। बारिश के दौरान इन पहाड़ियों से जयपुर का नजारा देखते ही बनता है।
पहाड़ियों से इस झील का ये नजारा कर देता है रोमांचित
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मानसागर झील
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पिंकसिटी जयपुर में मानसागर झील प्रमुख पर्यटक स्थल है। इसे जयपुर की चौपाटी भी कह सकते है। वीकेंड की शाम यहां खास होती है। वैसे सामान्य दिनों भी यहां देसी—विदेशी सैलानी काफी नजर आते है। कैमल राइडिंग और बच्चों के लिए इलैक्ट्रिक कार की सवारी यहां का प्रमुख आकर्षण है। मानसून के दौरान नाहरगढ़ की पहाड़ी से इस झील का नजारा देखते ही बनता है।
पहाड़ियां एक बारिश में हो जाती है हरी-भरी
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हरा भरी हुई नाहरगढ़ की पहाड़ी
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अरावली पर्वतमाला मरू प्रदेश राजस्थान की लाइफ लाइन है। इस पर्वतमाला के कारण यहां का मानसून प्रभावित रहता है। बड़ी बात यह है कि यहां पहाड़ियां एक—दो बारिश के बाद ही अपना रंग बदलने लगती है। दरअसल यहां ज्यादातर धौंक है। जो एक-दो बारिश में हरे हो जाते है।
पर्यटकों की बढ़ जाती है आवाजाही
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पर्यटकों की बढ़ जाती है आवाजाही
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मानसून के दौरान नाहगढ़ की पहाड़ियों में स्थित पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की आवाजाही बन जाती है। नाहरगढ की पहाड़ी पर जयगढ़, नाहरगढ, चरण मंदिर, गढ़ गणेश, आमेर किला जैसे कई पर्यटक स्थल है। वैसे तो आम दिनों भी यहां सैलानियों की रौनक रहती है, बारिश के बाद यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती है।